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खेल का जुनून : ठेके पर ली जमीन और बना दिया खेल मैदान

locationहनुमानगढ़Published: Jul 20, 2016 09:24:08 am

Submitted by:

jainarayan purohit

गांव में कृषि भूमि ठेके पर लेकर उसमें खेती के बजाय क्रिकेट का मैदान बना दिया। यहां गांव का कोई भी खिलाड़ी अभ्यास कर सकता है।

Play ground prepared in village Chandda
Play ground prepared in village Chandda
अनुराग थरेजा. हनुमानगढ़. युवाओं में खेलने की ललक। मैदान में हुनर तराश कर प्रदेश व देश का नाम रोशन करने का जुनून। मगर खेल मैदान का अभाव आड़े आ गया। इससे युवा निराश नहीं हुए बल्कि मदद के लिए सरकारी तंत्र का मुंह तकने के बजाय समस्या के समाधान में जुट गए। खेल मैदान को लेकर ऐसा मन में ठाना कि ठेके पर जमीन लेकर वहां खेलना शुरू कर दिया। यह कहानी है गांव चंदड़ा के खेल प्रेमियों और खिलाडिय़ों के जुनून की। गांव में कोई खेल मैदान नहीं था। 
युवाओं ने सरपंच, जन प्रतिनिधियों व सरकारी अधिकारियों से कई बार खेल मैदान के लिए जगह उपलब्ध करवाने की मांग की। जब कहीं से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला तो गांव में कृषि भूमि ठेके पर लेकर उसमें खेती के बजाय क्रिकेट का मैदान बना दिया। यहां गांव का कोई भी खिलाड़ी अभ्यास कर सकता है। इसके लिए युवाओं ने बैअंत सिंह को संगरिया मार्ग स्थित उनकी तीन बीघा जमीन ठेके पर लेने का प्रस्ताव दिया। ठेके का बाजार भाव पच्चीस हजार प्रति बीघा होने के बावजूद खेल के प्रति युवकों का जुनून देखते हुए बैअंत सिंह ने उनको पंद्रह हजार रुपए प्रति बीघा के हिसाब से एक साल के लिए तीन बीघा भूमि ठेके पर दे दी। बस फिर क्या था, जमीन मिलते ही युवाओं ने मेहनत शुरू कर दी। एक महीने में क्रिकेट का मैदान तैयार कर डाला।
हो वॉलीबाल मैदान भी

मैदान में खेलने वालों की उम्र 11 से 32 वर्ष के बीच है। हर किसी में खेलने का जुनून है। इनको उम्मीद है कि कभी न कभी प्रशासन भी आगे आकर इनकी मदद करेगा। अभी इस मैदान में बैठने व पेयजल की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में सभी युवा जन सहयोग से यह सुुविधाएं भी मुहैया कराने की योजना बना रहे हैं। ग्रामीणों की इच्छा है कि एक वॉलीबाल ग्राउंड भी गांव में होना चाहिए।
अब प्रशिक्षक पर विचार

प्रतिदिन सुबह साढ़े पांच से सात बजे तक व शाम को छह से साढ़े सात बजे तक गांव चंदड़ा के चालीस व आसपास के कई युवा मैदान पर क्रिकेट का अभ्यास करते हैं। ग्रामीण वहां ओपन टूर्नामेंट भी करवाने जा रहे हैं। खेल प्रेमी लवप्रीत सिंह ने बताया कि जन सहयोग से राशि एकत्र कर प्रशिक्षक लाने पर भी विचार किया जा रहा है ताकि ताकि युवा क्रिकेटरों को आगे बढऩे का मौका मिल सके।
जिम भी नि:शुल्क 

गांव चंदड़ा को मिनी चंडीगढ़ भी कहा जाता है। करीब छह साल पहले जहां हनुमानगढ़ में एक ही जिम हुआ करती थी। उस वक्त गांव के युवाओं ने डेढ़ लाख की लागत से सरकारी स्कूल में जिम तैयार की थी। इसमें वेट लिफ्टिंग से लेकर रनिंग मशीन तक उपलब्ध कराई गई थी। जिम में आने वालों से कोई शुल्क नहीं लिया जाता। खेल मैदान को तैयार करने में लवप्रीत सिंह, बबल प्रीत सिंह, अमनदीप सिंह, मनप्रीत, सुनील जोशी, गुरप्रीत, मनप्रीत, मनी, अकरम खान, जयदीप आदि का विशेष सहयोग रहा।

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