सीएम योगी को काला झंडा दिखाने वाले सपा नेता की पुलिस पिटाई के बाद बिगड़ी तबियत, लाया गया जिला अस्पताल

सीएम योगी को काला झंडा दिखाने वाले सपा नेता की पुलिस पिटाई के बाद बिगड़ी तबियत, लाया गया जिला अस्पताल

Ashish Shukla | Publish: Sep, 16 2018 04:23:50 PM (IST) Jaunpur, Uttar Pradesh, India

पुलिस पर लगा था पिटाई का आरोप, प्लास से नाखून उखाड़ने तक की कही जा रही है बात

जौनपुर. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को काला झंडा दिखाने के आरोप में गिरफ्तार सपा नेता रजनीश मिश्र पर पुलिसिया कहर बरपाने का आरोप तो लगा ही था। लेकिन अब इस आरोप के बाद पुलिस पर शक भी पैदा होने लगा है। रजनीश मिश्रा की तबियत बहुत अधिक बिगड़ने लगी है। जिसके बाद उन्हे जिला अस्पताल लाया गया है। जहां उनका इलाज किया जा रहा है। ये खबर मिलते ही प्रशासन के हाथ पैर फूल गये हैं। वहीं सपा के नेताओं ने जिला अस्पताल की ओर रूख करना शुरू कर दिया है। माना जा रहा है कि अगर सपा नेता की तबियत में जल्द सुधार न हुआ तो प्रशासन को सपाईयों के गुस्से का सामना करना पड़ सकता है।

जी हां शनिवार की सुबह तेजी से ये खबर फैलने लगी थी कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को काला झंडा दिखाने वाले सपा के नेता रजनीश मिश्रा को पुलिस ने बड़ी बर्बरता से पीटा है। दोपहर तक तो पुलिस इन आरोपों से लगातार इनकार करती रही। लेकिन दोपहर होते उस समय अफरा-तफरी मच गई। जब रजनीश मिश्र को जिला अस्पताल ले जाया गया। पुलिस पर आरोप लगा था कि प्लास से सपा नेताके पैरों के नाखून उखाड़ दिए गए। अंगुलियों को उसी प्लास से दबा दिया गया। थाने से लेकर जेल तक दी गई यातनाओं की दास्तान उन्होंने शनिवार को सुनाई थी।

बतादें कि मुलायम यूथ ब्रिगेड के प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य रजनीश मिश्र को पुलिस ने गुरुवार को सीएम योगी आदित्यनाथ को काला झंडा दिखाने के आरोप में गिरफ्तार किया था। उन्हें शुक्रवार की शाम जेल से रिहा किया गया। नगर के सिपाह स्थित एक होटल में रजनीश ने पीठ, गर्दन, हाथ, और पैर में चोट के निशान दिखाते हुए कहा कि उनका मेडिकल कराने के बाद पुलिस थाने ले आई और वहां बर्बरता से उनकी पिटाई की। लाठी और जूतों से मारा गया और उनके पैर के अंगूठे व अंगुली के नाखून प्लास से उखाड़े गए। जेल में बंदी से पिटवाने की कोशिश की गई। वह भागते हुए जेलर के पास गए तो बंदी जेलर के पास पहुंच गया और उनके सामने भी उन्हें गालियां देता रहा। आरोप है कि जेल में उनकी हत्या कराने की योजना थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चरमराई कानून व्यवस्था, शिक्षक भर्ती में आदि जनविरोधी नीतियों के विरोध के लिए काला झंडा दिखा रहे थे। तभी पुलिस वाले लाठी से पीटते हुए थाने ले गए। इसका वीडियो भी वायरल हुआ था।

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