राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का बड़ा बयान, कहा, दहेज मांगने पर शादी तोड़ दें लड़कियां

पूर्वांचल विवि के 23वें दीक्षांत समारोह में पहुंची थीं आनंदीबेन पटेल

By: Ashish Shukla

Updated: 03 Dec 2019, 09:36 PM IST

जौनपुर. शादी में अगर दूल्हा और ससुराल वाले दहेज मांगें तो दुल्हन को चाहिए कि वो शादी तोड़ दे। दूल्हे को बैरंग भेज बता दे कि कोई और रिश्ता तलाश करो। छात्रों को भी ललकारते हुए कहा कि बिना दहेज शादी के लिए आगे आएं। वे मंगलवार को विवि के 23वें दीक्षांत समारोह में शामिल होने पहुंची थीं।

उन्होंने कहा कि समाज और देश को पीछे ले जाने वाली सामाजिक कुरीतियों का सामना करना होगा। बिना दहेज शादी के लिए अपने परिवार का सामना करना होगा। आज जो गोल्ड मेडल युवकों को मिला है इसको देख कर सोचिये कि अब शादी में गोल्ड की मांग नहीं करेंगे। तय कर लें कि हमें सोना, गाड़ी और बांगला नहीं चाहिए। इन्हीं छात्रों से राष्ट्र का भविष्य है। युवा हर तरह से समक्ष होता है। इसी शक्ति से देश हर समस्या का सामना करता है। जौनपुर का अस्तित्व उत्तर वैदिक काल से है। यहां के युवाओं में बहुत क्षमता है। युवा वर्ग को दृढ़ संकल्प के साथ सामने आना होगा। टीबी गंभीर बीमारी है। विश्व के चार मरीजों में से एक भारत का होता है।

देश के 27 लाख मरीजों में 20 प्रतिशत यूपी का है। सबसे अधिक मरीज़ यहीं हैं। पीएम मोदी ने कहा है कि 2025 तक भारत की टीबी मुक्त कराएंगे। ततपश्चात राज्यपाल ने संगोष्ठी भवन में ही कई ब्लॉकों के पूर्व माध्यमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं को बैग और फल बांटे। राज्यपाल ठीक सुबह 9:40 बजे विवि के हेलीपैड पर पहुंचीं। इसके बाद कार से कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना हुईं। ततपश्चात 12.45 बजे तक दीक्षान्त समारोह में मौजूद रहीं। मुख्य अतिथि इस्कॉन मंदिर, श्रील प्रभुपाद आश्रम जम्मू- कश्मीर के नव योगेन्द्र स्वामी जी महराज ने कहा कि मृत और जीवित शरीर में अंतर होता है। जीवित शरीर में आत्मा होती है, मृत में नहीं। आत्मा के आधार पर धर्म में कोई भेदभाव नहीं है। हमें आत्मा की ओर ध्यान देना चाहिए। आत्मा तब तक तृप्त नहीं होती जबतक प्रभु श्रीकृष्ण के शरण मे नहीं पहुंच जाती। वैज्ञानिक कहते हैं कि

विज्ञान आत्मा को नहीं मानता, लेकिन ये भी सत्य है कि आत्मा का ज्ञान होना चाहिए। भगवान सबके हैं, कृष्ण सबके हैं। हिन्दू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी भगवान के साधक हैं। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आत्मा का स्वस्थ होना ज़रूरी है। कुलपति राजाराम यादव ने पूर्वांचल विवि के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने अतिथियों का स्वागत करते हुए मेधावियों को बधाई दी। इसके बाद महंत अवैध नाथ संगोष्ठी भवन में 65 मेधावियों को स्वर्ण पदक दिया गया।

इसमें स्नातक के 16, परास्नातक के 49 मेधावियों को राज्यपाल आनन्दीबेन पटेल के हाथों स्वर्ण पदक मिला। विश्वविद्यालय में 121 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि मिली। कार्यक्रम की शुरुआत कुलगीत से हुई। वित्त अधिकारी एम.के.सिंह, कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल, प्रो.बी.बी. तिवारी, प्रो. वंदना राय, डॉ. विनोद कुमार सिंह , डॉ. सचिन अग्रवाल राकेश कुमार, डॉ आलोक गुप्ता आदि रहे। संचालन डा0 मनोज मिश्र ने किया।

Ashish Shukla
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