4 कंट्रीमेड पिस्टल और 15 जिंदा कारतूस के साथ पकड़ाए 2 युवा

दो युवाओं से पुलिस ने जब्त की 4 कंट्रीमेड पिस्टल और 15 से अधिक जिंदा कारतूस, संदिग्ध कार का नहीं हुआ खुलासा, मुखबिर की सुचना पर पुलिस ने की कार्रवाई

By: vishal yadav

Published: 17 Feb 2021, 10:10 AM IST

बड़वानी/सेंधवा. शहर थाना पुलिस को उस समय बढ़ी कामयाबी मिली, जब मुखबिर की सुचना पर पुलिस ने 2 लोगों से हथियार और बड़ी मात्रा में जिंदा कारतूस पकड़े है। फिलहाल पुलिस द्वारा मामले का खुलासा बुधवार को किया जा सकता है। इसी तरह ग्रामीण थाने परिसर में खड़ी कार में संदिग्ध गतिविधियों का मामला प्रकाश में आया है। इस मामले में पुलिस अधिकारी फिलहाल जांच की बात कह रहे है।
सूत्रों के अनुसार शहर थाना पुलिस द्वारा वरला रोड पर मुखबिर की सूचना के बाद दो युवकों से तलाशी के दौरान 4 कंट्रीमेड पिस्टल और 15 से अधिक जिंदा कारतूस बरामद किए है। फिलहाल आरोपियों के बारे में पुलिस अधिकारियों ने अधिक जानकारी नहीं दी है, लेकिन बुधवार को पूरे मामले का खुलासा किया जा सकता है। अवैध हथियारों का बरामद होना गंभीर समस्या बन चुका है। हालांकि जिन युवकों को पुलिस ने पकड़ा है। वह हथियार कहां से ला रहे थे और कहां ले जा रहे थे। फिलहाल इसकी जानकारी नहीं है, लेकिन जितनी संख्या में जिंदा कारतूस बरामद किए गए है। उससे स्पष्ट हो रहा है कि बदमाश किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए योजना बना रहे थे। पुलिस द्वारा अवैध हथियारों के परिवहन को लेकर लगातार कार्रवाई की जा रही है। ये इस बात का उदाहरण है कि अभी भी सेंधवा क्षेत्र में कंट्री मेड जिंदा कारतूस सहित अन्य हथियारों की खरीद-फरोख्त थमी नहीं है। जिला प्रशासन सहित पुलिस अधिकारियों द्वारा सुशासन के तहत अपराधियों पर कार्रवाई की जा रही है।
ग्रामीण थाना परिसर में खड़ी संदिग्ध कार की हो रही जांच
ग्रामीण थाना परिसर में पिछले कई दिनों से खड़ी कार द्वारा संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम देने के मामले में जांच की जा रही है। सूत्रों ने बताया कि कुछ दिन पहले शोभा विधानसभा के ग्राम उमरी से हथियारों के अवैध परिवहन की सूचना मिलने के बाद वरला पुलिस और सेंधवा ग्रामीण थाना पुलिस ने संदिग्ध कार का पीछा किया था। हालांकि कार सवार लोग कार को हाइवे पर छोड़कर भाग गए थे, तब से कार ग्रामीण थाना परिसर में ही खड़ी है। इस कार से अवैध हथियारों की सप्लाई की आशंका है, जिसकी जांच की जा रही है। पिछले कुछ महीनों में हथियारों की खरीद-फरोख्त के कई मामले पुलिस ने पकड़े है, लेकिन अनेक मामले ऐसे भी हो सकते है। जिन पर पुलिस की नजर नहीं पड़ी हो और अपराधी अवैध हथियारों का सप्लाई करने में सफल हो गए है। इसलिए सेंधवा क्षेत्र में अवैध हथियारों का सप्लाई बड़ी समस्या बनता जा रहा है।
लोकल नेटवर्क के बिना उमर्टी कैसे पहुंचते है अपराधी
पूर्व में अन्य राज्यों से युवा हथियार खरीदने सेंधवा आ चुके है और पुलिस के हत्थे भी चढ़ चुके है। सूत्रों की माने तो हर बार पुलिस हथियारों के खरीदारों और बेचने वाले सिकलीगरों तक नहीं पहुंच पाती है। इसलिए हथियार निर्माण का सिलसिला खत्म नहीं हो रहा है। बड़ा सवाल है कि बिना लोकल नेटवर्क के युवा सेंधवा के उमर्टी कैसे पहुंचते है और हथियार खरीदने में सफल कैसे हो रहे है। बिना लोकल नेटवर्क या रिफरेंस बताने पर ही हथियारों की खरीदी बिक्री होती है।
अवैध हथियारों के जाल में फंस रहे युवा
पिछले कुछ दिनों से नगर सहित अन्य क्षेत्रों के युवा अवैध हथियारों की तस्करी सहित हथियार खरीदने में पुलिस के हत्थे चढ़ चुके है। सेंधवा संभ्रांत कुछ परिवारों के शिक्षित युवाओ में अवैध हथियार रखने का चलन बढ़ा है, जो बेहद घातक सिद्ध हो सकता है। खासकर कंट्री मेड पिस्टल खरीदने और बचने के मामले बढ़ते जा रहे है। हथियार बेचना अब रोजगार का रूप ले रहा है।

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