22 दुकानदारों के चालान काटे, मेडिकल की आड़ में चल रहा था क्लीनिक, कार्रवाई कर किया सील

दुकानों में भारी भीड़ थी यहां तक कि घरों के अंदर किचन तक व्यपार चल रहा था

By: kashiram jatav

Published: 21 May 2020, 10:01 PM IST

राणापुर. जिला प्रशासन ने गुरुवार को 22 दुकानदारों पर चालानी कार्रवाई की। मेडिकल की आड़ में चल क्लीनिक सील की। गुरुवार को जो बाजार की हालत थी उसे देख कर पर ऐसा लग रहा था। दुकानों में भयंकर भीड़ थी यहां तक कि घरों के अंदर किचन तक व्यपार चल रहा था। दुकान तो ठीक है दुकानों के बाहर साइबान पर सामान लटका दिए वह आधी-आधी सडक़ पर समान रखा था। जिस पर प्रशासन ने गुरुवार को कार्रवाई की तहसीलदार रविंद्र चौहान, बीएमओ जीएस चौहान, टीआई दिनेश भंवर, जनपद सीईओ जोसुआ पीटर अपने पूरे दलबल के साथ राणापुर नगर भ्रमण पर निकले । वहां पर व्यापारियों की स्थिति देख तहसीलदार रविंद्र चौहान भडक़ उठे । कई बार समझाइश देने के बाद भी व्यापारी समझा नहीं तो सीधी उन्होंने चालानी कार्रवाई करने का फैसला किया।

कई दुकाने प्रतिबंध के बावजूद भी खुली रही। वही जो भी बाजार में बिना माक्र्स पहने निकला उन सभी समझाइस दी नहीं मानने पर थाने पहुंचाया। कई दुकानदारों को समझाइश भी दी कि आपकी दुकान पर कोई ग्राहक आता है हर 2 घंटे में सैनेटाइजर दुकान में छिडक़ाव करें। ताकि कोई संक्रमित आपकी दुकान पर आ भी गया होगा तो उससे आप बच सकते हैं। प्रशासन का अमला जवाहर मार्ग में पहुंचा वहां यह हालत थी कि सभी कपड़ों की दुकानों में भयंकर भीड़ देखी गई। यहां तक की कुछ दुकानदारों के द्वारा घरों के अंदर रसोई घर तक ग्राहक बैठे थे।
दंड वसूलने पर आक्रोश
इधर व्यापारी वर्ग में प्रशासन द्वारा मनमर्जी अनुसार जुर्माना वसूलने पर आक्रोश दिखा । किराना व्यापारी शांतिलाल राठौड़ को सोशल डिस्टेंशन नहीं रखने पर 2000 का दण्ड किया। उनका कहना था ग्रामीण लोग अभी सोशल डिस्टेंशन को नही समझ पाते ह।ै और एक सामान के लिए 3-4 लोग एकनसाथ आ जाते हैं। मनमर्जी का जुर्माना लगाया ये गलत है। कपड़ा व्यापारी नीलेश जैन ने बताया कि मेरे घर के बाहर दुकान लगा कर बैठा था अधिकारियों ने अपशब्द बोलते हुए 1000 की रसीद बना दी।

मेडिकल की आड़ में चला रहा था क्लीनिक
इस महामारी के समय में कोरोनावायरस से बचने के लिए डॉक्टर कई तरह की सलाह दे रहे हैंद्ध वहीं जिला प्रशासन ने भी यह बोल रखा है कि जिस को सर्दी जुकाम में बुखार जैसी कोई शिकायत होगी तो उसका इलाज केवल एमबीबीएस डॉक्टर ही करेगा, लेकिन यहां तो राणापुर में एक जगह पर बाहर मेडिकल स्टोर का बोर्ड लगा रखा और मेडिकल स्टोर चलाने की आड़ में क्लीनिक खोल रखा था। जब प्रशासन की टीम वहां पहुंची तो अंदर 3 मरीज मिले। इनमें से एक को बुखार की शिकायत थी, वही वहां पर इतनी मात्रा में सिरींज पाई गई। यह साहब मेडिकल की आड़ में एलोपैथिक दवाइयों से मरीजों का इलाज कर रहे थे और जितनी मात्रा में वहां पर दवाइयां पाई गई है जितनी तो बीएमओ के पास भी नहीं होगी ना ही कोई डिग्री पाई गई पूरी तरीके से फर्जी डॉक्टर था, लेकिन इस डॉक्टर का नाम अनुपम अधिकारी बताया जा रहा है। उसने बताया कि मेरे पास बीएचएमएस की डिग्री है। जबकि उस मेडिकल की आड़ में जो क्लीनिक चल रहा था उसमें तीन मरीज थे और तीनों को बोतल चढ़ाई जा रही थी। जब उसकी पोल खुलने लगी तो वह अपनी गलती स्वीकार करने लगा कि मुझसे गलती हो गई। बीएमओ जीएस चौहान ने एक भी नहीं सुनी। तुरंत उस क्लीनिक सहित मेडिकल को सील कर दिया और उस संचालक को थाने पहुंचा दिया। वहीं महाराणा प्रताप मार्ग में एक फर्जी डॉक्टर को पकड़ा जो कोलकाता से यहां पर आकर बसे हैं। जहां पर बीएचएमएस की डिग्री है उनके पास ऐसा वे बताते हैं, लेकिन वहां पर एलोपैथिक दवाई मिली।

एक्सपायरी डेट की कोल्ड ड्रिंक नष्ट करवाई
वहीं प्रशासन के अमले ने कोल्डड्रिंकस दुकान पर भी कार्रवाई की। जहां पर एमजी रोड पर गोवर्धन नाम के दुकानदार के यहां एक्सपायरी डेट की कोल्ड ड्रिंक्स पाई गई। जिस पर दिसंबर 2019 की पैकिंग डेट थी तहसीलदार ने तुरंत उस व्यापारी के हाथों से ही उन सभी को को नष्ट करवाया। कोरना काल में प्रशासन ने कुछ समय पूर्व एम एस हॉस्पिटल को शिकायत मिलने के बाद सील किया था, लेकिन उसके बाद गुरुवार को भी जब प्रशासन की टीम वहां पहुंची तो वहां पर मरीजों का होना पाया गया। यहां पर बांसवाड़ा से आए 2 मरीज मिले, जिन्होंने बताया कि वह दवाइयां लेने यहां पर आए हैं। उनकी पत्नी का मनसिक स्थिति ठीक नहीं है तो उसका इलाज यहां पर पिछले 4 सालों से चल रहा था। इस तरह के से मानसिक रोग विशेषज्ञ जिले में एक भी डॉक्टर नहीं है। इसके बावजूद राणापुर में फर्जी तरीके से कई वर्षों से मानसिक रोग पीडि़तों का इलाज एम एस हॉस्पिटल में किया जा रहा था, लेकिन हर बार सबूत के अभाव में बचते चले जाते थे लेकिन इस बार जब हॉस्पिटल पर प्रशासन की टीम पहुंची। उसी हॉस्पिटल पर बैठने वाला एक युवक वहां आया और कहने लगा हमने कोई गलत कार्य नहीं किया। अगर कोई दवाइयां लेने यह पर्ची लेकर आएगा तो क्या नहीं देंगे। पागल लोग हमें परेशान करते हैं।

kashiram jatav
और पढ़े

MP/CG लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned