ट्रेन के नीचे आने से यात्री की मौत

स्टेशन पर बाथरूम के लिए उतरे और पैर फिसल गया, इंदौर पहुंचने के पहले मृत्यु

बामनिया. हादसा बताकर नहीं आता है। कब कहां हो जाए पता नहीं। जरा सी लापरवाही जिंदगी छीन लेती है। उज्जैन से बैठे एक पिता और बेटी मेमो ट्रेन से दाहोद जा रहे थे। मेमू ट्रेन से सफर कर रहे पिता बामनिया पहुंचकर बाथरूम के लिए स्टेशन पर उतरे। चढ़ते समय पैर फिसलने से ट्रेन के नीचे आने से मौत गई।
मेमू ट्रेन में रतलाम से दाहोद के लिए सब्जी वाले सफर करते हैं। उनकी टोकनियां दरवाजों पर रखी थी। बाथरूम के लिए उतरे पिता जब ट्रेन में चढऩ़े के लिए लौटे तो ट्रेन चल पड़ी। उन्होंने चलती ट्रेन में चढऩे की कोशिश की, लेकिन सब्जी की टोकनियों की वजह से उनका पैर फिसल गया और उनकी एक टांग कट गई।
इलाज के इंदौर ले जाते समय उसकी मौत हो गई। जानकारी अनुसार सुनील मोहनलाल जैन निवासी उज्जैन उज्जैन से दाहोद जा रहे थे। बामनिया स्टेशन पर बाथरूम जाने के लिए उतरा था। वापस ट्रेन पर चढ़ते समय ट्रेन चल दी। इससे वह ट्रेन से नीचे गिर गए। पेटलावद अस्पताल में सुनील का उपचार कर इंदौर के लिए रैफर किया। जहां रास्ते में उनकी मौत हो गई।
मेमू ट्रेन में शौचालय नहीं
उज्जैन-दाहोद मेमू ट्रेन में शौचालय नहीं होने से यात्रियों को बाथरूम जाने के लिए स्टेशन आने तक का इंतजार करना पड़ता है। क्योंकि अधिकतर ट्रेन का स्टापेज 2 से 3 मिनट का होता है। इससे यात्री उतर तो जाता है, किंतु जब तक वापस आता है तब तक ट्रेन चलने लगती है। इसकी वजह से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को खासी परेशानी उठानी पड़ती है। लोगों ने इसकी शिकायत रेलवे को कई बार लिखित में की है, लेकिन अभी तक इस ओर ध्यान नहीं दिया गया है। स्वच्छ भारत के लिए पूरे देश में कार्य किए जा रहे हैं। इसके मेमू ट्रेन में शौचालय न बनाना एक बड़ी गंभीर समस्या है। लंबे समय से सब्जी वाले अपने सब्जी के पोटली मेमो मैं ही लाते हैं। जो दरवाजे पर रख देते हैं। इससे यात्रियों को परेशानी होती है।

अर्जुन रिछारिया Incharge
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned