Prashant Bhushan: कभी 'मोदी सरकार' से जीती थी लड़ाई, 1000 मजदूरों को दिलाया था हक

प्रशांत भूषण का आज भी आभार मानते हैं अलीराजपुर और झाबुआ के मजदूर, 1000 मजदूरों को दिलाया था हक...।

By: Manish Gite

Published: 25 Aug 2020, 02:34 PM IST

 

भोपाल। जाने माने वकील प्रशांत भूषण के खिलाफ चल रहे अवमानना मामले में मंगलवार को सुनवाई टल गई। सुप्रीम कोर्ट की नई बेंच अब इस मामले में आगे की सुनवाई करेगी। इधर, मध्यप्रदेश के झाबुआ और अलीराजपुर के आदिवासी मजदूर प्रशांत भूषण के लिए चिंतित हैं। क्योंकि इन मजदूरों के हक के लिए उन्होंने गुजरात की तत्कालीन मोदी सरकार और मध्यप्रदेश सरकार के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी थी और दोनों ही सरकारों को मजबूर कर 1000 मजदूरों को साढ़े तीन लाख रुपए प्रति व्यक्ति दिलवाया था।

 

झाबुआ और आलीराजपुर के आदिवासी मजदूर अधिवक्ता प्रशांत भूषण के साथ न्याय दिलाने के लिए अदालती लड़ाई लड़ते रहे हैं। ऐसी ही लड़ाई उन्होंने गुजरात सरकार के खिलाफ भी तब लड़ी थी, जब गुजरात के कांच कारखानों में काम करने वाले झाबुआ-अलीराजपुर के हजारों मजदूर सिलिकोसिस बीमारी से पीड़ित हो गए थे और उनमें से कई लोगों की मौत हो गई थी।

 

फ्री में लड़ा था मजदूरों का केस :-:

यह बात जब सामाजिक कार्यकर्ता अमूल्य निधि व राजेश बैरागी के माध्यम से प्रशांत भूषण को मालूम हुई, तो उन्होंने बगैर कोई शुल्क लिए कोर्ट में मजदूरों की तरफ से दावा लगाया और गुजरात सरकार से पीड़ित मजदूरों को न केवल न्याय दिलाया, बल्कि उन्हें मुआवजा भी दिलवाया। जब नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री थे। प्रशांत भूषण की अदालत में मजदूरों की पैरवी करने से करीब 1000 लोगों को प्रत्येक को तीन लाख पचास हजार रुपए गुजरात व मध्यप्रदेश सरकार की ओर से मुआवजा प्रदान किया गया। तब गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी थे और उन्हीं की सरकार को मजबूर होकर मजदूरों को मुआवजा देना पड़ा था।

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बीमारी से मर रहे थे मजदूर :-:

सिलिकोसिस की यह बीमारी फेफड़ों में कांच का पाउडर जमने से होती है और मजदूर का वजन धीरे-धीरे कम होने लगता है तथा अंत में वह मौत का शिकार हो जाता है। प्रशांत भूषण ऐसे वकील हैं, जिन्होंने मजदूरों के हक में कई लड़ाइयां लड़ी हैं, इसलिए मजदूर उनके आभारी हैं और आज जब उनके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में कार्रवाई चल रही है तब अलीराजपुर और झाबुआ के मजदूर भी उनके हक में खड़े हुए हैं।

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इन लोगों ने भी किए थे प्रयास :-:

इस ऐतिहासिक जीत के लिए समाजवादी नेता राजेश बैरागी ने अथक प्रयास किए, जिसके चलते तत्कालीन विधायक और किसान संघर्ष समिति के प्रमुख डॉ. सुनीलम ने विधानसभा में भी मामले को उठाया और प्रशांत भूषण को भी पूरे मामले की जानकारी दी। अलीराजपुर-झाबुआ के मजदूरों ने इसके लिए डा. सुनीलम का आभार जताया। गौरतलब है कि झाबुआ जिले में राजेश बैरागी आदिवासियों के मुद्दों को लेकर हमेशा संघर्शशील रहे हैं और डा. सुनीलम अन्य बड़े नेताओं को उनकी समस्याओं से अवगत कराते रहे हैं।

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