गांव वालों के बीच जमीन विवाद पर समझौता

गांव वालों के बीच जमीन विवाद पर समझौता

Arjun Richhariya | Publish: Sep, 08 2018 10:12:31 PM (IST) Jhabua, Madhya Pradesh, India

100 से अधिक प्रकरण का निराकरण, 3 दिन पहले घायल को मुआवजा दिया

झाबुआ. त्वरित न्याय के उद्देश्य से संचालित हो रही लोक अदालत में रविवार के दिन 100 से अधिक प्रकरण का निराकरण किया गया। सुबह 10: 30 बजे लोक अदालत का औपचारिक शुरुआत हुई। जिसमें मुख्य न्यायाधीश एके तिवारी, कलेक्टर आशीष सक्सेना, एसपी् महेश चंद जैन के साथ न्यायालयीन स्टाफ मुख्य रूप से उपस्थित हुए। यहां विभिन्न बैंक , नगर पालिका, एमपीईबी के कई मामले में समाधान किया। अनुराग बेनेडिक्ट विरुद्ध जगदीश चंद्र के मामले में को सबसे त्वरित न्याय मिला।

इस माह की 5 तारीख को बस दुर्घटना में घायल अनुराग ने कोर्ट में वाद दायर किया। अतिरिक्त मेंबर मोटरयान अधिकरण ए ए खान के न्यायालय में राजीनामा किया। जिसमें नेशनल इंश्योरेंस कंपनी द्वारा प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए 3 दिन के अंदर ही राजीनामा कर आहत अनुराग को 6 0000 का मुआवजा देना स्वीकार किया। आहत की ओर से पैरवी हितेश संघवी और बीमा कंपनी की तरफ से हेमेंद्र प्रसाद अग्निहोत्री ने की। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राधाकिशन मालवीय के न्यायालय में शराब पीकर मारपीट करने पर काका बाबा के लडक़ों में समझौता करवाया गया। पिछले माह की 1 तारीख को जनपुरा निवासी पुनिया पिता नग्गा एवं दिलीप पिता देवा के बीच शराब पीकर मारपीट की घटना हुई थी। जिस पर दोनों तरफ से प्रकरण दर्ज हुए थे। मामला कोर्ट में जाने पर प्रथम पेशी पर दोनों पक्ष राजीनामा को तैयार थे जिन्हें लोक अदालत में बुलाकर रविवार को दोनों के बीच राजीनामा कर फलदार वृक्ष प्रदान किया गया। एक ही गांव के दो अलग.अलग पक्षकारों में जमीन को लेकर 3 साल से विवाद चल रहा था। कल्याणपुरा के खेड़ा गांव में रहने वाले चैन सिंह को करण सिंह दुला एवं नरसिंह द्वारा मारपीट की गई जिससे चैन सिंह के सर में चोट आई थी एवं उसकी हड्डी टूट गई थी भारतीय दंड संहिता की धारा 307 में 2015 में मामला दर्ज किया था। 3 साल बाद दोनों पक्षों के बीच न्यायाधीश नीलिमा देव दत्त द्वारा समझौता करा कर फलदार पौधे दिए। सिविल के कई मामलों में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी दीपक कुमार अग्रवाल द्वारा पक्षकारों को न्याय दिलवाया गया। सिविल के प्रकरण अधिक होने से न्यायालय में काफी भीड़ रही। विद्युत वितरण कंपनी के स्टॉल पर व्यावसायिक कनेक्शन से संबंधित भावेश मामले का निपटारा होना था जिसके लिए पक्षकारों को सूचित किया गया था इसमें से 3 विभाग के मामले खत्म हुए हैं। व्यवसायिक कनेक्शन के 3 अन्य मामलों में पक्षकारों द्वारा पैसे जमा किए जा चुके हैं जिसमें जिले भर से 6 5000 से अधिक रुपए की वसूली की गई है। 16 प्रकरणों का निराकरण अभी भी शेष है। न्यायलय परिसर में वन विभाग के कर्मचारियों ने पक्षकारों के मामलों के निराकरण पर फलदार पौधे दिए ।

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