मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे कॉलोनीवासी, आखिर कॉलोनाइजरों पर प्रशासन कब कसेगा शिकंजा

बिना विकास कराए प्लाट बेचने वालों जल्द हो कार्रवाई तो आम लोगों को मिलेगा मुलभूत सुविधाओं का लाभ, नगर के कथित लोगों द्वारा खेतों की जमीन पर प्लाट बेच की धोखाधड़ी

By: vishal yadav

Updated: 05 Mar 2021, 02:38 PM IST

बड़वानी/सेंधवा. नगर में दो दर्जन से अधिक स्थान पर कॉलोनाइजर द्वारा बिना विकास कराए और मुलभूत सुविधाएं देने के वादों के बाद के बाद प्लाट काट कर लोगों को बेचे जा रहे हैं। नगर सहित ग्रामीण अंचलों में लोग कॉलोनइजर के झूठे वादों में फंसकर प्लाट खरीद कर मकान निर्माण कर चुके है और अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे है। प्रशासन द्वारा कार्रवाई की बात तो की जा रही है, लेकिन असल भूमाफिया पर कार्रवाई कब होगी, इसका प्लाट धारकों को इंतजार है। प्लाट खरीदकर अपनी जीवन की कमाई से लाखों रुपए खर्च कर मकान बनाने वाले लोगों दबी जुबान से शिकायत करने की बात तो कही जा रही है, लेकिन लोग दबंगों से डरकर कोई खुलकर कुछ बोल नहीं पा रहा। अब प्रशासन को संज्ञान में लेकर जल्द कार्रवाई करना चाहिए, जिससे आम लोगों को मुलभूत सुविधाएं मिल सकें।
खुद को असहाय महसूस कर रहे प्लाट मालिक
शासन प्रशासन द्वारा कार्रवाई में देरी से फर्जी कॉलोनाइजरों की मौज हो रही है। वहीं प्लाट मालिक असुविधाओं से अपने आप को असहाय महसूस कर रहे हैं। कॉलोनाइजर के खिलाफ प्रशासन लम्बे समय से कार्रवाई का आश्वासन दे रहा है, लेकिन धरताल पर कुछ ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। लाखों रुपयों में प्लाट खरीदकर फर्जी कॉलोनाइजरों के बहकावे में आ चुके है। नगर की कई कॉलोनियों में सड़क पानी बिजली सहित ग्रेनेज की सुविधा नहीं दी गई है। प्लाट बेचने से पहले भू-माफिया खेती की जमीन पर नियम विरुद्ध मन माफिक प्लाटिंग कर उसे मुंह मांगें दाम पर बेच दिए है।
एफआईआर दर्ज कराए या करें राजस्व की वसूली
नगर में वर्तमान में भी अनेक स्थानों में खेत को काटकर कॉलोनी बनाई जा रही हैं। बाहरी क्षेत्रों में खेत मे बेधड़क प्लॉटिंग की जा रही है। कई खेतों में तो कृषि कार्य भी चल रहा है। द्वारा घरों का निर्माण भी किया जा रहा है, लेकिन शासन कार्रवाई नहीं कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक सर्वे क्रमांक 196/5/3, 196/6/3, 19,20/4, 195/2, 195/7, 90/1, 20/1/1, 56/2/2/1, 57/4/3/1, 212/1/4, 91/14/1 सहित भारत नगर, येलो सिटी आदी पर यदि प्रशासन सर्वे कराकर नियमों का परीक्षण कराए तो कई खामियां मिल सकती है। इन जमीनों पर कई जगहों पर तो मकान बन भी चुके है, लेकिन मूलभूत सुविधाएं जैसे पेयजल, बिजली, सड़क, नालियां, ड्रेनेज आदि नदारद है। इन कॉलोनियों में रेरा पंजीयन सहित कलेक्टर अनुमति की भी जांच की जानी चाहिए। प्रशासन द्वारा उक्त कॉलोनाइजरों पर एफआईआर कराई जानी चाहिए या राजस्व की वसूली और कॉलोनी में मुलभूत सुविधाएं दिलाई जानी चाहिए, जिससे लोगों को राहत और उनका हक मिल सके।
रोक के बावजूद बेचे जाते हैं प्लाट
शासन की रोक के बावजूद भी अवैध कॉलोनियों का निर्माण व दस्तूर जारी है। भू-माफियाओं की लंबी पहुंच के कारण इन अवैध कॉलोनी का कारोबार विशालकाय रूप धारण करते जा रहा है। यहां कई मकान बनाए गए है, तो कई प्लाट खाली पड़े हुए हैं। इसका नुकसान सिर्फ स्थानीय निवासी को हो रहा है। कथित कॉलोनाइजरों द्वारा शासन को राजस्व का नुक्सान पहुंचाया जा चुका है। जहां खेती होना बंद हो चुकी है, लेकिन वहां खेतों में आवासीय प्लाट काट दिए गए है और टैक्स का निर्धारण नहीं किया गया। पिछले दिनों कुछ कॉलोनाइजरों पर अधिकारीयों ने कार्रवाई कर जेल भेज दिया था। वहीं कुछ अभी भी फरार बताए जा रहे है, इसके बाद प्रशासन की कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली गई है।
एसडीएम तपस्या परिहार से सीधी बात
प्रश्न - अवैध कॉलोनाइजर्रों की क्या स्थिति है?
जवाब- कुछ लोगों को चिह्नित किया है जांच चल रही है।
प्रश्न- क्या कार्रवाई हो सकती है?
जवाब- यदि दोषी होंगे तो एफआईआर कराने का प्रावधान है।
प्रश्न - लोगों को मूलभूत सुविधाएं अवैध कॉलोनियों में नहीं मिल रही है?
जवाब- लोगों को सुविधाएं दिलाने के लिए कॉलोनाइजर पर कार्रवाई कर सकते हैं।

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