करोड़ों का सोलर सिस्टम, फिर भी मरीज हो रहे पसीने से तरबतर

8 बड़े जनरेटर, इंवर्टर बंद, यूरिन की जांच के लिए बना शौचालय भी 6 माह से बंद

By: amit mandloi

Published: 07 Jun 2018, 12:34 AM IST

झाबुआ. जिला अस्पताल रोजाना फैली अव्यवस्थाओं की वजह से मरीजों की मुसीबत का सबब बना हुआ है। अस्पताल में बिजली कटौती के बाद होने वाली असुविधाओं से मरीज ही नहीं स्टाफ भी हलाकान हैं। यहां 24 घंटे विद्युत प्रदाय के लिए करोड़ों की लागत से सोलर एनर्जी किट लगाई गई है। साथ ही 8 बड़े जनरेटर एवं इंवर्टर लगाए हैं। 24 घंटे विद्युत प्रदाय करने के लिए ट्रांसफॉर्मर और नई लाइन की व्यवस्था भी की गई है, लेकिन इन सब व्यवस्थाओं के बाद भी चिकित्सालय में होने वाली विद्युत कटौती से ओपीडी, सभी वार्ड और विभिन्न चिकित्सकीय इकाई बंद हो जाते हैं। लाइट नहीं होने से एक्सरे, सोनोग्राफी आदि जांच नहीं हो पाती है। करोड़ों की लागत से लगाया गया सोलर सिस्टम विगत 5 माह से बंद है। भीषण गर्मी में मरीज पसीने से तरबतर हो रहे हैं। सिस्टम को सुधारने के लिए इंदौर से इंजीनियर आते हैं, लेकिन हर बार कोई नयी समस्या बताकर सोलर सिस्टम को शुरू नहीं किया जा रहा है। अक्षय ऊर्जा का हेड ऑफिस भी इंदौर में ही है। झाबुआ में एक ऑफिस है वह भी एक संविदा कर्मचारी के भरोसे संचालित किया जा रहा है। इसलिए यहां लगाए सोलर सिस्टम को सुधारने के कार्यों को भी समय पर पूरा नहीं किया जा रहा। सोलर सिस्टम से एसएनसीयू, मेटरनिटी, आईसीयू और ओपीडी की विद्युत लाइन जोड़ी गई है, लेकिन 5 माह से अधिक समय से विद्युत कटौती में सब बंद हो जाता है। वहीं यूरिन की जांच के लिए 6 माह से शौचालय बंद है। महीनों से एक शौचालय का निर्माण कार्य पूरा नहीं होना भी जांच का विषय है। यहां आए मरीजों को यूरिन की जांच के लिए सैंपल देने बहुत दूर जाना पड़ रहा है। इसमें महिलाओं को विशेष समस्या होती है। भोपाल से संचालित होने वाले सार्वजानिक शौचालय को नगर पालिका के अधीन कर रखा है, लेकिन महीनों से यह बंद ही रहता है। देखरेख के आभाव में प्रसूताओं और उनके परिजन को बस स्टैंड जाना पड़ रहा है। जहां शौचालय के उपयोग के नाम पर मरीजों से 5 से 10 रुपए तक वसूले जा रहे हैं।
वार्ड में लगे ऐसी और टीवी महीनों से बंद
मेटरनिटी वार्ड में लगे कई ऐसी भी बंद हैं। यहां लगे अधिकतर ऐसी भी काम नहीं कर रहे हैं। सीजर वार्ड में 2 एसी, लेबर रूम में चार में से 2 , एनसी में चार में से 2 एवं पीएनसी आठ में 3 एसी ही काम कर रहे हैं। लेबर रूम में इंवर्टर से लाइट जाने पर कार्य किया जा रहा है। बेबी फीडिंग और प्रसूताओं को शिशु के पालन पोषण संबंधित जानकारी देने के लिए लगाए टीवी भी महीनों से बंद है। गर्मी की वजह से टीवी की केबल निकालकर लोग पंखा चला रहे हैं।
जल्द सुधार होगा
अस्पताल की सारी समस्याओं को दुरुस्त करवाने के लिए दिखवाता हूं। सभी को जल्द सुधार लिया जाएगा।
-डॉ. डीएस चौहान, सीएमएचओ

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