प्रशासन की ढील से टूट रहा लॉकडाउन, एेसे हाल में हालात हो सकते हैं बेकाबू

बिना स्वास्थ्य जांच के पैदल आ रहे मजदूरों के चलते हालात चिंताजनक

By: kashiram jatav

Published: 29 Mar 2020, 10:58 PM IST

झाबुआ / राणापुर. पूरी दुनिया में कोरोना वायरस के चलते हर तरफ अफरा-तफरी मची हुई है। हजारों देहाड़ी मजदूर अपने गांव के लिए राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र से पैदल चल दिए हैं। यह जिला प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। अब यह कहना गलत नहीं होगा लॉकडाउन में पलायन भारी पड़ रहा है। मजदूर बिना स्क्रीङ्क्षनग जांच के अपने घर पहुंच रहे हैं। इन हजारों मजदूरों में से एक मजदूर भी इस वायरस का संक्रमित हो गया तो यहां कितने लोगों में संक्रमण फैलेगा यह सोचकर कोई भी हैरत में पड़ जाएगा। इस पलायन का एक सबसे बड़ा कारण यह भी है कि सरकार और राजनीतिक दलों ने मजदूरों के खाने -पीने की व्यवस्था नहीं की। इसलिए किसी भी तरह मजदूर अपने घर के लिए भूखे ही ट्रक, जीप और पैदल ही निकल पड़े हैं।

शुरुआती दिनों के पुलिस सख्ती दिखी, लेकिन पिछले दो दिनों से पुलिस पूरी तरह से शिथिल नजर आ रही है। या यूं कहें कि पुलिस का मनोबल टूट गया है । राणापुर में सुबह 6 बजे से सैकड़ों लोगों की भीड़ मार्केट में जमा हो जाती है। जरूरी सामान खरीदने के नाम पर फालतू में लोग घूम रहे हैं। पुलिस केवल मूकदर्शक बनी देख रही है। रविवार को सुबह पुराना बस स्टैंड पर भारी भीड़ देखी गई।
सोशल डिस्टेसिंग की धज्जियां उड़ रही है। ऐसा लगता है नगर की जनता सोशल डिस्टेसिंग को समझ नहीं रही। ऊपर से पुलिस के ढीले रवैये से हालात बेकाबू हो रहे हैं। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण इलाकों लोग दोपहिया वाहन से आ रहे हैं। इनमें कई मजदूर भी हो सकते हैं। इनमें से किसी को संक्रमण हुआ
तो पूरे नगर को संक्रमित करेंगे। फिर हालात संभलना मुश्किल हो जाएंगे।

होम डिलीवरी व्यवस्था राणापुर में क्यों नहीं
लोगों को बाजार में किराना सामान खरीदने के लिए बाहर दुकानों पर नहीं जाना पड़े। इसलिए प्रशासन ने किराना सामान की होम डिलीवरी की व्यवस्था झाबुआ, मेघनगर, पेटलावद में लागू की है, लेकिन यह व्यवस्था राणापुर में लागू नहीं की जा रही है। यह समझ से परे है । क्या इसमें प्रशासन एवं व्यापारियों में आपसी सहमति नहीं बनी। प्रशासन ने व्यापारियों से कोई पहल नही ंकी। ये सुविधा यहां भी जरूरी है, जिससे लोगो घरों से बाहर निकलना बंद हो जाएगा।
नहीं सुधर रहे लोग अब कार्रवाई की जाएगी
राणापुर में रविवार को सुबह मार्केट में व्यवस्था बिगड़ गई थी, जिसको लेकर पत्रिका ने तहसीलदार रवींद्र चौहान से बात की। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने निर्णय लिया है कि सोमवार से कोई भी स्थायी रूप से सब्जी की दुकान नहीं लगाएगा। केवल ठेले पर सब्जियां लेकर गलियों में घूमेंगे। वही किराना व्यापारियों से भी अपील की है कि वह किराना सामान की होम डिलीवरी दें। हमने व्यापारियों से यह भी कहा था कि हमारे वॉलेंटियर या नप कर्मचारियों द्वारा यह व्यवस्था लागू करवा देंगे, लेकिन सहमति नहीं जताई, लेकिन अब इसे सख्ती से लागू करेंगे ताकि व्यवस्था ना बिगड़े। किसी भी तरह की अव्यवस्था होने पर 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी और सख्ती से निपटा जाएगा।
पुलिस कर्मचारी को अब घर जाने की अनुमति नहीं
कोरोना वायरस प्रशासन पहले से ही था जवानों की
सुरक्षा के लिए पूरी तरह से अलर्ट हो चुका है। परिवार पुलिस के जवानों को उनके घर पर जाने की अनुमति नहीं दी। उनकी व्यवस्था राणापुर कन्या शाला परिसर में वहां पर कमरे खुलवाए गए ,वहीं पर उनको रहना पड़ेगा। वहीं पर उनके खाने-पीने की व्यवस्था की जाएगी। ऐसा इसलिए प्रशासन द्वारा
किया है पुलिस जवानों को 24 घंटे नगर में जगह-जगह पर ड्यूटी करनी पड़ती है। इस कारण संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है किसी तरह की परेशानी ना हो उनके परिवार को किसी तरह की कोई परेशानी ना हो और कोई खतरा ना हो इसलिए प्रशासन ने इस तरह का निर्णय लिया।

kashiram jatav
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