कई व्यापारियों ने हाथ जोड़े तो कुछ की हुई बहस

व्यापारियों ने आरोप लगाया कि अपशब्द का प्रयोग करते हैं अधिकारी, छोटे व्यपारियों के चालान और रसूखदार को समझाइश

By: kashiram jatav

Published: 23 May 2020, 07:24 PM IST

राणापुर. गुरुवार को तहसीलदार की कार्रवाही के बाद वापस से बाजार में भीड़ एकत्रित होने लगी। दुकानों पर ग्राहक की वापस भीड़ होने लगी। इसके बाद शुक्रवार को एसडीएम अभय सिंह खराड़ी राणापुर पहुंचे। उन्हें देख व्यापारियों में हडक़ंप मच गया। दुकानें समेटने लगे, सडक़ों पर लगा रखी दुकानें आनन-फानन में सामान अंदर ले जाने लगे। एसडीएम ने चंद्रशेखर आजाद मार्ग जवाहर मार्ग, एमजी रोड, झाबुआ नाका के सभी मोहल्ले में घूम कर निरीक्षण किया।

इस दौरान कई व्यापारियों को उन्होंने समझाइश दी। कुछ व्यापारियों के चालन भी काटे। पुलिस प्रशासन ने बेतरतीब बाजार में खड़ी गाडिय़ों के टायर की हवा निकालना चालू कर दी। इससे अच्छा तो साहब पूरा बंद कर दो: कुछ छोटे व्यापारियों से एसडीएम और टीआई की कुछ बहस हुई। दुकानदार ने एसडीएम से कहा साहब ऐसी समस्या आए तो पूरा ही बंद कर दो मार्केट वही अच्छा था। हमें भी परेशानी नहीं होगी। हम गरीब आदमी है साहब इतने पैसे कहां से देंगे। इस पर टीआई ने कहा हम कड़ी धूप में आपको परेशान करने के लिए नहीं घूम रहे। हम आप लोगों की सेहत और स्वास्थ्य के लिए घूम रहे हैं। मास्क का नहीं पहन रखा था। चालानी कार्रवाई करने का बोला तो हाथ जोडऩे लगे। एसडीएम ने चंद्रशेखर आजाद मार्ग में एक कपड़े के व्यापारी को बिना मास्क पहने व्यापार करते दिखा तो कहा आपने मास्क क्यों नहीं पहन रखा। दुकानदार कहने लगा अभी निकाला है। एसडीएम ने चालानी कार्रवाई करने के लिए कहा तो दुकानदार हाथ जोडऩे लगा।

नगर में एक दुकानदार ने राणापुर टीआई पर गंभीर आरोप लगाया है कि उनसे बिना फ ालतू में 3000 रुपए का चालान काट दिया। जब मैंने कहा कि साहब मेरी दुकान के बाहर केवल साडिय़ां ही टंगी हैं मैं हटा लेता हूं। तो मुझसे गाली गलौज करने लगे। इसका विरोध किया तो मुझे पुलिस गाड़ी में बैठा कर पूरे गांव में घुमाया। झाबुआ नाके पर आते-आते प्रशासनिक टीम ने दुकानों के बाहर जो पतरे लगाकर टीनशेड बना रखे थे। उन्हें हटवाए, लेकिन इस कार्रवाई में एक ही जगह देखने को मिली कि छोटे तबके के लोगों के अतिक्रमण तो हटा दिए, लेकिन बाजारों में कई रसूखदार लोगों के अतिक्रमण उसे हटाने में प्रशासन एक बार फिर नाकाम रहा।
हाट बाजार के दिन संपूर्ण लॉकडाउन: कलेक्टर के आदेश अनुसार साप्ताहिक हाट बाजार के दिन संपूर्ण बाजार बंद रहेगा। इसके तहत शनिवार को पूरा नगर बंद रहेगा। केवल दूध को दवाइयों की दुकानें खुलेंगी। इसके अलावा किसी भी तरह की दुकान नहीं खुलेगी। इसकी मुनादी एसडीएम के आदेश के बाद नगर परिषद ने कराई। अगर कोई नियमों का उल्लंघन करेगा तो उस पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अत: कोई भी व्यापारी अपने प्रतिष्ठान शनिवार को हाट बाजार के दिन नहीं खोलें और यह आगामी आदेश तक हर सप्ताह में लगने वाले हाट बाजार के दिन संपूर्ण बाजार बंद रहेंगे।

अनाज व्यापारियों से कहा सडक़ों पर दुकान ना लगाएं
झाबुआ नाके के पर कुछ अनाज व्यापारियों द्वारा अपनी दुकान से भी 10 फ ीट नीचे कृषि उपज रखी थी। जिसे देखकर एसडीएम ने दुकानदार को सख्त निर्देश दिया कि आप यह सामान यहां से उठा लें या बाहर। आप इस तरीके से सामान नहीं रख सकते। हम आपको आप समझाइश दे रहे हैं। कल से अगर यह सामान दिखा तो आप पर कार्रवाई करेंगे। ऐसा क्यों होता है हर बार जब भी प्रशासनिक कार्रवाई होती है तो रसूखदार लोगों को छोड़ दिया जाता है। जबकि कोरोना काल में सभी एक समान है सभी पर अगर नियमों का उल्लंघन किया है तो सभी पर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन प्रशासनिक कार्रवाई में हमेशा यही देखने को मिलता है कि रसूखदार लोगों को हमेशा की तरह समझा दिया जाता है। वही फुटकर विके्रता, मध्यमवर्गीय व्यापारी जिन पर हमेशा कार्रवाई की जाती है। कुछ ऐसा शुक्रवार को भी देखा गया। शुक्रवार को हुई कार्रवाई में कुछ मध्यमवर्गीय दुकानदारों पर कार्रवाई की गई। वहीं रसूखदार लोगों को समझाइश दी गई। चालान की कार्रवाई करने के लिए तो एसडीएम ने कई जगह नगर परिषद सीएमओ को चालान बनाने के लिए निर्देश दिया, लेकिन चालन केवल दो दुकानों के बनाए। इसमें जवाहर मार्ग में हुसैन ताहिर नाम के दुकानदार से 3000 वसूले। वही एमजी रोड पर कमलेश जैन की दुकान से 500 रुपए वसूले। जबकि एसडीएम ने कई दुकानों पर कार्रवाई करने के लिए कहा था, लेकिन नगर परिषद सीएमओ उन रसूखदार दुकानदार को उन्हें छोड़ दिया।

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