मेरा लक्ष्य मप्र को एक नई दिशा देना : कमलनाथ

झाबुआ विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस की रिकॉर्ड जीत के बाद मतदाताओं का आभार करने आए थे मुख्यमंत्री

झाबुआ. यहां के विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस की रिकॉर्ड जीत के बाद मतदाताओं का आभार व्यक्त करने आए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंगलवार को पॉलीटेक्निक कॉलेज परिसर में पहले पंच-सरपंच और तड़वी सम्मेलन में भाग लिया। पंचायतीराज सम्मेलन को संबोधित किया। दोनों जगह 15 मिनट भाषण दिया, लेकिन एक भी घोषणा नहीं की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं घोषणाएं नहीं करता। जो होगा आपके सामने होगा। घोषणा तो जनता की तरफ से होनी चाहिए कि मेरा काम हो गया। यही असली घोषणा होगी। दोपहर करीब १.४५ बजे पंच-सरपंच और तड़वी सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने झाबुआ उपचुनाव की जीत पर आभार मानते हुए चार मिनट में अपनी बात खत्म कर दी।

पंचायतीराज सम्मेलन में कहा कि नवनिर्वाचित विधायक कांतिलाल भूरिया ने कई मांगें रखीं। मेरा प्रयास रहेगा कि इनका निराकरण हो और इसका एहसास आपको हो। मैं आपको निराश नहीं होने दूंगा। घोषणा करना बहुत आसान है। मैं घोषणा की राजनीति में विश्वास नहीं करता। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान का जिक्र करते हुए कहा यदि वे जब यहां आते थे तो कितनी घोषणाएं करते थे। लोकसभा का चुनाव था तो कितनी सभाएं और घोषणाएं की। मैंने शुरू से कहा था कि मैं घोषणा नहीं करूंगा। कांग्रेस सरकार के एक साल में ढाई महीने लोकसभा चुनाव की आचार संहिता में चले गए। साढ़े 9 महीने बचे थे उसमें हमारा प्रयास रहा कि हम मप्र का नया नक्शा बनाएं। हमनें शुरुआत की। अपनी नीति और नीयत का परिचय दिया। मेरा लक्ष्य मप्र को एक नई दिशा देना और मप्र के भविष्य का एक नया नक्शा बनाना है।

मतदाताओं का आभार माना
झाबुआ विधानसभा उपचुनाव में जीत पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि पिछली दफे जब मैं आपके बीच में आया था तो मांगने आया था। आज मैं मांगने नहीं आया। आज मैं तो आपको धन्यवाद देना चाहता हूं कि आपने कांग्रेस पर विश्वास रखा। मंै आपसे दिल का संबंध बनाना चाहता हूं। आज जब मैं आया हूं तो उस वचन को पूरा करने आया हंू। ये वचन केवल आज के लिए नहीं है बल्कि हमेशा के लिए हैं कि मेरा और आपका संबंध हमेशा के लिए बना रहेगा।
15 साल में किया होता तो आवेदन देने की नौबत नहीं आती-
मुख्यमंत्री तक बड़ी संख्या में लोगों ने समस्याओं के आवेदन दिए। इनका जिक्र करते हुए कहा कि यदि 15 साल भाजपा की सरकार में कुछ हुआ होता तो आपको ये आवेदन देने की आवश्यकता नहीं पड़ती। सभी आवेदनों पर कार्रवाई की जाएगी। झाबुआ की जीत इस बात का सबूत है कि झाबुआ के लोग गरीब हो सकते हैं, भोले-भाले और बहुत समझदार हैं।

आलोचना की बजाय सुझाव की राजनीति करें
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंच से भाजपा नेताओं को सलाह दी कि कि वे आलोचना की राजनीति छोड़कर सुझाव की राजनीति करें। आदिवासियों के हित और मप्र के विकास के हित में सुझाव दीजिए। आलोचना करने से कुछ नहीं होने वाला। हम केवल पांच साल या 10-15 साल नहीं बल्कि सालों साल रहेंगे।

भाजपा की अयोध्या को मतदाताओं ने कांग्रेसमय कर दिया-
गृहमंत्री बाला बच्चन ने कहा कि कल्याणपुरा क्षेत्र, जिसे भाजपा की अयोध्या कहा जाता था उसे आप सभी ने मिलकर कांग्रेसमय कर दिया। कृषि मंत्री सचिन यादव और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश्वर पटेल ने भी सभा को संबोधित किया। विधायक कांतिलाल भूरिया ने मेघनगर औद्योगिक क्षेत्र को विकसित करने के साथ ही अनास नदी पर डेम बनाने की मांग करते हुए कहाकि इससे सिंचाई के साथ उद्योगों को भी पानी मिलेगा। भूरिया ने तालाबों का गहरीकरण, खेल अकादमी खोलने, महिला स्वयं सहायता समूहों का अनुदान बढ़ाने, झाबुआ-आलीराजपुर जिले में विद्युत सब डिवीजन खोलनेे के प्रस्ताव रखें। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट, चिकित्सा शिक्षा मंत्री विजयलक्ष्मी साधौ, प्रभारी मंत्री सुरेंद्रसिंह बघेल, थांदला विधायक वीरसिंह भूरिया, पेटलावद विधायक वालसिंह मेड़ा, जोबट विधायक कलावती भूरिया, जिला कांग्रेस अध्यक्ष निर्मल मेहता, पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेशचंद्र जैन, युवा नेता डॉ. विक्रांत भूरिया, शहर कांग्रेस अध्यक्ष गौरव सक्सेना सहित अन्य जनप्रतिनिधि व नेता मौजूद थे।

प्रभारी मंत्री सुरेंद्रसिंह बघेल ने दिया झाबुआ को मिली 10 सौगातों का ब्योरा-
1. झाबुआ जिले में शिक्षकों की कमी को देखते हुए 1105 नए शिक्षकों की भर्ती प्रकिया शुरू कर दी है। जल्द ही शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी।
2. छिंदवाड़ा की तर्ज पर झाबुआ में कौशल विकास केंद्र की स्थापना की जाएगी।
3. 19 स्टॉप डेम का निर्माण होगा। इसके लिए 150 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी है।
4. विभिन्न गांवों में 6 -7 करोड़ के आसपास के बीटीवी रोड बनाए जाएंगे।
5. 11 नई नल-जल योजना की स्वीकृति।
6 . अजा-अजजा वर्ग के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने के उद्देश्य से केंद्र स्थापित किया जाएगा।
7. झाबुआ जिला अस्पताल को 200 बिस्तर से 300 बिस्तरीय अस्पताल में उन्नयन होगा। सिटी स्कैन की सुविधा भी मुहैया कराई जाएगी।
8 . ट्रायबल टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाएगा।
9. झाबुआ से बड़ौदा-अहमदाबाद रोड पर डोडी की तरह एक केंद्र बनाया जाएगा।
10. झाबुआ जिले तक नर्मदा का पानी लाया जाएगा।

kashiram jatav
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