डीजल न डालकर किराए के ट्रैक्टर चलाकर हजारों का भुगतान कर रही नप

नगर परिषद का ट्रैक्टर 200 से 300 रुपए प्रतिदिन डीजल खर्च पर चल सकता है, लेकिन ठेके पर लगा रखा है ट्रैक्टर

मेघनगर. नगर परिषद के सफाई कर्मचारी रात दिन मेहनत कर नगर को स्वच्छ बनाने का प्रयास कर रहे हैं, किन्तु कचरा वाहनों के अभाव में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगर परिषद के पास कबाड़ ट्रैक्टर का किराया देने के लिए पैसे हैं, किन्तु खुद के नए ट्रैक्टर में डीजल भरवाने के लिए राशि नहीं है।
डीजल नहीं होने के कारण नगर परिषद का ट्रैक्टर एक पखवाड़े से खड़ा है। वहीं किराए के कबाड़ ट्रैक्टर के तीस हजार रुपए महीने का किराया दिया जा रहा है। नप के ट्रैक्टर में यह कह कर डीजल भरवाने से मना कर दिया कि डीजल की लॉगबुक पूरी तरह से सही नहीं भरी गई। इसलिए अब ट्रैक्टर में डीज़ल नही भरवाएंगे। लॉगबुक अपूर्ण होने पर संबंधित जिम्मेदार पर कार्रवाई की जाना थी और रास्ता निकाल कर कचरा उठाने के लिए ट्रैक्टर चलाना था, किन्तु ऐसा नहीं किया गया। नगर परिषद का स्वयं का ट्रैक्टर जो 200 से 300 रुपए रोज के डीजल खर्च पर चल सकता है। उसे खड़ा कर हजारों रुपए मासिक किराया नियम विपरीत चल रहे ट्रैक्टर के लिए दिए जा रहे हैं। नियम विरुद्ध किराए के ट्रैक्टर का भुगतान किया जा रहा है, किन्तु इसे रोकने की जेहमत नगर परिषद नहीं उठा रही। कम खर्च में चल रहे परिषद के स्वयं के ट्रैक्टर को खड़ा कर दिया है। यहां बता दें कि नगर परिषद द्वारा खरीदे गए कचरा वाहन भी कई महीनों थाने में खड़े रहने के बाद चलाए गए। खरीदे गए कचरा वाहनों को खड़ा कर कबाड़ ट्रैक्टर को हजारों का मासिक किराए का भुगतान नियम विपरीत किया जा रहा था। इसका खुलासा पत्रिका ने किया था।

पैसा बाकी है इसलिए ट्रैक्टर खड़ा कर दिया
"एक ट्रैक्टर से काम करना मुश्किल हो रहा है। दो ट्रैक्टर हो तो एक से डस्टबीन का कचरा उठा लेते थे और बाकी कचरा दूसरे ट्रैक्टर से भर लेते थे। अभी परेशानी आ रही है। डीजल का पैसा बाकी है। इसलिए ट्रैक्टर खड़ा कर दिया है।"
माधवसिंह बसोड़, स्वच्छता प्रभारी, नगर परिषद

अर्जुन रिछारिया Incharge
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