जरूरी वस्तुओं की मांग-आपूर्ति के डर के बीच लॉकडाउन में नीचे आ गए भाव

कुछ ही दिनों में हालात एकदम बदल गए, लॉकडाउन में आवश्यक चीजें महंगी तो नहीं हुई, सस्ती जरूर हो गई

By: kashiram jatav

Published: 30 May 2020, 09:49 PM IST

झाबुआ. लॉकडाउन के शुरुआती दिनों में थोड़ी देर के लिए भी दुकान खुलने पर भीड़ उमड़ पड़ती थी। इसका कारण था जरूरी वस्तुओं की मांग-पूर्ति का डर। लोगों को लग रहा था कि कालाबाजारी से वस्तुएं महंगी न हो जाएं। इससे लोग खरीदारी के लिए उमड़ रहे थे। पर कुछ ही दिनों में हालात एक दम बदल गए।

लॉकडाउन में आवश्यक चीजें महंगी तो नहीं हुई, सस्ती जरूर हो गई। वहीं कुछ जरूरू वस्तुओं के दाम पहले की तरह स्थिर रहे। किराना व्यापारी राजेन्द्र राठौर ने बताया कि आटा लॉकडाउन से पहले 20 से 25 रुपए किलो, तुअर की दाल 100 रुपए किलो, चावल 20 से 40 रुपए किलो के भाव से बेच रहे थे। लॉकडाउन में भी इनके दाम इतने ही हैं। हर तरह की दाल में किसी भी तरह की गिरावट या बढ़ोत्तरी नहीं हुई।

फलों के खरीदार नहीं मिल रहे
फलों की बात करें तो अनार, सेव, पपीता, चीकू बाजार में दिखाई नहीं दे रहे हैं। यह बाहर से आता था। वहीं अंगूर , केला, तरबूज, खरबूजा की बंपर आवक है। इससे इनको खरीदार कम मिल रहे हैं। फल व्यापारी रज्जाक खान ने बताया कि आम 80 से 100, अंगूर 60 से 80, तरबूज 10 से 15 रुपए किलो में मिल रहे हैं। लॉकडाउन से पहले भी ये सब इसी भाव में मिल रहे थे।

हर सब्जी के दाम 10 से 20 रुपए किलो
लॉ कडाउन में किसी पर मार पड़ी है तो वह है किसान। साथ ही सब्जी विक्रेता जिनके पास सब्जी का भंडार इतना रहा कि औने-पौने दामों बेचने के बाद भी फेंकना पड़ी। सब्जी विक्रेता ममता नीमा ने बताया कि टमाटर 10 रुपए किलो में भी कोई नहीं खरीद रहा। लॉकडाउन से पहले टमाटर 30 से 40 रुपए तक बिक रहा था। इसी तरह मिर्ची 30 रुपए किलो है। पहले 50 से 60 रुपए किलो बिक रही थी। पत्तागोभी 40, गिलकी 60 रुपए किलो बिक रही है। लगभग हर सब्जी के दाम 10 से 20 रुपए किलो तक लॉकडाउन में कम रहे।

kashiram jatav
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned