युवा मिलकर कर रहे भूखे लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था

रोटी बैंक की शुरुआत सिर्फ रोटी और अचार के रूप में उन गरीबों को भोजन कराने के लिए की गई। जो दो वक्त की रोटी जुटा पाने में असमर्थ

झाबुआ. यदि आप अस्पताल जाएं और वहां कुछ वॉलंेटियर गरीबों को भोजन करा रहे हों, मरीजों के साथ आए अटेंडर को भोजन करा रहे हों या सड़कों पर सफेद टीशर्ट पहने कुछ लोग गरीबों को भोजन कराते देखे जाएं तो आप समझ लीजिए कि ये लोग रोटी बैंक के कार्यकर्ता हैं। शहर में पिछले कुछ दिनों से रोटी बैंक के नाम से नगर के कुछ युवा मिलकर भूखे लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था कर रहे हैं।

जिला अध्यक्ष घनश्याम सिंह राठौर ने बताया रोटी बैंक की शुरुआत सिर्फ रोटी और अचार के रूप में उन गरीबों को भोजन कराने के लिए की गई। जो दो वक्त की रोटी जुटा पाने में असमर्थ हैं, परंतु जैसे ही रोटी बैंक के यूवाओं को यह बात समझ आई कि रोज़ सिर्फ रोटी और अचार से ऐसे गरीबों को पूरी पौष्टिकता नहीं मिल पाएगी तब उन्होंने समाज से ही सब्जी एव अन्य खाद्य पदार्थों का संग्रह किया। अपने व्यस्त समय में से समय निकालकर उस भोजन को गरीबों के अलावा असमर्थ लोगों को अपने हाथों से पत्तल दोने में परोस कर सेवा कार्य करने लगे। बेघर वह असहाय लोगों के लिए शहर के युवाओं द्वारा किए जा रहे इस अनुकरणीय कार्य के लिए रोटी बैंक के यूवा पूरे समाज के लिए प्रेरणा स्रोत बनकर सामने आए हैं। रोटी बैंक की कार्यकारिणी में जिला व्यवस्था प्रमुख रविराज सिंह राठौर, कोषाध्यक्ष वरुण बैरागी, संरक्षक अतिशय देशलहरा, रवि बारिया, दौलत गोलानी, मनीष, चेतन अपनी सेवाएं देते हैं।

kashiram jatav
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