मंडी की जमीन पर दुकानें बनाकर किराए पर दी, प्रशासन मौन

कई वर्षों से फर्म बंद हो चुकी हैं, कोई व्यापार नहीं हो रहा है, फिर भी कई वर्षों से दुकानों पर कब्जा

By: kashiram jatav

Published: 31 May 2020, 10:47 PM IST

झाबुआ. झाबुआ कृषि उपज मंडी में व्यापारियों का मंडी प्रशासन पर इतना दबदबा है कि उनके सामने कुछ बोल भी नहीं पाते हैं। जिला मुख्यालय की मंडी में कई व्यापारी अवैध टीन शेड बनाकर कई वर्षों से अपना धंधा और व्यापार चला रहे हैं। सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया। बिना किसी अनुमति निर्माण कर लिया और मंडी प्रशासन मूकदर्शक है। यहां तक कि कई व्यापारी ने तो टीन शेड बनाकर अन्य व्यापारियों को किराए से दे दिए हैं और किराया वसूल रहे हैं।
जानकारी के अनुसार कालीदेवी की एक व्यापारिक फ र्म के मालिक ने अवैध टीन शेड बनवाकर झाबुआ की प्रविका ट्रेडर्स को किराए पर दे दिया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार करीब 10000 रुपए महीना किराया प्रविका ट्रेडर्स दे रहा है। मंडी टैक्स की चोरी कर व्यापारी धड़ल्ले से गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान उपज पहुंचा रहे हैं। दूसरी ओर कुछ व्यापारी इस तरीके से मंडी प्रांगण में ही अवैध कब्जा कर दुकानें किराए पर दे रखी हैं।

पहले भी दिए नोटिस पर लीपापोती
अवैध टीनशेडो के मामले में मंडी प्रशासन व्यापारियों को सीधा सीधा बचा रहा है। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण यह है कि आज से कुछ महीनों पूर्व भी मंडी द्वारा उक्त सभी व्यापारियों को जिन्होंने टीन शेड बनाकर अवैध कब्जा कर रखा है। उनको नोटिस दिया था, लेकिन लीपापोती कर ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। क्या यह मंडी प्रशासन की कार्रवाई पर सवालिया निशान नहीं उठा रहे हैं कि इन व्यापारियों को मंडी प्रशासन का मौन समर्थन है कि आप कब्जा करें हम आपके साथ में। मंडी में अवैध कब्जा कर टीन शेड बनाने वाले 7 व्यापारियों को फ र्म को एसडीएम अभयसिंह खराडी ने 28 मई को फिर से नोटिस जारी कर जवाब मांगा कि मंडी की जमीन पर आपने किसकी अनुमति से निर्माण किया। नहीं तो अवैध निर्माणों को हटाया जाएगा। जिनकी संपूर्ण जवाबदारी उक्त व्यापारी की रहेगी। वहीं मंडी अधिनियम का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई कर उक्त व्यापारी के खिलाफ की जाएगी।

लाखों रुपए टैक्स भरने वालों को गोदाम नहीं दे रहा मंडी प्रशासन
गो रखधंधा कर मंडी प्रशासन की भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा है। उन पर मंडी प्रशासन मेहरबान है, लेकिन जो व्यापारी गोदामों की विधिवत आवेदन देकर मांग कर रहा है, उन्हें दुकानें नहीं दी जा रहीं। झाबुआ के ही व्यापारिक फ र्म राज ट्रेडर्स के अजय राजपुरोहित ने बताया कि उनके द्वारा पिछले 3 सालों से मंडी में दो बार आवेदन दे चुके हैं कि उन्हें दुकान किराए पर दी जाए या फि र जो 10 दुकानें मंडी में है। उनमें से खाली दुकानों की नीलामी कराई जाए। पूर्व में दुकानें जिन्हें दी गई थी उनकी व्यापारिक फ र्म से कोई भी व्यापार नहीं हो रहा। टीनशेड बनाकर किराए पर दे दी और मैं मंडी गेट के बाहर खुले में व्यापार करने को मजबूर हो रहा हूं। मैंने करीब इस साल साढ़े सत्तरह लाख रूपए मंडी टैक्स भरा है। हम मंडी को आय दे रहे हैं फि र भी मंडी प्रशासन हमें गोदाम नहीं दे रही।

कई वर्षों से नहीं हुआ व्यापार, गोदामों पर कर रखा है कब्जा
मं डी प्रशासन ने 10 दुकानें बनाई हैं। इसमें से 2 दुकानें ऐसी हैं। जिसे व्यापारिक फ र्म को मंडी ने किराए पर दिया था। उस व्यापारिक फ र्म में कई वर्षों से व्यापार तक नहीं हुआ, लेकिन उस दुकान पर दूसरे व्यापारी कब्जा कर बैठे हैं। बात करें दुकान नंबर एक की यह दुकान कई वर्षों पूर्व मंडी प्रशासन ने रूपेश ट्रेडर्स नाम की एक फ र्म को किराए पर दी थी। जो कई वर्षों से बंद हो चुकी है। इसमें कोई व्यापार नहीं हो रहा। उस दुकान पर झाबुआ के ही नव्या ट्रेडर्स नाम की फ र्म के व्यक्ति कई वर्षों से कब्जा कर बैठा है। वहीं दुकान नंबर 3 महेश उद्योग नाम की फ र्म के नाम से दी गई थी। इस फर्म में कई वर्षों से व्यापार नहीं हो रहा। अब बिना व्यापार के वह दुकान रोज खुल रही है। इसमें माल भरा है तो वह किसका है। ये माल कहां जा रहा है। दुकानें कौन चला रहा है। यह सवाल उठ रहा है।
कई बार बदल लिया अपनी फ ार्म का नाम
मं डी में गड़बड़झाला चल रहा है। जिसकी कोई सीमा नहीं है। झाबुआ की एक व्यापारिक फ र्म रूपेश ट्रेडर्स द्वारा कई वर्षों से वहां पर व्यापार किया और कुछ गड़बड़ी होने पर व्यापारिक फ र्म बंद कर दी गई। इसके बाद महावीर ट्रेडर्स नाम की फर्म खोली गई। उसे भी गड़बड़ी कर बंद कर दिया। इसके बाद वर्तमान में प्रविका ट्रेडर्स के नाम से वह व्यापारिक फर्म अपनी पत्नी के नाम पर चला रहा है।

अवैध तरीके से टीन शेड बना लिए
&मंडी प्रांगण में कई व्यापारियों ने अवैध तरीके से टीन शेड बना लिए हैं। इन व्यापारियों को नोटिस जारी कर 3 दिन में जवाब मांगा है। जवाब असंतुष्ट पाए जाने पर इन सभी उपायों पर विधिवत कार्रवाई की जाएगी।
- अभयसिंह खराड़ी , एसडीएम झाबुआ

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