पुलिसकर्मियों को मादक पदार्थों के केस में कार्रवाई करने का तरीका बताया

मादक पदार्थों के दुव्र्यसन की रोकथाम के लिए जागरूकता कार्यक्रम

By: kashiram jatav

Updated: 08 Dec 2019, 06:19 PM IST

झाबुआ. राष्ट्रीय सामाजिक रक्षा संस्थान नई दिल्ली एवं जिला पुलिस की ओर से मादक पदार्थों के दुव्र्यसन की रोकथाम के लिए रविवार को डीआरपी लाइन स्थित सामुदायिक भवन में जागरूकता कार्यक्रम आयेाजित किया गया।
एसपी विनीत जैन ने मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए की जाने वाली कार्रवाई के साथ एनडीपीएस एक्ट में प्रकरण बनाते समय बरती जाने वाली सावधानी की जानकारी दी। इस दौरान एसपी ने नशे की लत, उसके कारण, बचाव और उपाय, नशे की लत के मनोवैज्ञानिक प्रभाव और शारीरिक प्रभाव की जानकारी दी। इसके बाद एनडीपीएस एक्ट के प्रावधान समझाए। एसपी ने कहाकि कई बार इस तरह के मामलों में मामूली चूक से अपराधी सजा से बच जाते हैं। इसलिए गंभीरता से कार्रवाई करें।

जिला लोक अभियोजक अधिकारी मानसिंह भूरिया ने कानूनी पहलुओं के बारे में बताते हुए उदाहरणों के साथ स्पष्ट किया कि जांच के दौरान किस तरह की सावधानी रखी जाना चाहिए। नहीं तो कई बार सबूत के अभाव में आरोपी रिहा हो जाते हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी सुषमा भदौरिया ने लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि ऐसे प्रकरणों में किस तरह की सावधानी बरतनी चाहिए।

उन्होंने वन स्टेप सेंटर का जिक्र करते हुए बताया कि यदि कोई पीडि़ता थाने पर आती है और उसका कोई पता-ठिकाना नहीं है तो उसे एक सप्ताह तक वन स्टेप सेंटर में रखा जा सकता है। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों को वन स्टेप सेंटर का नंबर नोट कराया। इस अवसर पर एएसपी विजय डावर, एसडीओपी एमएस गवली, बबीता बामनिया, पूजा शर्मा, टीआई सुरेंद्रसिंह, केएल त्रिपाठी, रक्षित निरीक्षक चेतनसिंह बघेल सहित पुलिस अधिकारी-कर्मचारी एवं इसमें सभी थाना और चौकी प्रभारी के साथ पुलिसकर्मी उपस्थित थेे।

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