मुफ्त में बनने वाले आधारकार्ड के लोगों से वसूले जा रहे दो सौ रुपए

मुफ्त में बनने वाले आधारकार्ड के लोगों से वसूले जा रहे दो सौ रुपए

Arjun Richhariya | Publish: Sep, 09 2018 09:54:01 PM (IST) Jhabua, Madhya Pradesh, India

बच्चों और ग्रामीणों से खुलेआम लिए जा रहे रुपए, सेंटरों पर प्रशासन नहीं कर रहा कार्रवाई

झाबुआ. जिला मुख्यालय से महज 20 किलोमीटर दूरी पर पारा ग्राम में शासकीय कार्यों में अति आवश्यक आधार कार्ड बनाने में वसूली का मामला सामने आया है। सैंकड़ों बच्चों और ग्रामीणों से खुलेआम 2 सौ रुपए लिए जा रहे हैं। आधार कार्ड केंद्र के संचालकों द्वारा मनमानी राशि ग्रामीणों और स्कूली बच्चों से वसूली जा रही है। मजदूरी कर अपना गुजर बसर करने वाले ग्रामीण किसान आधार कार्ड की अनिवार्यता समझते हैं।

लंबी कतारं में खड़े ग्रामीणों को पहले तो सुबह से लेकर शाम तक आधार सेंटर के सामने खड़ा रहना पड़ता है। आधार कार्ड संचालकों द्वारा ग्रामीणों से मनमानी राशि वसूली जाती है। दरअसल मामला तब सामने आया जब पारा क्षेत्र के स्कूली बच्चों ने इस वसूली की शिकायत की बच्चों का कहना था कि हमें हर आधार कार्ड पर 200 रुपए का भुगतान करवाया गया। बात महज 200 की नहीं। बल्कि निरंतर होने वाली इस लूट से जुड़ी है। जो आधार कार्ड बनाने वाले सेंटर के संचालकों द्वारा की जाती है। ग्रामीणों को शासन के निर्देशों के नाम पर हवाला देते हुए उन्हें लूटा जा रहा है। जिम्मेदार अपनी खामोशी से इस तरह की जा रही लूट को बढ़ावा दे रहे हैं। पड़ताल से पता चला है कि आधार कार्ड सेंटर पारा में बच्चों के साथ में ठगी की गई। इसकी रसीद बच्चों को कम राशि की दी गई।

ग्राम अंबा के स्कूली छात्रों ने आधार कार्ड की ठगी के मामले के बाद छात्र अर्जुन पिता प्रेम सिंह ने बताया कि शाला में शासकीय कार्यों के लिए टीचरों ने आधार कार्ड मांगा। आवश्यकता पडऩे पर बस स्टैंड पर आधार केंद्र पर गया लंबे इंतजार के बाद नंबर आया। इससे आधार कार्ड बनाने के पूर्व 200 रुपए की मांग की गई। ऐसा सिर्फ प्रेम सिंह के साथ ही नहीं। बल्कि अर्जुन के पास से भी 200 की राशि ली गई।

केंद्र संचालक ने कहा-राशि नहीं ली जा रही
इ-आधार कार्ड निर्माण में किसी भी तरह की की राशि नहीं ली जाती। शासन की ओर से मशीन के ऑपरेटर को सख्त निर्देश हैं। नए आधार कार्ड ऊपर किसी भी तरह की राशि न ली जाए। यदि आधार कार्ड में किसी तरह के सुधार की आवश्यकता हो तब यह राशि 30 से 50 प्रिंट के लिए ली जाती है। कार्ड के ऑपरेटर के साथ बातचीत करने की कोशिश विफल रही। उन्होंने बातचीत करने से साफ इनकार कर दिया एवं अपना आधार केंद्र बंद कर कर चले गए।

मामले की जांच कराएंगे
&आधार कार्ड सेंटर संचालक की शिकायत के संबंध में संबंधित अधिकारियों से बात करके जांच करवाएंगे। अगर फॉल्ट मिला तो कार्रवाई की जाएगी।
-एसपीएस चौहान, एडीएम।

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