दो अभियंताओं के निलंबन के बाद भी हर साल पड़ती मरम्मत की जरूरत

दो अभियंताओं के निलंबन के बाद भी हर साल पड़ती मरम्मत की जरूरत

Shailendra Tiwari | Updated: 13 Jun 2017, 02:56:00 PM (IST) Jhalawar, Rajasthan, India

नहर के घटिया निर्माण को देखते हुए १३ जून २०१५ को तत्कालीन जलसंसाधन मंत्री डॉ. रामप्रताप ने तत्कालीन अधिशासी अभियंता आर.आर. मीणा व एस.सी. शर्मा को निलम्बित किया था।


भवानीमंडी. पीपलाद बांध की ३ करोड़ ७८ लाख की लागत से बनी ११.६४ किलामीटर लंबी मुख्य नहर शुरू से ही घटिया निर्माण की शिकार रही। नहर में १६ नवंबर २०१४ को पहली बार पानी छोड़ जाने के बाद  जगह-जगह टाइलें उखड़ गई। 

रिसाव शुरू हो गया जिससे खेत भर गए और किसानों को भारी नुकसान हुआ। नहर के घटिया निर्माण को देखते हुए १३ जून २०१५ को तत्कालीन जलसंसाधन मंत्री डॉ. रामप्रताप ने तत्कालीन अधिशासी अभियंता आर.आर. मीणा व एस.सी. शर्मा को निलम्बित किया था लेकिन इसके बाद भी हालात नहीं सुधरे एवं ठेकेदार ने इस नहर की मरम्मत नहीं की। 

विभाग ने २०१७ में ३३ लाख व १६ लाख के अलग-अलग टेंडर जारी कर अन्य ठेकेदार से इसकी मरम्मत करवाई। मरम्मत कार्य पर खर्च की जाने वाली राशि पुराने ठेकेदार से आर्थिक जिम्मेदारी (रिच एंड कोस्ट) से वसूली जाएगी। वर्तमान में नहर का मरम्मत कार्य चल रहा है।

पूरा निर्माण ही घटिया

पिपलाद बांध की अभी दोनों मुख्य नहरें ही बन सकी है। इसमें ही आंवली की ओर मुख्य नहर पहली बार की ही सिंचाई में ही कई जगह से ढह गई। 

सोमवार को जब संवाददाता मौके पर पहुंचा तो मरम्मत के लिए क्षतिग्रस्त भाग को ढहाया जा रहा है तो नहरों में हुआ घटिया निर्माण साफ दिखाई दे रहा है। 

यह हिस्सा भरभरा कर ढह रहा है। जिससे ऐसा लग रहा था कि पूर्व में यहां मसाला भरा ही नहीं गया हो।  नहर ढहाने से निकले पत्थरों में सीमेंट मसाले की बहुत कम चिपक दिखाई दे रही है। 


११.६४ किमी लंबी है मुख्य नहर 

पिपलाद बांध से कुल 46 45 हैक्टेयर में सिंचाई होगी। एलएमआर आंवली 11.6 ४ किमी लंबी है। इसमें एक डिस्ट्रीब्यूटरी और 4 माइनर निकाली जाएगी। 

जिसमें 71 लाख रुपए खोरिया नहर शामिल है। जबकि इसी तरह 3.23 करोड़ रुपए लागत से डिस्ट्रीब्यूटरी का काम जारी है। 

69 लाख रुपए लागत की बकानी एवं अलावा माइनर का मुआवजा बांटा जाना बाकी है। दूसरी ओर की मुख्य नहर 5.7 किमी लंबी है। इससे जुड़ी मोयाखेड़ा नहर का काम पूरा हो चुका है। बिशनिया माइनर नहर की लागत 6 5 लाख रुपए है। 


पुराने ठेकेदार को कई बार मरम्मत कार्य करने के लिए विभागीय निर्देश दिए गए, लेकिन वो मरम्मत करने नहीं आया। अब पुराने ठेकेदार की रिच एंड कोस्ट पर नहरों की मरम्मत करवाई जा रही है। मरम्मत कार्य की पूरी तरह से निगरानी के लिए कनिष्ठ अभियंता को मौके पर तैनात कर रखा है। 

आजादकु़मार जैन, सहायक अभियंता पिपलाद सिंचाई बांध। 


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