सर्वे रिपोर्ट कौन तैयार करेगा, पता नहीं

सर्वे रिपोर्ट कौन तैयार करेगा, पता नहीं
पटवारियों ने अतिरिक्त मंडलों के बस्ते जमा कराए

Arun Tripathi | Updated: 19 Sep 2019, 03:49:08 PM (IST) Jhalawar, Jhalawar, Rajasthan, India

पटवारियों ने अतिरिक्त मंडलों के बस्ते जमा कराए

भीमसागर. खानपुर क्षेत्र में लगातार हुई तेज बरसात से खराबें समेत अन्य किसानों की समस्याओं का समाधान होना अब टेडी खीर होना साबित हो रहा है। दरअसल उपखण्ड क्षेत्र के पटवारियों ने 13 सितंबर से एक बार फिर कार्य का बहिष्कार करते हुए अतिरिक्त पटवार मंडलों के बस्ते तहसीलदार को जमा करा दिए हंै। पटवारियों की मांग है कि फरवरी में आंदोलन का पूर्ण वेतन एवं पटवारी पूरनमल को बहाल किया जाए। किसानों ने बताया कि हमारे हल्के में पटवारी नहीं है, खराबें की रिपोर्ट कौन तैयार करेगा, गिरदावरी नकलें समेत अन्य कार्य किसानों के करीब 5 दिनों से अटके हैं।
-ये कार्य होंगे प्रभावित
पटवारियों ने कार्य बहिष्कार करने से फसलों के खराबे, सर्व, गिरदावरी रिपोर्ट, नकलें, राजस्व वसूली, आपदा राहत कार्य समेत राजकार्य प्रभावित होंगे। वहीं समय पर किसानों की सर्व रिपोर्ट तैयार नहीं होने से किसानों को परेशान होना पड़ेगा।
-15 मंडल खाली
उपखण्ड में पटवारियों ने कार्य बहिष्कार करने के बाद बन्या, सोजपुर, भगवानपुरा, गुलखेड़ी, सरखण्डिया, दहीखेड़ा, बोहरा, लायफल, खेड़ा, मूंडला, कंवरपुरा, भट्टजी, शिवनगर, ढाणी, बरेड़ा, खेरखेड़ा, करनवास, बिसलाई समेत 15 मंडलों में रिक्त पद हैं।
-ग्राम विकास अधिकारी कैसे जांचेंगे फसल
तहसीलदार ने बुधवार को लेटर जारी कर जिन 15 मंडलों में पटवारी नहीं हैं, उनमें फसलों के सर्व समेत आपदा राहत के कार्य करने के लिए ग्राम विकास अधिकारियों से अनुरोध किया, परन्तु इसमें विकास अधिकारी मकानों के सर्व कर सकता हैं पर फसलों में हुए नुकसान का सर्व रिपोर्ट किस प्रकार बना पाएगा।
-ये बोले किसान
बन्या गांव के किसान अशोक नागर ने बताया कि हमारे पटवारी नहीं है, खेतों में फसलें सूख रही है, कौन रिपोर्ट तैयार करेगा पता नहीं है, नुकसान हुआ जो तो हुआ पर अब सरकार की तरफ से कोई सुनवाई करने नहीं आया। वहीं मियाड़ा गांव के किसान सियाराम नागर ने बताया कि जिस पटवारी के पास चार्ज था, उनके पास नकल निकलाने गया, उन्होंने मना कर दिया, अब भटक रहे हैं, सहकारी में नकल लगानी है। उधर बन्या के किसान लटूरलाल नागर ने बताया कि तेज बारिश में मकान गिर चुके हैं, गांव में सर्व करने कोई नहीं आया, पटवारी भी नहीं है, किसानों के साथ अन्याय हो रहा है।

-फरवरी के आंदोलन के वक्त रुके वेतन एवं खानपुर पटवारी की बहाली को लेकर अतरिक्त मंडलों के कार्य का बहिष्कार किया है। इसमें कोटा संभाग के करीब 400 मंडलों का अतिरिक्त कार्य का बहिष्कार कर रखा है। सरकार मांग मान लेगी तो कार्य प्रारंभ कर देंगे।
हरिओम, पटवार संघ समिति अध्यक्ष संभाग, कोटा

-वेतन, पटवारी बहाली समेत अन्य मांगों को लेकर अतिरिक्त मंडलों के कार्य का बहिष्कार कर रखा है। हमारी मांगों अनुसार हमारे वेतन दे दिया जाएगा, हम कार्य करने को तैयार हैं।
बालमुकुंद मालव, पटवार संघ अध्यक्ष, खानपुर

-हमें निर्देश मिले हैं कि रिपोर्ट तैयार करनी है, इस मामले पर तहसीलदार से वार्ता हुई है। हम मकानों की रिपोर्ट तैयार कर सकते है, लेकिन फसलों में हुए आर्थिक नुकसान की रिपोर्ट बनाने के लिए तैयार नहीं हैं।
मोहर सिंह, ग्राम विकास ब्लॉक अध्यक्ष, खानपुर

-पटवारियों की मांग का मामला संभाग स्तरीय है, उन लोगों ने अतिरिक्त चार्ज बस्ते जमा करा रखे हैं, हमने वैकल्पिक व्यवस्था के लिए ग्राम विकास अधिकारी को लगाया है, एक दो दिन में व्यवस्था सुधार कर सर्व रिपोर्ट तैयार कराने में लगे हैं।
राजेन्द्र मीणा, तहसीलदार खानपुर

मूल स्थान पर हो ई-मित्र संचालन
अकलेरा. सूचना प्रौद्योगिकी ब्लॉक मुख्यालय की टीम ने ग्राम पंचायत सरड़ा स्थित ई-मित्र कियोस्क धारकों का निरीक्षण किया। ब्लॉक प्रोग्रामर रोहित पारेता ने बताया कि आसपास के गांव के कियॉस्क संचालक दुकान सरड़ा में ही चला रहे हंै। इससे ग्रामीणों को गांव में ई-मित्र की सेवाएं नहीं मिल रही हैं। ऐसे कियोस्कों संचालकों को अपने मूल स्थान पर बैठने के लिए पाबन्द किया। सूचना सहायक अनूप कुमार ने बताया कि यदि कियोस्क अग्रिम दो दिन में अपने निर्धारित स्थान पर बैठने के साथ साथ रेटलिस्ट और बैनर नहीं लगता है तथा ओवरचार्ज करता है तो उन पर कार्रवाई की जाएगी।

पाइप लाइन जोडऩे का कार्य जारी
धरोनिया. पिड़ावा-हिम्म्मतगढ़ पाइप लाइन नदी में आए तेज बहाव में बहने के बाद मरम्मत का कार्य जारी है। अधिशाषी अभियंता रामजी लाल मीणा, सहायक अभियंता जतीश डागल सहित कर्मचारी काम में जुटे हैं। क्षेत्रवासी महेश, अखिलेश दांगी, शिवलाल दांगी, अशोक शर्मा, ब्रजमोहन पाटीदार आदि ने बताया कि पांच दिन से क्षेत्र में जल सप्लाई नहीं होने से ग्रामीणों को जल के प्राचीन स्त्रोत का सहारा लेना पड़ रहा है।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned