डोडा चूरा कैसे नष्ट करेंगे, यह नहीं बता सका आबकारी विभाग

Jagdish Paraliya

Updated: 07 Sep 2019, 11:30:53 AM (IST)

Jhalawar, Jhalawar, Rajasthan, India

22 गांवों के 67 किसान बैठे रहे दिनभर
बकानी. कोटा-भोपाल मेगा हाइवे 89 पर झिझनिया जगपुरा गांव के बीच शुक्रवार को आबकारी विभाग द्वारा अफिम काश्तकारों के डोरा चूरा को नष्ट करना था, लेकिन तालमेल नहीं होने से कार्रवाई स्थगित करनी पड़ी। क्षेत्र सहित दित्याखेड़ी, कनवाड़ा, खानपुरिया उंडेल, बाली सहित 22 गांवों के 67 किसान डोडा चूरा लेकर पहुंचे। नारकोटिक्स विभाग ने किसानों को 11 बजे बुलाया। प्रशासन द्वारा आबकारी विभाग से इंस्पेक्टर दीनदयाल मीणा, नारकोटिक्स विभाग इंस्पेक्टर के.सी. कोस्टा, एसडीएम झालावाड़ मोहनलाल प्रतिहार और डिप्टी अतुल साहू की संयुक्त टीम को कार्रवाई करनी थी। आबकारी और नारकोटिक्स विभाग सुबह 10 बजे से पहुंच गया। दोपहर बाद में एसडीएम व डिप्टी पहुंचे और आबकारी विभाग से डोडा चूरा किस प्रक्रिया के तहत नष्ट करना है इसकी जानकारी मांगी, तो आबकारी विभाग के पास लिखित में कोई जानकारी नहीं होने से दोनों मौके से रवाना हो गए।

6 घंटे का इंतजार
डोरा चूरा नष्ट कराने आए किसान हरिश पाटीदार, कमलेश पाटीदार, आनन्दीलाल पाटीदान व रत्तीराम गुर्जर ने बताया कि वह काफी दूर से आएं हैं, विभाग ने शाम 5 बजे तक कार्रवाई नहीं की। अब कहा जा रहा है डोडा चूरा वापस ले जाओ। आबकारी इंस्पेक्टर दीनदयाल मीणा ने बताया कि पहले भी तारीख तय की थी लेकिन एसडीएम नहीं आ पाए थे। आज एसडीएम आए और उन्होंने प्रक्रिया पूछी तो उसके लिखा हुआ था कि किसानों के खेतों में जाकर नष्ट किया जाए। अभी बारिश होने के कारण खेतों में जाना सम्भव नहीं है। इसके बाद दोनों अधिकारी मौके से चले गए। बाद में जो भी निर्णय होगा, वह किसानों को बता दिया जाएगा।
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आबकारी विभाग नष्ट करने की प्रक्रिया की जानकारी नहीं दे पाया। इस लिए कार्रवाई स्थगित की।
मोहनलाल प्रतिहार, एसडीएम

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