निरीक्षण का अभाव, केंद्रों पर ताले

निरीक्षण का अभाव, केंद्रों पर ताले

Jagdish Paraliya | Publish: Sep, 06 2018 04:40:25 PM (IST) Jhalawar, Rajasthan, India

बीसीएमएचओ के पास दो विभाग

डग. कस्बे में चिकित्सा और स्वास्थ्य क्षेत्र में एक ही अधिकारी के पास दो विभागों का कार्यभार होने से विभागों में अव्यवस्थाओं ने पैर पसार रखे हैं, वहीं लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं का समय पर पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास जैन के पास ब्लॉक सीएमएचओ व महिला एंव बाल विकास विभाग के सीडीपीओ का कार्य भार एक साथ होने से निरीक्षण के आभाव में दोनों विभागो में अव्यवस्थाएं फैल रही है।

ब्लॉक में लगभग 227 आंगनबाड़ी केंद्र और 47 उप स्वास्थ केन्द्र संचालित हैं, । पत्रिका टीम ने बुधवार को ब्लॉक के पांच उप स्वास्थ केन्द्र मन्दिरपूर, उमरीया, क्यासरा, हरनावदा व डोड़ी को मौके पर जाकर देखा तो एक भी उप स्वास्थ केन्द्र खुला नहीं मिला, सभी पर ताले लटके दिखाई दिए और एएनएम नदारद मिलीं। ग्रामीणों ने बताया कि केन्द्र सप्ताह में एक या दो बार ही खुलते हैं। वहीं अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं की आवश्यक जांच करने के लिए पर्याप्त उपकरण भी नहीं मिले, उमरीया व सारंगाखेड़ा केन्द्र पर कार्यकर्ता व बच्चे ही नहीं मिले।

बताई कमियां

कस्बे की सीएचसी पर 28 अगस्त को उपखण्ड अधिकारी दूलीचंद मीणा के निरीक्षण में भामाशाह स्वास्थ योजना में मिलने वाले लाभ से अधिकतम मरीजों के वंचित रहने की बात सामने आई थी। वहीं अस्पताल में दो साल से खराब पड़ी सीबीसी जांच मशीन को लेकर भी नारजगी जताई थी।


पत्नी की डीलेवरी हुए आठ महिने बीत गए, लेकिन लाभ की राशि का भुगतान नहीं हुआ।

इम्तियाज खान, डग

केन्द्र टीकाकरण के समय ही खुलता है।

राम सिंह, मन्दिरपुर

सप्ताह में एक या दो बार ही केंद्र खुलता है।

प्रताप सिंह, ग्रामीण उमरीया

केंद्र 9 बजे से लेकर 3 बजे तक रोजाना खोलना जरूरी है, यदि ऐसा है तो कारण बताओ नोटिस जारी कर कार्रवाई करेंगे।

डॉ. विकास जैन, ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी


खराब फसलों का हो सर्वे

पिड़ावा. हरनावदा गजा ग्राम पंचायत के दर्जनों ग्रामीणों ने सोयाबीन व उड़द की फसल में खराबे को लेकर एसडीएम कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर कार्यालय लिपिक को ज्ञापन सौंपा। इसमें बताया कि ग्राम पंचायत हरनावदा गजा के हरनावदा गजा, हरनावदा पीथा, खेड़ा, फ तेहपुर, सेमली चौहान, अलीपुर आदि गांवों में पीलिया रोग से सोयाबीन व उड़द की फ सल नष्ट हो गई है। सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की। भगवानसिंह, एलकार सिंह, बालूसिंह, मेहरबान सिंह, शिवसिंह, उमराव सिंह, दशरथसिंह, दिनेश, श्याम सिंह, भारतसिंह, सुल्तान सिंह, रामलाल, भगवान सिंह और गोवर्धन सिंह आदि शामिल थे।

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