ओटी शुरू नहीं करने पर भारी प्रसूताओं का मर्ज

Hari Singh gujar

Publish: Jan, 14 2018 01:09:44 PM (IST)

Jhalawar City, Jhalawar, Rajasthan, India
ओटी शुरू नहीं करने पर भारी प्रसूताओं का मर्ज

अनदेखी पर भारी सुविधा, राजकीय हीराकुंवर बा जनाना चिकित्सालय झालावाड़ का मामला

झालावाड़. हीराकुंवर बा जनाना चिकित्सालय के तीन ओटी (ऑपरेशन थियेटर) को शुरू करने का मन शायद अस्पताल प्रशासन का नहीं है। यहीं कारण है कि हर बार किसी वजह से इसको शुरू करने से पहले ही काम अटक जाता है। उधर ऑपरेशन थियेटर शुरू नहीं करने का मर्ज प्रसूताओं को भुगतना पड़ रहा है। इन ऑपरेशन थियेटर का कार्य गत दो वर्ष से चल रहा है। लेकिन कहीं ना कहीं कोई रोडा आ जाने के कारण बार-बार यह कार्य शिथिल पड़ जाता है। अब इन थियेटरों का कार्य अंतिम चरण में है।

 

इस सप्ताह शुरू किया जाना था-

यह थियेटर इस सप्ताह में शुरू किए जाने थे। लेकिन थियेटर के कई खिड़कियों के कांच टूट जाने एवं बाथरूम में कुछ काम शेष रहने के कारण यह ओटी शुरू नहीं किए जा सके है। उधर अस्पताल प्रशासन का मानना है कि इस बारे में पीडब्लूडी के अभियंताओं को अवगत करा दिया है। इन ऑपरेशन थियेटरों की कई जगह से टाइल्स भी उखड़ जाना इसे शुरू करने में बढा रोडा बन रही है। ऐसे में यह थियेटर सभी काम पूरा होने के बाद कुछ कार्य शेष रहने से शुरू नहीं हो पा रहे है।

 

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-प्रसूताओं की परेशानी
जनाना चिकित्सालय में फिलहाल एक ऑपरेशन थियेटर समेत एक लेबर रूम से काम चलाया जा रहा है। ऐसे में कई बार प्रसव का भार अधिक हो जाने के कारण प्रसूताओं को प्रसव के लिए इंतजार करना पड़ता है। रोजाना सुबह ९ से दोपहर ३ बजे तक प्रसव अधिक होने के कारण परेशानी होती है। आंकड़ों के मुताबिक रोजाना करीब २५ से ३० प्रसव रोजाना होते है। कभी कभार यह आंकड़ा ३५ से ४० भी हो जाता है। ऐसे में ७५० से ८०० प्रसव हर माह किए जाते है।

 

-सुविधाओं पर भारी परेशानी
जनाना चिकित्सालय में प्रसव के हिसाब से एमसीआई ने भी तीन ऑपरेशन थियेटर और तैयार कराने के निर्देश अस्पताल प्रशासन को दिए थे। लेकिन इन थियेटरों को शुरू नहीं किए जाने का मर्ज प्रसूताओं पर अब भारी पड़ रहा है। सर्वाधिक परेशानी का दौर सुबह एवं रात के समय होता है। जबकि एक ही ऑपरेशन थियेटर में प्रसव होते है। और अन्य प्रसूताएं इंतजार करती है। रोजाना करीब डेढ़ दर्जन से अधिक प्रसव सिजेरियन होते है। ऐसे में इन प्रसव के लिए ओटी की आवश्यकता होती है। जो यहां प्रसव के लिए नहीं मिल पा रहे है। उधर इन तीन ओटी के शुरू किए जाने के बाद प्रसूताओं को प्रसव के लिए विशेष सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

 

यह कहना है अधिकारियों का -

-ऑपरेशन थियेटर को शुरू करने में कुछ टाइल्स व ओटी के कुछ और कार्य शेष रहने के कारण यह शुरू नहीं हो पा रहे है। यह इसी सप्ताह से शुरू होने थे। लेकिन अब फिर से कार्य अटक गया है।
डॉ.राजन नंदा, अस्पताल अधीक्षक हीराकुंवर बा जनाना चिकित्सालय

-जनाना चिकित्सालय के ओटी को शुरू करने में कुछ तकनीकी समस्या आ रही है। इसके फर्श में टाइल्स अपने आप निकल रही है। इसको दिखवा रहे है।
आयुषी चौधरी, कनिष्ठ अभियंता पीडब्लूडी

 

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तीसरे निरीक्षण में भी सर्जरी को पीजी सीट्स नहीं
अब दुबारा 3 लाख का फटका
झालावाड़. मेडिकल कॉलेज से संबद्ध एसआरजी चिकित्सालय में तीसरी बार हुए एमसीआई के निरीक्षण में सर्जरी संकाय में पीजी सीटों का आवंटन नहीं किया। इसके अलावा नेत्र एवं कान, नाक एवं गला विभाग में पीजी सीटों का आवंटन नहीं हुआ है। ऐसे में सर्जरी रोग विभाग में पिछले दो निरीक्षण भी फेल हो गए। इसके बाद यह तीसरा निरीक्षण भी फेल हो गया। ऐसे में कुछ हो या न हो। लेकिन विभाग की कलई खुल गई। ऐसे में अब मेडिकल कॉलेज प्रशासन को इन सब्जेक्ट के लिए दुबारा निरीक्षण के लिए करीब ३ लाख रुपए का शुल्क भरना पड़ेगा। एमसीआई सर्जरी रोग विभाग में सीटें आवंटित नहीं करने का बड़ा कारण क्लीनिकल वर्क कम होने की बात कही है। इसमें बताया कि सर्जरी की पीजी संकाय में सीटों के आवंटन के हिसाब से रोगियों का वर्क लोड कम है। वहीं सर्जरी रोग में ऑपरेशन सहित कई काम नहीं हो रहे है। जो पीजी सीटों के आवंटन के लिए जरूरी है। उधर नेत्र एवं कान, नाक, गला विभाग में कुछ उपकरणों की कमी एवं क्लीनिक साइट का वर्क कम होने की बात जानकार बता रहे है। इन संकायों के लिए दूसरी बार एमसीआई ने निरीक्षण किया था। फिलहाल पिछले सत्र में किए निरीक्षण में फोरेन्सिक मेडिसीन में ४ एवं पैथोलोजी में ११ पीजी सीटों का आवंटन किया।

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