जिले में तीन लाख से अधिक किसान, पंजीयन महज 10 हजार किसानों का हुआ


- कहीं सरकार की अनदेखी से इस बार भी खरीद से वंचित नहीं रह जाए धरतीपुत्र

- 7 मार्च से शुरू हुआ था पंजीयान

By: harisingh gurjar

Published: 29 Mar 2019, 05:50 PM IST

Jhalawar, Jhalawar, Rajasthan, India

 

झालावाड़.सरकार ने भले ही समर्थन मूल्य पर सरसों व चना की खरीद के लिए ऑनलाइन पंजीयन प्रक्रिया 7 मार्च से ही शुरू कर दी हो, लेकिन हकीकत यह है कि सरकार की अनदेखी के कारण इस बार भी किसानों को समर्थन मूल्य पर होने वाली खरीद से वंचित रहना पड़ सकता है।

       इसके पीछे सरकार की लचर व्यवस्था ही जिम्मेदार होगी। जिले में साढ़े तीन लाख से अधिक किसान होने के बाद भी अभी तक महज 10 हजार किसानों का ही पंजीयन हुआ है। उससे पहले ही पंजीयन करना बंद कर दिया है।

     ऐसे में धरतीपुत्रो के सालभर हाड़तौड़ मेहनत करने के बाद भी उन्हें उचित भाव का लाभ नहीं पाता है। वहीं जिन किसानों का पंजीयन हुआ है उनके भी समय पर मैसेज नहीं आ रहे हैं, एक दिन में दस-दस ही किसानों के मैसेज आ रहे हैं।

        ऐसे में गत वर्ष भी कई किसानों के टोकन कटने के बाद तुलाई नहीं हुई थी, ऐसे में किसानों को इसबार भी यही ङ्क्षचता सता रही है, कि कहीं ऐसा नहीं हो कि इसबार भी पूरी तुलाई नहीं हो उससे पहले ही तुलाई बंद हो पाए।

तुलाई ऊंट के मुंह में जीरे समान-
जिले में करीब साढ़े तीन लाख से अधिक किसान है, पंजीयान महज 10 हजार किसानों के हुए है। तो तुलाई अभी तक सरसों की 3415 व चने की महज 318 क्विंटल फसल की ही हुई है। ऐसे में मार्च का अंतिम माह होने से किसानों को केसीसी जमा करानी है, तथा जिन किसानों ने इधर-उधर से पैसा उधार ले रखा है उन्हें समय पर नहीं चुकाने से ब्याज भुगतना पड़ रहा है। लेकिन सरकार द्वारा समय से इस ओर ध्यान नहीं देने के कारण अब बीच में लोकसभा चुनाव की आचार संहिता आने से किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। जिले में दस तहसीलों में छह केन्द्रों पर ही तुलाई शुरू हो पाई है। शेष में तुलाई शुरू होने की घोषणा नहीं हो सकी है।

यहां ये भी हो रही परेशानी-
पहले निर्देश दिया था कि किसी दूसरी तहसील में किसान पंजीयन नहीं करवा सकेंगे, लेकिन बाद में किसानों के विरोध करने पर जिले में मनोहरथाना व असनावर तहसीलों का पंजीयन पास की तहसीलों में किया गया। अब कुछ किसानों ने बकानी में पंजीयन करवा लिया है, लेकिन अब तुलाई नहीं हो रही है। अब किसान समाधान के लिए अधिकारियों के पास जा रहे है तो आचार संहिता का हवाला दिया जा रहा है। किसानों का कहना है कि ऐसे तो आचार संहिता के चक्कर में किसानों की फसले अधर-झूल में ही रह जाएगी, तुलाई ही नहीं हो पाएगी, ऐसे में समर्थन मूल्य का लाभ किसानों को कैसे मिलेगा।

इतने किसानों का ही हुआ पंजीयन, अब हो गया बंद
केन्द्र        चना          सरसों
अकलेरा  1270        2071
खानपुर 1067         3690
चौमहला 892         421
झालरापाटन 2019   1184
बकानी 600             714
भवानीमंडी 3215     2828
कुल किसान 9063   10908

इतनों की ही हुई तुलाई
केन्द्र      सरसों          चना
झालरापाटन 365      14
खानपुर 941.50        3 2
चौमहला 134           0
अकलेरा 926.50     140
बकानी 226 0
भवानीमंडी 822 132.50
कुल 3415 क्वि. 318.50 क्वि.

दस किसानों के ही आ रहे मैसेज-
एक बार में दस-दस किसानों के ही मैसेज आ रहे हैं ऐसे में तुलाई की रफ्तार कछुआ चाल से चल रहे है, ऐसे में किसानों को उधारी चुकाने व शादी ब्याह करने में खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कलमंडी कला निवासी किसान लक्ष्मीनारायण ने बताया कि सरकार समय पर समर्थन मूल्य पर किसानों की जिंसे खरीदें ताकी जिन लोगों से रूपए उधार ले रखे है उन्हें समय पर चुका सके।


दस हजार का ही हुआ पंजीयन-
जिले में 1400 राजस्व गांवों में करीब साढ़े तीन लाख से अधिक किसान है ऐसे में झालावाड़ जिले में सरसों के 10908 व चने की फसल का 9063 का ही पंजीयन हुआ है। ऐसे में सरकार कोअभी पंजीयन की तिथि बढ़ानी चाहिए। राज्य स्तर से क्षमता पूरी बता कर पंजीयन बंद कर दिया है। ऐसे में लाखों किसानों को सरकार की समर्थन मूल्य योजना का लाभ मिलना मुश्किल लग रहा है। किसानों देवीलाल ने का कहना है कि जितने किसान है उनकी पूरी नहीं तो कम से कम आधी फसले तो समर्थन मूल्य पर लेने चाहिए, इन दिनों किसानों का खर्चा बहुत हो रहा है, ताकि उसकी भरपाई हो सके। अभी जिले में चौमहला व बकानी में ही पंजीयन हो रहा है। शेष स्थानों पर बंद हो गए है।

समर्थन मूल्य भाव बाजार भाव
सरसो 4200 3500-3600
चना 4620 3500-3800
गेहूं 1840 16-1700

बढ़े पंजीयन की तिथि-

सरकार झालावाड़ जिले में खरीद का लक्ष्य बढ़ाए, अभी दस तहसीलों में से छह में ही तुलाई हो रही है। सभी तहसलों में लक्ष्य पूरा बताकर पंजीयन बंद कर दिया है, जिले में सरसो व चने की बंपर पैदावार इस बार हुई है, ऐसे में पंजीयन की तिथि बढ़ानी चाहिए।
राधेश्याम गुर्जर, महामंत्री भारतीय किसान संघ, झालावाड़


उचाधिकारियों से करेंगे बात-
जिले में सरसों व चने के पंजीयन में कुछ स्थानों पर परेशानी आ रही थी, उसका समाधानन कर दिया गया है, जिन स्थानों पर क्षमता अनुसार पंजीयन पूरा हो चुका है, इसके लिए राजफेड स्तर पर निर्णय होना है इसबारे में उच्चाधिकारियों से बात की जाएगी।
सिद्धार्थ सिहाग, जिला कलक्टर, झालावाड़।

रिपोर्ट :- हरिसिंह गुर्जर,झालावाड़

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