बकानी से गुजरे एनएच 52 तो 60 किमी दूरी होगी कम

बकानी से गुजरे एनएच 52 तो 60 किमी दूरी होगी कम

Arun Tripathi | Publish: Apr, 17 2019 03:39:11 PM (IST) Jhalawar, Jhalawar, Rajasthan, India

लगातार उठ रही मांग

बकानी. जिले से होकर निकल रहे सबसे पुराने नेशनल हाइवे 12 को बदलकर नेशनल हाइवे 52 कर दिया, पर अब तक आमजन इस बात से अनजान हैं कि अब यह जयपुर, जबलपुर नेशनल हाइवे ना रहकर संगरूर पंजाब से अकोला कर्नाटक तक 2031 किमी लम्बा नेशनल हाइवे हो है।
इस हाइवे को जब नेशनल हाइवे 52 किया तो इसका रूट अकलेरा से ब्यावरा सारंगपुर होकर चयन किया, जबकि झालावाड़ जिले से सारंगपुर देवास का रूट बकानी होकर ही गुजरता है। अकलेरा से सारंगपुर की दूरी 140 किमी के लगभग है और बकानी से सीधा सारंगपुर 90 किमी ही पड़ता है जो सीधा 50 किमी की बचत करता है साथ ही झालावाड़ से बकानी की दूरी अकलेरा की तुलना में 12 किमी काम है। कुल मिलाकर नेशनल हाइवे 52 अगर बकानी होकर निकलता है तो 6 2 किमी की बचत होगी। साथ ही अविकसित क्षेत्र को लाभ मिलेगा।
अब 2031 किमी लम्बा यह नेशनल हाइवे पंजाब के संगरूर से शुरू होकर हिसार, सिवनी, सादुप्लुर, चुरू, चोमू, जयपुर से कोटा झालावाड़, अकलेरा, ब्यावरा, सारंगपुर, देवास, इंदौर, सोलापुर से अकोला, कर्नाटक तक जाएगा। अब ब्यावरा से भोपाल जो पूर्व में नेशनल हाइवे 12 था उसे खत्म कर दिया है। 2012-13 में बकानी होकर डाइवर्ट करने की मांग उठी थी। मध्यप्रदेश राजगढ़ के तत्कालीन सांसद नारायण सिंह आमलाबे ने नेशनल हाईवे 12 जो उस समय जयपुर जबलपुर नेशनल हाइवे था। इसको बकानी जीरापुर होकर निकालने की मांग की थी क्योंकि अकलेरा होकर ये हाइवे 15 से 20 किमी ज्यादा पड़ता था और इसमें घाटी क्षेत्र थे, लेकिन उस समय बकानी क्षेत्र से विधायक विपरीत पार्टी के होने से ये मांग पूरी नहीं हो सकी थी।
क्षेत्र के विकास के लिए जरूरी एनएच
बकानी क्षेत्र को काफी समय से नेशनल हाइवे से जोडऩे की मांग उठती आई है। अब तय यह मांग की सख्त आवश्यकता महसूस होने लगी है ताकि जिले की सबसे पिछड़ी तहसील बकानी में भी विकास किया जा सके।

किश्त उठाने के बाद भी नहीं बना रहे पीएम आवास
रीछवा. पीएम आवास के कई लाभार्थी पहली किश्त उठाने के बाद भी मकान निर्माण शुरू नहीं कर रहे हैं। वर्ष 2016 -17 के लाभार्थियों के यहां बकानी पंचायत समिति विकास अधिकारी अमित शर्मा ने निरीक्षण किया। विकास अधिकारी ने दीवड़ी में लाभार्थी संतोष बाई, रमेश नायक, भंवरा बाई, रीछवा में मेहताब बाई व सोना बाई को दो दिन में आवास निर्माण शुरू कर एक माह में काम पूरा करने की समझाइश की। साथ ही दीवड़ी गांव से पलायन कर गए लाभार्थियों के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश ग्राम विकास अधिकारी बाबूलाल मेहर को दिए। विकास अधिकारी ने ग्राम पंचायत झिझनिया का भी निरीक्षण किया। इस दौरान बीडीओ के साथ सरपंच रामनारायण गुर्जर, पंचायत सहायक साजिद खान व अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।

सेल्फी हाऊस से किया जागरूक
भवानीमंडी. मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए उपखण्ड अधिकारी कार्यालय पर सेल्फी हाऊस बनाकर अधिकारियों व कर्मचारियों ने सेल्फी दिवस मनाया। उपखण्ड अधिकारी राजेश डागा ने बताया कि डग विधानसभा के बड़े कस्बों, तहसील मुख्यालयों व गंगधार उपखण्ड अधिकारी कार्यालय पर मोबाइल सेल्फी प्वांइट बनाए और सभी कर्मचारियों व आमजन ने इसके अंदर पहुंचकर सेल्फी लेकर लोगों को उत्साहित किया।

किसानों से अवैध कटौती बंद
खानपुर. कृषि उपज मण्डी में तिलम संघ की और से की जा रही गेहंू की खरीद में किसानों से की जाने वाली कटौती बन्द कर दी है। राजस्थान पत्रिका में प्रकाशित समाचार 'कट्टे का वजन 500 की जगह 800 ग्राम काट रहेÓ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इस पर तिलम संघ के क्षेत्रीय वरिष्ठ महाप्रबन्धक सुनील अग्रवाल ने आदेश जारी कर किसानों से की जा रही कटौती को तुरंत प्रभाव से बन्द करने के आदेश जारी किए। मंगलवार को सभी किसानों का गेहूं बिना कटौती किए कांटे पर तौला। तिलम संघ कोटा ऑपरेटर राजगोपाल ने खानपुर आकर किसानों के बयान दर्ज कर हम्मालों को बिना कटौती किए गेहूं का तोल करने के निर्देश दिए। यहां मंगलवार सुबह बारिश होने के बाद मची अफरा तफरी से गेहूं का 11 बजे बाद तौल शुरू होने से किसानों ने भी हंगामा खड़ा कर दिया। ऐसे में अधिकारियों की समझाइश के बाद तोल शुरू हो सका।
गेहूं का तौल नहीं होने पर हंगामा
सरकारी कांटे पर खानपुर पंचायत समिति प्रधान पति अभयसिंह चन्द्रावत द्वारा तौल के लिए लाए गेहूं का सैम्पल फैल कर दूसरे दिन भी तौल नहीं होने से हंगामा खड़ा कर दिया। कुछ लोगों ने यहां लाए गेहूं की उचित मूल्य की दुकान का बताकर शिकायत उच्चाधिकारियों से की थी। इस पर तहसीलदार राजेन्द्र कुमार मीणा, पटवारी अखिलेश नागर, क्रय-विक्रय सहकारी समिति व्यवस्थापक अरुण कुमार गौतम व तिलम स
ंघ के प्रतिनिधि नन्दलाल शर्मा ने गेहंू का सेम्पल फैल कर तौलने से इन्कार कर दिया। शाम को किसान द्वारा गेहूं वापस ले जाने पर वापस भी नहीं ले जाने दिया। कलक्टर के निर्देश पर मंगलवार को यहां प्रवर्तन निरीक्षक विनोद कुमार हमराह व अकलेरा के प्रवर्तन निरीक्षक मुकेश खींची ने सरकारी तौल केन्द्र पर पहुंचकर यहां लगे गेहूूं के ढेर के संबंध में किसानों के बयान दर्ज किए। लेकिन इस गेहूं को उचित मूल्य की दुकान का प्र्रमाणित करने के लिए कोई शिकायतकर्ता मौके पर नहीं मिला। मौके पर किसानों को रिपोर्ट तैयार कर सुनाई गई। रिपोर्ट जिला रसद अधिकारी को भेजी जाएगी, लेकिन कमेटी द्वारा सेम्पल पास नहीं किए जाने से गेहूं का तौल नहीं हो सका।

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