कोरोना के डर से नॉनवेज की घटी बिक्री

-संक्रमण के डर से करने लगे परहेज

By: arun tripathi

Updated: 19 Mar 2020, 03:31 PM IST

अरुण त्रिपाठी
झालावाड़. विश्वभर में जहां कोरोना वायरस से हाहाकार मचा है। इसके चलते आमजन भी अपने स्वास्थ्य के प्रति कुछ ज्यादा ही जागरूक हो गए हैं। लोगों ने नॉनवेज से एक तरह का परहेज रखना शुरू कर दिया है। इससे नॉनवेज दुकानदारों में मायूसी है।
सबसे ज्यादा असर चिकन, मटन, मछली और अंडे की दुकानों पर पड़ा है। चिकन के दामों में लगभग 70 प्रतिशत की गिरावट हुई है। नियमित रूप से नॉनवेज खाने वाले लोग भी अब इससे परहेज करने लगे हैं।
कोरोना संक्रमण कैसे होता है, इसको लेकर कई तरह की अफवाह इन दिनों बाजार में चल रही हैं। कहा जा रहा है कि चिकन-मटन-मछली-अंडा खाने से भी कोरोना हो सकता है। इस अफवाह के बाद लोगों ने इनसे परहेज करना शुरू कर दिया है। कुछ लोगों का कहना है कि बर्ड फ्लू जैसी बीमारियों की तरह ही कोरोना भी पक्षियों से फैला है। यह भी नॉनवेज से परहेज रखने का एक बड़ा कारण है।
-दुकानदारों पर दोहरी मार
जानकारों ने बताया कि पोल्ट्री फार्म संचालक मुर्गियों को स्टार्टर, मिडर और फिनिशर के आभार पर डाइट देते हैं। इसके अलावा दवाइयों का भी उपयोग कर वजन बढ़ाया जाता है। बिक्री नहीं होने के कारण उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है।
-मछली का 25 प्रतिशत व्यापार बढ़ा
इधर, झालावाड़ बस स्टैंड स्थित मछली विक्रेता रघुराज सिंह कश्यप ने बताया कि बिजनेस पर ज्यादा असर नहीं है। चिकन की बिक्री कम होने से 25 प्रतिशत मछली का व्यापार बढ़ा है।
-ग्राहकी प्रभावित
झालावाड़ बस स्टैंड स्थित दुकानदार आलम कुरैशी ने बताया कि बिजनेस में लगभग 70 प्रतिशत की गिरावट हुई है। पहले बायलर चिकन लगभग 150 रुपए किलो में बिक जाता था, अब 70 रुपए किलो बिक रहा है। शहर में लगभग 12 दुकानें हैं, जिन पर 7 से 8 क्विंटल माल रोजाना बिकता था, अब 3 क्विंटल भी नहीं निकल पा रहा है।
—देशी मुर्गी की डिमांड ज्यादा
गोलाना स्थित देशी मुर्गी पालक अकबर भाई ने बताया कि डिमांड के आधार पर वे आपूर्ति नहीं कर पा रहे हंै। उनके यहां 1000 से 500 रुपए तक प्रति नग के हिसाब से माल बिकता है।
—10 किलो भी नहीं बिक रहा
झालरापाटन के सूरजपोल गेट स्थित दुकानदार साहिल कुरैशी ने बताया कि वे चिकन हरियाणा व अजमेर से और वॉयलर चिकन सोयत, रुण्डलाव, हैमड़ा, नयागांव, ग्रोथ सेंटर, चंदलाई सहित आसपास के क्षेत्र से मंगाते हैं। बाहर के बाजारों में भी कीमतों में भारी गिरावट हुई है।
—कोरोना वायरल नॉनवेज खाने से बढ़ रहा है, इस तरह की बाजार में फैलाई गई अफवाह पूरी तरह से गलत है। इसमें कोई सत्यता नहीं है। सही तरह से साफ किया और पका हुआ चिकन-मटन खाने वाले को कोई नुकसान नहीं पहुंचाता है। डब्ल्यूएचओ भी अपनी रिपोर्ट में इसे बता चुका है। इस अफवाह के फैलने से पोल्ट्री फार्म और चिकन-मटन बेचने वालों का बिजनेस बुरी तरह से प्रभावित हुआ है।
डॉ. निश्चित तोमर, संयुक्त निदेशक, पशुपालन विभाग, झालावाड़


एक्सपर्ट व्यू
—हाथ जोड़कर अभिवादन करेंं
झालरापाटन. कोरोना वायरस को लेकर सावधानी बरतें, लेकिन अफवाहों से बचकर रहें। इन दिनों में मांसाहार का उपयोग नहीं करें। जुकाम-खांसी होने व छीक आने पर अपनी बाह से मुंह पोछे। जुकाम वाले रोगी से एक मीटर दूरी रखें। हाथ मिलाने के बजाय हाथ जोड़कर नमस्कार व अभिवादन करें। जुकाम वाले रोगी से परिवार के लोग एक सप्ताह तक दूरी पर सोएं। हाथ-पैर में दर्द व जुकाम होने पर तुरंत चिकित्सालय या चिकित्सक के पास जाकर दवां लें। घर में प्रवेश करने पर साबून से अच्छी तरह हाथ धोएं और पैरों को भी पानी डालकर धोएं। कोरोना के जीवाणु भारी वजन वाले होते हैं, इसलिए यह हवा में ज्यादा देर उड़ नहीं पाते हैं और यह जमीन पर बैठ जाते हैं। इसलिए बाहर से आने वाली वस्तु को घर के बाहर ही पौंछ ले। पुराने लोग हमेशा अपने साथ अंगोछा रखते थे, जिससे वह बार-बार अपना मुंह साफ करते थे, लेकिन अब यह परंपरा बहुत कम हो गई है।
डॉ. डीके जैन, सेवा निवृत राज्य क्षय रोग अधिकारी

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