नहीं बन पाया राज्य का पहला सरकारी जन औषधी केंद्र

नहीं बन पाया राज्य का पहला सरकारी जन औषधी केंद्र

Jitendra Jaikey | Publish: Apr, 21 2019 11:07:01 AM (IST) | Updated: Apr, 21 2019 11:07:02 AM (IST) Jhalawar, Jhalawar, Rajasthan, India

-ठंडे बस्ते में चली गई योजना

नहीं बन पाया राज्य का पहला सरकारी जन औषधी केंद्र
-ठंडे बस्ते में चली गई योजना
-जितेंद्र जैकी-
झालावाड़. केेंद्र सरकार की ओर से जिला मुख्यालय पर बनने वाला राज्य का पहला सरकारी प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधी केंंद्र उदासीनता की भेंट चढ़कर ठंडे बस्ते में चला गया। झालावाड़ मेडिकल एवं हास्पिटल सोसायटी की ओर से पहले इसके लिए ई टेंडर निकाले गए, लेकिन किसी भी ने इसके लिए रुचि नही ली इस दौरान विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लग गई व मामला अटक गया। इसके बाद विभाग उदासीन हो गया अब फिर से लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लग चुकी है। केंद्र सरकार की ओर से झालावाड़ में राज्य का पहला सरकारी प्रधानमंत्री जन औषधी केंद्र खोलने के आदेश अगस्त 2018 में सोसायटी को प्राप्त हुए थे। इस पर सोसायटी की ओर से 10 अगस्त 2018 को केंद्र के संचालन के लिए निविदा जारी की गई। इसके लिए ई टेंडर जमा करने की तारीख 12 सितम्बर व टेंडर को खुलने की तारीख 14 सितम्बर तय की गई। लेकिन किसी ने भी इस दिशा में पहल नही की। इस पर जयपुर निदेशालय से भी 13 सितम्बर को पत्र जारी कर इसकी जानकारी ली गई थी। निजी तौर पर तो अन्य जगहों पर केंद्र हो सकते है लेकिन सरकारी तौर पर सरकारी चिकित्सालय में यह राज्य में पहला केंद्र होता।
-आम जनता को मिलती सुविधा
जनता की सुविधा के लिए जन औषधी केेंद्र एसआरजी व हीरा कुंवर महिला चिकित्सालय के बीच बनाया जाता। केंद्र की एप्रोज जनता की सुविधा के अनुसार बनती। इससे जनता को बाजार भाव की अपेक्षा करीब 75 प्रतिशत सस्ती दवाइयां मिलती। केेंद्र खुलने से मरीजों को बाजार के मेडिकल स्टोरों से मंहगी दवाइयां नहीं खरीदनी पड़ती। यहां हर प्रकार की सस्ती व गुणवत्ता वाली दवाइयां उचित दर उपलब्ध होने की सुविधा होती। केंद्र पर ऑनलाइन खरीदारी की सुविधा भी उपलब्ध रहती।
-बाहर से दवा खरीदने से मिलती राहत
राजकीय चिकित्सालय में आने वाले मरीजों को कई बार बाहर से दवाईयां खरीदनी पडत़ी है। राजकीय चिकित्सालय के सामने स्थित चिकित्सकों के आवास के निकट सैकड़ों मेडिकल कॉलेज संचालित है। जिले के आसपास के अलावा दूर दराज से आने वाले मरीजों को कई बार चिकित्सक को घर पर दिखाना पड़ता है। चिकित्सक द्वारा लिखी बाजार की महंगी दवाई भी खरीदना पड़ती है। केंद्र पर ऐसी दवाई कम दर पर मिल जाती है। इससे मरीजों को खासी राहत मिलती व उन पर आर्थिक भार भी कम आता।
-जगह का भी चयन हो गया था
प्रधानमंत्री जन औषधी केंद्र के लिए राजकीय एसआरजी चिकित्सालय के मुख्य द्वार पर सिटी फोर लेन की सर्विस लेन पर एटीएम के पीछे खाली पड़े स्थान पर करीब 10 बाई 20 फुट के स्थान पर करीब 4.78 लाख की लागत से केंद्र का निर्माण किया जाना था व इसमें करीब 50 लाख की लागत की दवाईयां रखी जानी थी।
-दो माह में निर्माण करने का किया था दावा
अगस्त 2018 में सार्वजनिक निर्माण विभाग के तत्कालीन अधिशासी अभिंयता एस.पी.गोयल ने दावा किया था कि प्रधानमंत्री जन औषधी केंंद्र के लिए विभाग की ओर से टेण्डर निकाले जा चुके है। टेण्डर प्राप्त होने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी व दो माह में केंद्र बनकर तैयार कर दिया जाएगा
-फिर से टेंडर निकालने का प्रयास किया जाएगा
इस सम्बंध में राजकीय एसआरजी चिकित्सालय झालावाड़ के अधीक्षक डॉ. दीपक गुप्ता ने बताया कि राज्य मेंं सरकारी स्तर पर पहले प्रधानमंत्री जन औषधी केंद्र के संचालन के लिए टेंडर निकाले गए थे लेकिन किसी ने भी ईटेंडर नही भरा इसलिए याजना परवान नही चढ़ पाई। अभी लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगी हुई है। इसके बाद दुबारा से टेंडर निकालने का प्रयास किया जाएगा।

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