अब दुर्लभ अभावग्रस्त बालकों को मिलेगा मौका

राज्य सरकार द्वारा सत्र 2016-17 के लिए नि:शुल्क   एवं अनिवार्यबाल शिक्षा अधिकार (आरटीई) के अंतर्गत

By: मुकेश शर्मा

Published: 10 Apr 2016, 11:47 PM IST

झालावाड़।राज्य सरकार द्वारा सत्र 2016-17 के लिए नि:शुल्क   एवं अनिवार्यबाल शिक्षा अधिकार (आरटीई) के अंतर्गत नि:शुल्क शिक्षा के लिए सरकार ने नई गाइड लाइन जारी की है। आरटीई में प्रवेश के लिए बालक का मौलिक रुप से निवास विद्यालय के कैचमेंट एरिया, गांव, ग्राम पंचायत तथा शहरी क्षेत्र में वार्ड, नगरपालिका, नगरपरिषद का निवासी होना आवश्यक है। वहीं बालक उपलब्ध नहीं होने पर अन्य गांव अथवा नगर निकाय व ग्राम पंचायत के बच्चों को प्रवेश दिया जा सकेगा।

20 अप्रेल तक आवेदन

राज्य सरकार द्वारा जारी कैलेंडर अनुसार विद्यालय द्वारा अपने स्तर से विज्ञापन, प्रचार-प्रसार करने तथा 20 अप्रेेल तक आवेदन पत्र प्राप्त कर सकेंगे। ऑन लाइन आवेदन का विकल्प 25 अप्रेल तक खुल रहेगा। 25 अप्रेल तक आवेदन-पत्रों की जांच संबंधित विद्यालय द्वारा की जाकर राज्य स्तर पर एनआईसी के द्वारा 28 अप्रेल को लॉटरी निकाली जाएगी। वहीं लॉटरी में बच्चों प्रवेश वरीयता क्रम में होगा।  

दुर्लभ वर्ग को मिलेगी सुविधा

 इस बार राज्य सरकार ने दुर्लभ वर्ग एवं असुविधाग्रस्त समूह के बालकों को प्रारम्भिक विद्यालयों में नि:शुल्क प्रवेश का अवसर मिल सके, इसलिए ऐसा किया। दुबर्ल वर्ग के अंतर्गत  बालक के अभिभावकों का राज्य अथवा केन्द्र की बीपीएल सूची में ंहोना आवश्यक है। वहीं असुविधाग्रस्त समूह के अंतर्गत बालक का एससी, एसटी अथवा  अनाथ, युद्ध विधवा- आश्रित एवं नि:शक्तजन बालक हो सकता है। वहीं बालक का नि:शुल्क प्रवेश के लिए बालक की आयु का निर्धारण विद्यालय की प्रवेश कक्षा अनुसार निर्धारित होगा।
मुकेश शर्मा Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned