पेंटेड स्टार्क को खूब रास आ रही खंडिया की नम भूमि

- झालावाड़ शहर के खंडिया तालाब के पेड़ पर बनाया बसेरा

By: harisingh gurjar

Published: 15 Sep 2021, 08:49 PM IST

झालावाड़. शहर में खंडिया तालाब में इन दिनों पेंटेड स्टार्क घोंसले बना रहे हंै। इससे तालाब सुंदर और आकर्षित पक्षियों की चहल से आबाद हो रहा है। हल्के सफेद रंग पर गुलाबी व नारंगी रंग उसे और अधिक आकर्षक बना देता है। ऐसा लगता है कि मानो किसी पेंटर ने अपने ब्रश से बड़े करीने से रंग भर दिया हो। लंबी और पतली टांग, नुकीली लंबी चोंच उसे दूसरे पक्षियों से अलग करती है। यह पक्षी मानव से भी ज्यादा समझदार होती हैं क्योंकि यह अपने सुरक्षा के लिए अपने आस-पास की हरियाली बचा कर रखती हैं। पेंटड स्टॉर्क अपने घोसलें को बनाने के लिए बाहर के तिनके का इस्तेमाल करते हैं। वो जिस भी पेड़ की शाखा पर बैठते हैं,उसके तिनकों का इस्तेमाल घोंसला बनाने के लिए नहीं करते हैं बल्कि अन्य शाखाओं से तिनके बटोर कर अपना घोसला बनाते हैं। यह प्रवासी पक्षी हैं मौसम में बदलाव या भोजन की उपलब्धता या प्रजनन के लिए अपने स्थान से कुछ दूरी की आवाजाही करते हैं। यहां पर बीते कुछ दिनों से यह रह रहे है यह पक्षी यहीं पर अपना प्रजनन काल पूरा करते हैं। खंडिया तालाब पर इन दिनों इनकी नेस्टिंग देखने को मिली इसका मुख्य कारण है कि यहां की नम भूमि और तालाब में पाए जाने वाले मछली,मेंढक, सांप। ऐसी जमीन ही इन पक्षियों को रास आती है। साथ ही इस तालाब के पास ही कृषि क्षेत्र और घास के मैदान होने से पक्षियों को भोजन आसानी से मिल जाता है।

बारिश के मौसम में आते हैं-
खंडिया तालाब के आसपास और तालाब में रहने वाले जीव-जंतुओं पर कार्य कर रही शोधार्थी दिव्यांशी खलोरा ने बताया कि यह पक्षी जून में हर वर्ष यहां आना शुरू हो जाते हैं। ये पक्षी बारिश के मौसम में आते है, प्रजनन काल पूर्ण करके सर्दी के बाद लौट जाते हैं। पेंटेड स्टॉर्क शांत स्वभाव और एक ही मुद्रा में घंटों तक खड़े रहने के लिए जाने जाते हैं।

अपनी सुरक्षा के लिए पेड़ पर बनाते है घोंसला-
यूनिवर्सिटी ऑफ कोटा, प्राणी शास्त्र विभाग की समन्वयक डॉ.स्मृति जोहरी ने बताया कि इन पक्षियों ने पानी के बीच में उगे बबूल के पेड़ो पर घोंसले बनाए है इससे इनको किसी और जानवर से कोई डर नहीं होता। मुख्य भोजन मेंढ़क, सरीसृप, कैकड़े, बडे कीडे और मछलियां हैं। जो इन पक्षियों को यहां आसानी से मिल जाते हैं। इससे हर साल यह पक्षी खंडिया तालाब की ओर रूख करते हैं। पिछली बार बारिश अच्छी नहीं होने के कारण इनकी नेस्टिंग नहीं हुई थी। यह पक्षी एक बार में 3-4 अंडे देते हैं। अंडों से 33-34 दिनों में बच्चे बाहर आते हैं। यह पक्षी करीब 60 से 65 दिन में अपने घोसलें छोड़कर वापस दूसरे स्थान पर चले जाते हैं। यहा पर बबूल के पेड़ एक जगह पर होने से व इन पेड़ो की संख्या ज्यादा होने से पेंटेड स्टार्क अगली बार हमे अधिक संख्या में देखने को मिलेंगे। आवास, प्रजनन,भोजन की तलाश में ऐसे कुछ अन्य पक्षी भी खंडिया पर आते है।

आसानीसे मिल जाते हैं-
खंडिया तालाब इन पक्षियों के लिए अच्छी जगह है, इन पक्षियों को यहां आसानी से मिल जाते हैं। इन पेड़ो की संख्या ज्यादा होने से पेंटेड स्टार्क अगली बार हमे अधिक संख्या में देखने को मिलेंगे।
डॉ.स्मृति जोहरी, समन्वयक, प्राणी शास्त्र विभाग, कोटा विवि कोटा।

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