फरवरी में पाटन, चार साल में भोपाल

रामगंजमंडी-भोपाल ट्रेन का मामला : झालरापाटन रेलवे स्टेशन का काम अंतिम चरण में

By: jagdish paraliya

Updated: 10 Jan 2019, 04:46 PM IST

झालावाड़. आगामी वित्तीय वर्ष में झालरापाटन तक ट्रेन पहुंचने की उम्मीद है। झालरापाटन स्टेशन का काम करीब ९५ फीसदी पूरा हो चुका है। फ्लोरिंग, स्केटिंग सहित कुछ छोटे-मोटे काम बाकी है। ऐसे में रेलवे प्रशासन युद्ध स्तर पर काम कर रहा है। जो आगामी फरवरी तक पूरा होने की पूरी उम्मीद है। इसके बाद रेल संरक्षा आयुक्त के दौरे के बाद ट्रेन चलाने की अनुमति मिल सकेगी। झालरापाटन सहित आस-पास के ग्रामीणों के लिए नए स्टेशन से ही कोटा तक जाने की सुविधा मुहैया हो जाएगी। अभी झालरापाटन के लोगों को झालावाड़ स्टेशन तक जाना पड़ता है, यह स्टेशन शुरू होने के बाद दो-से तीन किलोमीटर का चक्कर कम हो जाएगा। हालांकि रामगंजमंडी से भोपाल तक का प्रोजेक्ट २०२१-२२ तक पूरा होने की उम्मीद है।
नदियों में बनने हैं पुल
रामगंजमंडी-भोपाल बड़ी रेल लाइन परियोजना के तहत अब झालावाड़ से अकलेरा-ब्यावरा के बीच कई काम पूरे हो चुके हैं, लेकिन अभी बीच-बीच में उजाड़ सहित कुछ नदियों में पुल बनने बाकी है।भोपाल तक २७ स्टेशन होंगे
भोपाल तक २७ रेलवे स्टेशन होंगे
रामगंजमंडी से भोपाल तक की २७६ किलोमीटर लाइन में करीब २७ रेलवे स्टेशन आएंगे। इनमें से कई के काम पूरे हो चुके हैं तो कई के कार्य अभी प्रगति पर है। २७ रेलवे स्टेशनों में रामगंजमंडी, जुल्मी, झालावाड़ सिटी, झालरापाटन रीको ग्रोथ सेंटर, जूनाखेड़ा, आमेठा, अकलेरा, पचोला, घाटोली, नयागांव, भोजपुर, देवपुर, खिलचीपुर, राजगढ़, नृसिंहपुरा, ब्यावरा, पिपलहेड़ा, सोनकच्छ, नृसिंहगढ़, जामुनिया गणेश, कुरावर, शामपुरा, धुरा, झारखेड़ा, मुंगलियाहाट, गांधीनगर, भोपाल आदि स्टेशन होंगे।
तीन टनल भी बन रही
झालावाड़ से अकलेरा-ब्यावरा के बीच १४ नए रेलवे स्टेशन और तीन टनल बनाई गई है। इसमें एक अकलेरा में, दूसरी पचोला व तीसरी घाटोली में बनाई गई है। इनमें से सबसे बड़ी एक किलोमीटर लंबी टनल घाटोली में बनाई गई है।

ब्यावरा तक के लिए १४५० करोड़ का है प्रोजेक्ट
रामगंजमंडी से भोपाल बड़ी रेल लाइन परियोजना के तहत १६५ किलोमीटर के ब्यावरा तक के रूट के लिए अनुमानित लागत करीब १४५० करोड़ रुपए है। इस कार्य को २०२१ तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रोजेक्ट में २ महत्वपूर्ण पुल बनाए जाने हैं। वहीं २८ मेजर व २५० छोटे पुल में कुछ बना दिए गए है, कुछ का काम चल रहा है। अभी २१ रोड अंडर ब्रिज भी बनाने हैं। वहीं ब्यावरा से भोपाल तक के लिए १२८, माइनर ब्रिज, ७ मेजर ब्रिज तथा करीब ८५ रोड अंडर ब्रिज बनाए जाने है, इनका काम प्रगति पर है।
ये होगा लाभ
लोगों का रामगंजमंडी से भोपाल कनेक्टिविटी का समय बचेगा।
कोटा, झालावाड़, राजगढ़ व भोपाल से सीधा जुड़ाव होगा।
नई ट्रेनों को चलाया जा सकेगा, इससे झालावाड़ के लोगों के लिए सुविधा हो जाएगी।

अभी झालरापाटन स्टेशन बनने का कार्य जारी है। इसका निर्माण पूरा होने के बाद निर्धारित प्रक्रिया पूरी किए जाने के बाद ही ट्रेन के संचालन के लिए ट्रेक खुलेगा।
विजय प्रकाश, सीनियर डीसीएम, कोटा रेल मंडल

ऐसा है प्रोजेक्ट
२७६.०४ किलोमीटर कुल लंबाई
२६११ करोड़ रुपए रामगंजमंडी से भोपाल तक प्रोजेक्ट की कुल लागत
२०२१-२२ तक संभावित प्रोजेक्ट के पूरा होने का समय
३४० करीब छोटे-बड़े पुल
१०६ करीब रोड अंडर ब्रिज पुल

jagdish paraliya
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