कैंडिडेट बोले बकानी, रटलाई में महाविद्याल खानपुर में भी सुविधाएं कराएंगे मुहैया...

संभावित दावेदार: सुरेश गुर्जर, फिरोज खान (कांग्रेस), अनिल जैन (भाजपा)

By: harisingh gurjar

Updated: 12 Oct 2018, 09:12 PM IST

 


.अनिल जैन- भाजपा
ये रहेंगी प्राथमिकताएं-
अनिल जैन से प्राथमिकताओं के बारे में बात की तो उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे की इच्छाओं के अनुरूप ही विधानसभा में सभी प्राथमिकताएं पूरी की जाएंगी।

ये है दावेदारी की वजह-
अनिल जैन 2008 में भाजपा सरकार में एमएलए रहे चुके हैं, 2013 में पार्टी से टिकिट कटने पर राजपा से चुनाव लड़ा लेकिन हार गए, इन्हे 33624 मत मिले थे, इनके पिता स्व. अनंग कुमार जैन लंबे समय तक वित्त मंत्री रहे। इन्हें राजपा में जाने के बाद भाजपा से निष्कासित कर दिया था, फिर से पार्टी में लेकर सीएम की विधानसभा के झालरापाटन, झालावाड़ व रायपुर बूथ का प्रभारी बनाया गया है। अभी पार्टी के लिए काम करने में जुटे हुए है।

.सुरेश गुर्जर-
ये है प्राथमिकताएं-
-बकानी में गुरूकुल में कृषि व सामान्य स्नातक महाविद्यालय
- रटलाई में संस्कृत महाविद्यालय की स्थापना करनवाना।
- खानपुर, बकानी को नगरपालिका का दर्जा दिलवाना।
- विधानसभा में विकास से वंचित गांवों में विकास पहली प्राथमिकता।
- बकानी क्षेत्र में बंद पड़े हथकरघा उद्योग खादी भंडार को फिर से शुरू करवाना।
- बकानी-खानपुर में एससी। एसटी के छात्रों के लिए छात्रावास खोलना।

ये है दावेदारी की वजह
सुरेश गुर्जर अभी कांग्रेस में एसबीसी प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक है, 1999 में पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुके हैं, छह वर्षों से एनएसयूआई का कॉलेज प्रबन्धन का काम देख रहे हैं। इस बार चुनावीसाल में भी कन्या महाविद्यालय व पीजी महाविद्यालय में एनएसयूआई का जीत इनके मार्गदर्शन में हुई है। युवाओं में खासी पकड़ रखते हैं। क्षेत्र में सभी जातियों में अच्छी पकड़ है। खानपुर व बकानी में गुर्जर समाज की अच्छी संख्या बताई गई है।

फिरोज अहमद
ये प्राथमिकताएं-
- ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों को निर्माण एवं सुधारीकरण करना।
- क्षेत्र में नई नहरों का निर्माण करवाना।
- शिक्षा व्यवस्था में सुधार करना।
- रसद विभाग की व्यवस्था में सुधार करना।
- खानपुर व बकानी में परिवहन व्यवस्था में सुधार करना।
- खानपुर व बकानी कस्बों को स्मार्ट सिटी बनवाना।
- किसान की खराब फसलों का मुआवजा दिलवाना तथा अकावद डेम क्षेत्र में आए लोगों के पुनर्वास से जुड़ी समस्याओं को हल करना।
ये दावेदारी की वजह-
2010 से जिला कांग्रेस विधि एवं मानवाधिकार प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष पद पर काम कर रहे हैं। पूर्व मंत्री इकबाल अहमद के पुत्र हैं। वकालत के पेशे से जुड़ हुए होने से कई लोगों से संपर्क में।

harisingh gurjar
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