
एसडीपी कीट खत्म, जान पर भारी पड़ रहा डेंगू का डंक
झालावाड़.शहरवासियों को अब डेंगू डंक मार रहा है। हर दूसरे घर में लोग मौसमी बीमारियों से पीडि़त हैं, लेकिन इस बीच व्यवस्थाएं भी हांफने लगी है। एसडीपी (सिंगल डोनर प्लेटलेट्) किट एसआरजी चिकित्सालय में तीन दिन से खत्म हैं। ऐसे में अब प्लेट्लेट्स गिरते हैं तो रक्तवीरों के कंधे पर पूरा दारोमदार होगा। निजी ब्लड बैंक किट के लिए हाथ खड़े कर चुके हैं। तो एसआरजी चिकित्सालय में भर्ती डेंगू के मरीजों को कीट के अभाव में एसडीपी की जगह आरडीपी चढ़ाकर ही काम चलाना पड़ रहा है।
परिजनों को कोटा सहित अन्य निजी लैब से एसडीपी की व्यवस्था करनी पड़ रही है। ऐसे में जिले का सबसे बड़ा मेडिकल कॉलेज व चिकित्सालय होने के बाद भी जिले सहित निकट वर्ती मध्यप्रदेश के गांवों से आने वाले मरीजों को यहां आकर निराशा हाथ लग रही है। वहीं भर्ती डेंगू के मरीजों के परिजन भी परेशान हो रहे हैं।राजस्थान पत्रिका ने पड़ताल की तो सामने आया कि एसडीपी के लिए जितनी जरुरत है उस हिसाब से डिमांग नहीं भेजी रही है।
बकाया भुगतान-
सूत्रों न बताया कि ब्लड बैंक 50 एसडीपी किट चाहिए। लेकिन डिमांड 25 की ही भेजी जा रही है।हालांकि जानकार ये भी बता रहे हैं कि कंपनी के करीब पौने दो लाख रुपए बकाया है। इस लिए भी कंपनी वाले किट नहीं भेज रहे हंै। जिम्मेदारों का तर्क ये भी है कि नियमानुसार 10 हजार के नीचे प्लेटलेट्स आने पर ही एसडीपी मुहैया कराई जाती है।
क्या है एसडीपी किट
एसडीपी किट में सीधे ही सिंगल व्यक्ति से प्लेटलेट्स ली जाती है। रक्तदान में प्लेटलेट्स निकाल कर चढ़ाई जाती है, इसके लिए मशीन की आवश्यकता रहती है व रक्तदान की तुलना में प्लेटलेट्सदान में समय भी ज्यादा लगता है।
पत्रिका अपील -
सभी ब्लड बैंक में वर्तमान में एसडीपी किट खत्म हो गए हैं। फिलहाल रक्तदान करवाकर एसडीपी किट की जगह मरीजों को आरडीपी उपलब्ध कराई जा रही है। आमजन से अपील है कि ज्यादा से ज्यादा रक्तदान करें ताकि प्लेटलेट्स तैयार हो सके।रक्तदाता समूह के जय गुप्ता ने भी इस मुहिम में सहयोग की अपील की है।
केस -1
मेरा भाई शिवलाल 22 वर्ष भर्ती है, उसकी प्लेटलेट्स 6 हजार ही रह गई है। सरकारी से 2 यूनिटआरडीपी लाए है।एसडीपी नहीं मिल पा रही है। सुबह 11बजे से परेशान हो रहे हैं।
पवन पाटीदार, मरीज का भाई निवासी,भानपुरा।
केस-2
मेरे पिताजी एसआरजी में भर्ती है। लेकिन एसडीपी नहीं मिल पा रही है। कुल सुबह 8 बजे से परेशान हो रहे हैं। आज शाम हो गई है। जिला प्रशासन को इस ओरध्यान देना चाहिए।
रामबाबू दांगी, मरीज का पुत्र निवासी डोला
किट की मांग की गई-
अभी कीट को लेकर सभी जगह दिक्कत आ रही है। सुबह ही फोन किया है। 75 किट मांगे हैं। भुगतान संबंधी कोई बकाया हमारे स्तर पर नहीं है। बिलों का भुगतान नियमानुसार होता ही है।अभी आरडीपी दे रहे हैं, इसमें कोई परेशानी नहीं आ रही है।
डॉ.संजय पोरवाल, अधीक्षक, एसआरजी चिकित्साल,झालावाड़।
नोट: डेंगू संबंधी आरडीपी व एसडीपी नहीं मिलने की शिकायत आप 9413980981 पर वाट्सअप करके बता सकते हैं।
Published on:
23 Oct 2021 04:36 pm
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