स्टेट हाइवे घोषित किए एक साल बीता, गड्ढों से दो चार हो रहे वाहन चालक

Jagdish Paraliya

Updated: 16 Nov 2019, 04:41:05 PM (IST)

Jhalawar, Jhalawar, Rajasthan, India

घोषणा करने के बाद से कार्य शुरू नहीं हो पाया
लालचंद सुमन
रटलाई (झालावाड़). कस्बे से निकलने वाले आसलपुर से गुराडिय़ामाना तक स्टेट हाइवे की घोषणा पिछली सरकार से आनन-फानन में की, लेकिन समय पर बजट नहीं मिलने से कार्य शुरू नहीं हो पाया।
सार्वजनिक निर्माण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार कुछ महिने पूर्व वर्तमान सरकार ने इस हाइवे की दूरी 8 9 किमी से कम कर दी है। साथ ही इसकी चौड़ाई 7 मीटर के बजाए अब साढ़े पांच मीटर कर दी। अब यह हाइवे आसलपुर से गुराडिय़ामाना तक घोषणा करने के बाद से कार्य शुरू नहीं हो पाया। बकानी, भालता व्याया रटलाई स्टेट हाइवे को विभाग ने स्टेट हाइवे 119 नम्बर एलॉट किए हैं। अधूरे कार्यों से राहगीरों व वाहन चालाकों को परेशानी हो रही है।
इस मार्ग में कस्बों व गांवों को जोडऩे वाले मार्ग क्षतिग्रस्त है। बकानी से गरवाड़ व रटलाई से भालता एवं भालता से आसलपुर मार्ग पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं। वहीं बारिश के बाद तो इस मार्ग से निकल पाना भी बड़ी चुन्नौती साबित हो रहा है। जसराज, ओमप्रकारश आदि लोगों ने बताया कि मार्ग जर्जर होने से खासी परेशानी होती है।

100 गांवों के लोगों को मिलेगी राहत
जिले में इस समय रटलाई व भालता ही ऐसे हैं, जहां कोई हाइवें या स्टेट हाइवें नहीं होकर गुजरता है। इसके कारण इन कस्बों का विकास एवं यातायात के साधनों का अभाव सा है। इस मार्ग पर बसों का संचालन नहीं के बराबार है। इस हाइवे के बनने के बाद दोनों कस्बे के साथ बकानी,सुनेल, पिड़ावा,भवानीमण्डी के साथ मध्यप्रदेश जाने व आने का सफर आसान होने के साथ ही कई प्रकार वाहनों के निकलने से कस्बों के विकास को पंख लगेंगे। वहीं इस मार्ग में आने वाले छोटे गांव में भी लोगों को लाभ होगा व रोजगार के साधन बढ़ेंगे।

रटलाई में बायपास प्रस्तावित था
इस स्टेट हाइवे के प्रस्ताव बनने के समय रटलाई में बायपास तय किया था, लेकिन बजट नहीं मिलने से इसका निर्माण नहीं किया। इस समय कस्बे में बायपास की जरूरत पड़ रही है। जानकारी के अनुसार वाहनों की संख्या बढऩे के साथ ही कस्बे में वाहनों का दबाब रहता है। इसके चलते यहां पर आए दिन जाम लगता रहता है।

एक साल से निर्माण ठप
इस स्टेट हाइवे 119 में बकानी से रटलाई तो 3 मीटर रोड भी खुद चुका है, जबकि बकानी के बाद रटलाई भालता तक इसे नियमों से 7 मीटर चौड़ाई में मय पुलिया निर्माण होना था और रटलाई से झण्टालिया तक करीब 7 किमी की सड़क बनाने के लिए करीब डेढ़ वर्ष पूर्व राज्य सरकार ने बजट की घोषणा कर सीसी रोड व सड़क बनाने की स्वीकृति प्रदान की थी, लेकिन समय पर विभाग ने कार्य शुरू कराए। समय पर बजट नहीं मिलने से करीब 1 वर्ष से इस मार्ग पर बनने वाले सीसी एवं डामरीकरण का कार्य बीच में अटक गया। ग्रामीण रोशनसिंह गुर्जर ने बताया कि सड़क का कार्य बंद रहने से खासी परेशानी हो रही है।

भविष्य में बन सकता हंै नेशनल हाइवे
कस्बे से निकलने वाले स्टेट हाइवे की इस समय सरकार ने चाहे दूरी कम कर दी हो, लेकिन भविष्य में यह मार्ग नीमच से भोपाल जाने वालों के लिए कम लम्बा व समय की बचत होगी। क्षेत्र के लोगों का मानना है कि आने वालें वर्षों में केन्द्र व राज्य सरकार इसकी लम्बाई व चौड़ाई बढ़ाकर सबसे लम्बा स्टेट हाइवें को नेशनल हाइवें बना कर लोगों को बड़ी राहत दे सकती है। इससे जिले की डग,झालरापाटन, खानपुर एवं मनोहरथाना चारों विधानसभाएं जुडऩे की लोगों को उम्मीद है। ये नेशनल हाइवे से वंचित भवानीमंडी, सुनेल, रायपुर, बकानी, रटलाई, भालता को नेशनल हाइवे की सौगात मिलने से बड़ा विकास होगा।

स्टेट हाइवे बनाने के लिए जो प्रस्ताव पूर्व में भेजे थे, उसी आधार पर आसलपुर स्टेट हाइवे के 119 नंबर एलॉट किए। वहीं रटलाई से भालता के बीच कार्य चल रहे हैं, वो सारे बजट के अभाव में बंद पड़े हैं। करलगांव से गरवाड़ा तक के सड़क मार्ग का बजट आने पर ही कार्य शुरू हो पाएगा।
मनोज गुप्ता, कार्यवाहक अधिशांसी अभियंता, पीडब्ल्यूडी, खंड खानपुर

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