दैनिक रूप से कार्य करने वालों का होगा सर्वे, प्रतिमाह मिलेगा गेहूं

20 मई से शुरू होगा ग्रामीण क्षेत्र में सर्वे

By: Anil Sharma

Updated: 17 May 2020, 10:57 PM IST

अकलेरा. कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन में मजदूर एवं दैनिक रूप से कार्य करने वाले लोग बेरोजगार हो गए हैं। सरकार अब ऐसे परिवारों का सर्वे के माध्यम से चिह्नित कर सहायता के लिए उन्हें भी प्रति माह 10 किलो गेहंू ओर एक किलो दाल देगी। सर्वे का कार्य ग्रामीण क्षेत्रों में 20 मई व शहरी में 24 मई से पूर्व करने के निर्देश मुख्य सचिव डीबी गुप्ता ने 15 मई को जारी किए हंै।


इस तरह होगा परिवारों का चिह्नीकरण
विशेष श्रेणी के परिवारों के चिह्नीकरण के लिए केवल जन-आधार के डेटाबेस को काम में लिया जाएगा। गैर एनएफएसए परिवारों का ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों का ग्रामवार, वार्डवार डेटा 17 मई तक उपलब्ध करना होगा। डेटा जिला स्तर पर जन आधार डेटाबैस से डाउनलोड किया जा सकेगा। इस कार्य के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वे के लिए कलक्टर ने राहत विभाग द्वारा आपदा प्रबंधन के गठित ग्राम स्तरीय कोर गुप एवं बीएलओ के माध्यम से सर्वे कराकर वर्णित श्रेणियों के पात्र परिवारों का चिह्नीकरण होगा। शहरी क्षेत्रों में यह सर्वे का कार्य नगरीय निकाय व बीएलओ के माध्यम से होगा। सर्वे के लिए कोई भौतिक प्रपत्र काम में न लिया जाकर केवल मोबाइल एप के माध्यम से ही सर्वे पूर्ण करना होगा। सर्वे के लिए नियुक्त कार्मिकों द्वारा इन सूचियों के आधार पर विशेष श्रेणी के परिवारों का चिह्नीकरण कर मोबाइल एप में दर्ज किया किया जाएगा। जन-आधार डेटाबेस में सभी परिवारों की मोबाइल नंबर दिए हैं। सर्वे करने वाले कार्मिक घर-घर जाकर अथवा मोबाइल पर संपर्क करते हुए भी सूचना प्राप्त कर मोबाइल ऐप में पात्र परिवार की सूचनाएं दर्ज की जा सकती हैं।

स्वयं भी मोबाइल एप पर दे सकते सूचना
सर्वे के अतिरिक्त वर्णित विशेष श्रेणी के परिवारों द्वारा स्वयं भी मोबाइल एप पर अपने परिवार की सूचनाएं दर्ज करते हुए पंजीयन कराया जा सकता है। जिन परिवारों ने स्वयं अपना पंजीयन करा दिया है। उनकी सूचना मोबाइल एप पर पंजीयन के साथ मिलेंगी। ये जानकारी मोबाइल एप के माध्यम से सर्वे करने वाले कार्मिकों के पास भी रहेगी, इससे उन्हें ऐसे परिवारों के पास सर्वे करने नहीं जाना पड़ेगा। मोबाइल एप में किसी परिवार की सूचना दर्ज करते समय सर्वप्रथम उसमें जन-आधार संख्या को दर्ज करना होगा। इसके बाद संबंधित परिवार से आवश्यक न्यूनतम सूचना, मोबाइल एप पर स्वत ही प्रीपोप्यूलेट हो जाएगी। इसके बाद नागरिक अथवा सर्वेकर्ता कर्मचारी को परिवार के व्यवसाय एवं नियोक्ता आदि के संबंध में न्यूनतम जानकारी दर्ज करनी होगी। जिन परिवारों ने अपना पंजीयन स्वयं कराया है। कलक्टर द्वारा उनकी सत्यता की पुष्टि के लिए 10 प्रतिशत रेण्डम चैकिंग की जाएगी।

ये रहेगी संभावित पात्र श्रेणियां
नाई, धोबी, मोची, घरेलू नौकर, भिखारी, रिक्शा चालक, ऑटो चालक, पान की दुकान, रेस्टोरेंट में कार्यरत वेटर, रद्दी वाले, निर्माण मजदूर, कोरोना के कारण बंद हुए उद्योगों में लगे मजदूर, होटल-रेस्टोरेंट में कार्यरत मजदूर, माइग्रेट लेबर जो बाहर से आए ड्राइवर-कंडक्टर, प्राइवेट पब्लिक ट्रांसपोर्ट, जूते पॉलिश करने वाले स्ट्रीट वेन्डर जो एनएफएसए में नहीं हों। ठेले वाले, रेहड़ी वाले, मंदिर में पूजा पाठ कराने वाले पंडित, अन्य पूजा पाठ कराने वाले पंडित, कर्मकांडी पंडित, मैरिज पैलेस में काम करने वाले मजदूर, सिनेमा हॉल में काम करने वाले मजदूर, कोचिंग संस्थानों के सफाई, नौकर का कार्य करने वाले व्यक्ति, बैंड वादक, घोड़ी वाला, विवाह आदि समारोह, कैटरिंग कार्य से संबंधित कार्मिक, आरा मशीन श्रमिक पात्र होंगे।

Anil Sharma Desk
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