अंतिम समय पर पड़ी मौसम की मार से अफीम की गुणवत्ता पर असर

Hari Singh Gujar

Publish: Apr, 21 2019 12:33:36 PM (IST) | Updated: Apr, 21 2019 12:33:37 PM (IST)

Jhalawar, Jhalawar, Rajasthan, India

 

 

 

झालावाड़.काला सोना कही जाने वाली अफीम फसल की तुलाई नारकोटिक्स विभाग द्वारा जिले में 6 से 11 अप्रेल तक कर ली गई है, जिले में इसबार अफीम की फसल अच्छी होने से अच्छा मॉर्फिन आने की उम्मीद किसानों को थी, लेकिन अंतिम समय में चिराई के समय बारिश आने से माल की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। हालांकि अफीम की तुलाई से पहले अफीम का नमूना लेकर अफीम की गुणवत्ता की जांच की जाती है उसी आधार पर किसानों को अफीम का मूल्य दिया जाता है। अब तक जिन किसानों की अफीम तौली गई उनकी गुणवत्ता अलग-अलग मिली है। किसानों की अफीम की तुलाई के बाद अलग-अलग श्रेणियां आई है। अब अफीम फैक्ट्री नीमच भेजी गई है। वहां से मॉर्फिन की गुणवत्ता सही आने के बाद ही किसानों को फिर से अफीम का पट्टा जारी किया जाएगा। जिले में 1345 किसानों की अफीम की तुलाई हुई है। जिले में करीब 1 करोड़ से अधिक का भुगतान होना होना है।

सुरक्षा एजेंसियों की नजर-
अफीम की किसानों से तुलाई होने के बाद भी अभी सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि कुछ किसान तस्करों से साठगांड कर सकते हैं। चोर भी अफीम पार कर सकते है। प्राकृतिक आपदा व अन्य कारणों से खराब हुई उन किसानों की अफीम नारकोटिक्स विभाग हंकाने में लगा हुआ है। इसके लिए ग्वालियर व नीमच से चार टीमें आई हुई है।

जिले में इतने किसानों की हुई तुलाई-
जिले में 278 गांवों के 1345 किसानों की अफीम की तुलाई हो चुकी है। इन किसानों की अफीम की तुलाई कड़ी सुरक्षा के बीच करवाकर पूरा माल पैक कर नीमच फैक्ट्री भेजा गया है। वहां अब माल की गुणवत्ता के अनुसार मॉर्फिन तय होगा। उसी के आधार पर फिर से अगले वर्ष किसानों को पट्टा जारी किया जाता है।

जिले में मुखियाओं को मिलेगा कमीशन-
जिले में 3 सौ से अधिक किसानों को मुखिया बनाया गया था। जिले में उन्हें किसानों की अफीम के आरी नपाई से लेकर तुलाई तक के सभी कार्य करवाने होते हैं। अब जिले के करीब 319 मुखिया किसानों को 1 लाख 49 हजार रूपए का कमीशन दिया जाएगा।

इतने किसानों की हो रही हंकाई-
जिले में जिन किसानों की अफीम की फसल सही नहीं थी, प्राकृतिक आपदा व अन्य कारणों से अफीम सही नहीं होने पर करीब 360 किसानों की अफीम की फसल हंकवाई जा रही है।जिले में चार टीमें लगी हुई है,यह काम एक सप्ताह में हो जाएगा।


भुगतान के लिए ये लाने होंगे दस्तावेज-
जिन किसानों की अफीम की तुलाई हो चुकी है। उन किसानों से नारकोटिक्स विभाग ऑनलाइन भुगतान करने के लिए बैंक खाता नंबर में कोई गडबड़ नहीं हो इसके लिए बैंक पास बुक्स, आधार कार्ड की फोटो कापी ली जा रही है। इससे किसानों का अलग-अलग फोल्डर बनाकर सीधे किसान के खाते में भुगतान किया जाएगा।

इतना मॉर्फिंन चाहिए-
किसानों को नियमानुसार 9.5 मॉर्फिन चाहिए। उसके अनुसार ही किसानों को आगामी वर्ष में अफीम पट्टा जारी किया जाता है।
फैक्ट फाइल-
- जिले में 278 गांवों के किसानों की अफीम तुली
- जिले में 1345 किसानों ने तुलवाई अफीम
- 132.88 हैक्टेयर में हुई थी अफीम की बुवाई
- कुल 9103 किलो अफीम निकली
-कुल भुगतान होगा- 1 करोड़ 20 लाख 51 हजार 902 रूपए का।
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जिले में अफीम में काली मस्सी रोग लगने से कम निकली है। मजदूरों के पैसे भी नहीं निकल पाए है।
पूरीलाल लोधा, अफीम किसान दांत्या।

इस बार मौसम गड़बड़ाने से माल पतला निकला है। इस बार तीन नंबर का माल आया है। मेरे 10 आरी की अफीम 7 किलो से ऊपर निकली है।
भैरूलाल अफीम किसान उम्मेदपुरा।

अलग-अलग वैंडर बना रहे-
जिले में 1345 किसानों की अफीत की तुलाई हो चुकी है।सभी किसानों को अलग-अलग वैंडर बना रहे हैं। सारा माल 11 अप्रेल को ही नीमच फैक्ट्री भेज दिया गया है।
विवेक श्रीवास्तव, निरीक्षक, नोरकोटिक्स विभाग,झालावाड़।

रिपोर्ट-हरिसिंह गुर्जर , झालावाड़

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