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पर्यावरण संरक्षण में लगे है पृथ्वी बचाओ चैरिटेबल ट्रस्ट इंडिया के संस्थापक

-4 वर्ष में लगाए 8 हजार पौधे, एक लाख का लक्ष्य, बाइक से यात्रा कर देते है संदेश
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The founder of Earth Bachao Charitable Trust India is engaged in envir

पर्यावरण संरक्षण में लगे है पृथ्वी बचाओ चैरिटेबल ट्रस्ट इंडिया के संस्थापक

-विश्व पृथ्वी दिवस पर विशेष
पर्यावरण संरक्षण में लगे है पृथ्वी बचाओ चैरिटेबल ट्रस्ट इंडिया के संस्थापक
-4 वर्ष में लगाए 8 हजार पौधे, एक लाख का लक्ष्य, बाइक से यात्रा कर देते है संदेश
-जितेंद्र जैकी-
झालावाड़. पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्पित संस्था पृथ्वी बचाओ चैरिटेबल ट्रस्ट इंडिया के संस्थापक जिले के फूलचंद वर्मा ने गत चार वर्षो सें विभिन्न स्थानों पर करीब 8 हजार पौधे लगाकर उन्हे सहेजने ेका काम भी कर रहे है। वह देश के विभिन्न दूर दराज क्षेत्रों में बाइक से यात्रा कर पर्यावरण संदेश देने का काम भी कर रहे है। उन्होने करीब एक लाख किलोमीटर कर यात्रा कर ली है। उन्होंने अपनी बाइक को ट्री एम्बुलेंस का नाम दे रखा है। इसमें वह पम्पलेट, पोस्टर, पौधे व प्रचार सामग्री व पौधारोपण की सामग्री भी रखते है। 22 अप्रैल 2016 को पृथ्वी संरक्षण के लिए पृथ्वी बचाओ चैरिटेबल ट्रस्ट इंडिया का गठन कर देश के विभिन्न शहर व गांव में पृथ्वी संरक्षण के लिए जागृति लाने व पौधारोपण के काम में जुटे है। अभी तक उन्होने जम्मू कश्मीर, अमरनाथ, दिल्ली, सोमनाथ, अहमदाबाद, जयपुर, इंदौर, भोपाल सहित देश के कई छोटे बड़े शहरों व हाड़ौती क्षेत्र में अपनी बाइक ट्री एम्बुलेंस से यात्रा कर लोगों को पर्यावरण का संदेश दिया है। उन्होंने बताया कि पिछले सालों से जब लगातार प्रदूषण बढऩे लगा तो वह देशभर में पृथ्वी बचाओ चैरिटेबल ट्रस्ट इंडिया के माध्यम से देश के लोगों को पृथ्वी पर पर्यावरण आदि के प्रति जागरूकता आदि का कार्य बड़े स्तर पर वह कर रहे हैं। लगातार बिगड़ती पृथ्वी के आवोहवा की वजह से उन्होंने अपने जीवन में पेड़ पौधे लगाने का संकल्प लिया। इसके साथ ही वह पेड़ों को काटे जाने से भी बचाते हैं, जहां कहीं भी पृथ्वी के साथ छेड़छाड़ किया या पेड़ काटे जाने की सूचना मिलती है वही अपनी टीम के सदस्यों को लेकर पहुंच जाते हैं, यही नहीं जो लोग पौधारोपण करना चाहते हैं। उन्हें निशुल्क पौधे भी उपलब्ध कराते हैं। अपनी यात्रा के दौरान वह गांव में चौपाल लगाकर, स्कूलों में संगोष्ठी कर, कार्यशाला आदि के माध्यम से लोगों को पृथ्वी संरक्षण के बारे में जानकारी देते एवं उनका निवारण भी बताते हैं। पृथ्वी संरक्षण हेतु चुनिंदा पौधे ही लगाते हैं इनमें नीम बिलपत्र पीपल और बरगद शामिल है। उनका कहना है कि पर्यावरण संरक्षित होगा तब ही जनजीवन भी सुरक्षित रह सकेगा। इसके लिए आने वाली पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए अभी से ही लोगों में चेतना जागृत करने की आवश्यकता है।