जिस पार्टी को मां बताया, उसी के सदस्यों ने छीन ली प्रधान बैनाथ की कुर्सी

अविश्वास प्रस्ताव पारित : सिर्फ अपना ही वोट मिला प्रधान को, देर से आई उपप्रधान को बैठक में नहीं जाने दिया

By: jagdish paraliya

Updated: 19 Jan 2019, 11:38 AM IST

अकलेरा. पंचायत समिति अकलेरा के प्रधान बैनाथ मीणा के खिलाफ शुक्रवार को अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया है। चर्चा बैठक में प्रधान मीणा को स्वयं का मत मिला, जबकि खिलाफ में 20 मत पड़े। वहीं उप प्रधान रेशम बाई और एक सदस्य बैठक में मौजूद नहीं रहे। कुल 23 सदस्य हैं, इनमें भाजपा से 18 और कांग्रेस से 4 व एक निर्दलीय है। प्रधान बैनाथ मीणा को अपनों का ही विरोध झेलना पड़ा। पूर्व में भी अपनी ही सरकार में अविश्वास प्रस्ताव की कार्रवाई दो बार टल गई, लेकिन असन्तुष्ट सदस्यों ने सरकार बदलने के बाद अपना विरोध जारी रखा और पद से हटाने के लिए मतदान किया। प्रस्ताव पर चर्चा बैठक निर्धारित समय 11.१५ बजे पंचायत समिति परिसर में उपखंड अधिकारी सत्यप्रकाश कंस्वा और विकास अधिकारी डॉ. शिवदयाल शर्मा की उपस्थिति में शुरू हुई।
इस दौरान परिसर में अतिरिक्त जिला कलक्टर रामचरण शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी सहित स्थानीय अधिकारी मौजूद रहे। करीब 20 सदस्य 10 बजकर 45 मिनट पर बैठक में पहुंचे। इसके बाद प्रधान बैनाथ मीना स्वयं अकेले ही आए। करीब एक घन्टे से भी अधिक समय तक बैठक चली, इसके बाद सभी सदस्य वाहनों से लौट गए। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने भी इस प्रकिया में भाग लेकर जनपद के रूप में मतदान किया। कार्रवाई के दौरान पंचायत समिति परिसर पूरी तरह छावनी बना रहा। अंदर आने जाने के लिए भी परमिशन लेनी पड़ी। उपाधीक्षक रामजीलाल चौधरी ने बताया कि मुख्य द्वार पर पुलिस निरीक्षक रामकिशन एवं झालावाड़ से आए जाब्ता तैनात रहा। वहीं परिसर में टीआरएफ के जवानों के अतिरिक्त जाब्ता रहा। इस दौरान मनोहरथाना उपाधीक्षक बाबूलाल मीणा, सदर एसएसओ संजय मीणा, कामखेड़ा धर्माराम चौधरी, घाटोली विवेक सोनी, डांगीपुरा से पुरषोत्तम मेहता सहित सवा सौ जवान तैनात रहे।
विकास अधिकारी ने बताया कि उप प्रधान रेशम बाई भील के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर 19 जनवरी को होने वाली बैठक स्थगित कर दी है।
यह कहा था कुछ दिन पहले बैनाथ मीणा ने
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले एक बयान में प्रधान बैराथ मीणा ने कहा था कि पार्टी मेरा धर्म है पार्टी मेरी मां है। उससे मैं प्रधान बना हूं, इसलिए दगा नहीं कर सकता। मैं पार्टी के प्रति वफादार हूं। किसी एक समाज से राजनीति नहीं होती है, सभी ३६ जातियों को साथ लेकर चलना पड़ता है। मैंने कभी गलत काम नहीं किया है किसी के साथ भेदभाव नहीं किया। लेकिन जो गलत कर रहे है भगवान उसे देख रहा है।
कौन होगा अगला प्रधान
कार्रवाई के दौरान उपखंड कार्यालय के बाहर दोनों राजनीतिक दलों से जुड़े लोग और समर्थक एकत्रित रहे। पद रिक्त की घोषणा होते ही कयास लगाते रहे कि अगला प्रधान कौन होगा। उपखंड अधिकारी सत्यप्रकाश कंस्वा ने बताया कि चर्चा बैठक सवा 11 बजे शुरू हुई। करीब डेढ़ घन्टे चली। इसके बाद मतदान की प्रक्रिया हुई और परिणाम घोषित किया। पद रिक्त की सूचना बनाकर जिला परिषद को भेज दी। वहां से जो निर्देश मिलेंगे कार्रवाई होगी। विकास अधिकारी डॉ. शिवदयाल शर्मा ने बताया कि पद रिक्त के बाद सूचना नोटिस जारी कर चिपका दिए हैं।
बैठक में देरी से पहुंची उपप्रधान
बैठक शुरू होने के बाद भी निर्धारित समय तक उपप्रधान रेशम भील समय पर नहीं आई, इसके बाद पहुंचने पर समय का हवाला देकर उनको प्रवेश नहीं करने दिया।

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