तीन कुबेर नहीं दे रहे धन

Jagdish Paraliya

Updated: 12 Oct 2019, 04:09:49 PM (IST)

Jhalawar, Jhalawar, Rajasthan, India

छबड़ा थर्मल, अदानी प्लांट व जलदाय विभाग से लेने हैं 2 हजार 488 करोड़
झालावाड़. तीन जिलों झालावाड़, बारां व कोटा जिले के बड़े भू-भाग में किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने वाली परवन वृह्द सिंचाई परियोजना का कार्य बीते कई महीनों से बजट के अभाव में गति नहीं पकड़ पा रहा। सरकार की ओर से दी जा रही राशि ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रही है।
इस परियोजना से छबड़ा थर्मल पावर प्लांट, अदानी पावर प्लांट के अलावा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को पानी उपलब्ध कराना है। इसकी एवज में परियोजना को इन तीनों एजेंसियों से लगभग २४८८ करोड़ रुपए की राशि मिलनी है। इसके लिए परियोजना की स्वीकृति के दौरान बकायदा एमओयू हुआ था तथा निर्माण कार्य शुरू होने के बाद से जल संसाधन विभाग परवन परियोजना खंड झालावाड़ की ओर से इन तीनों ही एजेंसियों को प्रति सप्ताह निर्धारित राशि जमा कराने के लिए पत्र लिखे जा रहे हैं, लेकिन यह राशि जमा नहीं करा रहे।

बढ़ सकता है इंतजार
परियोजना का लाभ मिलने में एक साल का विलम्ब हो गया और भविष्य में भी यही रवैया रहा तो किसानों का इंतजार और भी लम्बा हो सकता है, लेकिन सरकार यदि चाहे तो परियोजना के काम को गति मिल सकती है। परियोजना की कुल लागत ७ हजार ३५५ करोड़ रुपए है, इसमें से सरकार ने बीते सवा साल में अब तक २६०० करोड़ रुपए दिए हैं, लेकिन इसमें से परियोजना के निर्माण कार्यों में महज ६०० करोड़ रुपए ही खर्च हुए है, शेष लगभग २००० करोड़ रुपए का मुआवजा वितरित किया गया है।

पैसा मिले तो गति पकड़े
परवन परियोजना सूत्रों के अनुसार एमओयू के तहत छबड़ा थर्मल पावर प्लांट को पानी देने की एवज में १२७६.५८ करोड़ रुपए, अदानी पावर प्लांट कवाई से ९६४.५५ व जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग से २४७.७६ करोड़ रुपए लेने हैं। उक्त राशि मिलने के बाद परियोजना के बांध व टनल के काम को खासी गति मिल सकती है। पिछले लगभग चार माह से परियोजना के काम काफी धीमी गति से चल रहे हैं।

परवन के उफान में बह गए रास्ते
सोजपुर. फिलहाल परवन नदी में पानी के बहाव के चलते निर्माण कार्य ठप पड़ा हुआ है। दूसरी ओर भूमिगत सुरंग का कार्य तेजी से चल रहा है। जबकि परवन बांध स्थल पर पहुंचने के लिए 15 किलोमीटर लंबी सड़क मार्ग की हालत खस्ताहाल बनी हुई है जिसकी ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा। बांध निर्माण कार्य को मई 2021 में पूरा किया जाना प्रस्तावित है। वही बांध स्थल पर निर्माण कार्य को लेकर नदी में मशीनों के पहुंचने के लिए बनाए गए रास्ते भी परवन नदी के उफान के समय बह गए है। जिससे बांध निर्माण कार्य कर रही संबंधित फर्म को नदी का बहाव बंद होने के बाद फिर से निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा बांध स्थल पर बनाया गया कंडीशन ब्लॉकेज फिलहाल जलमग्न है।

इन तीनों कम्पनियों से निर्धारित शर्तों के अनुसार राशि वसूलने के लिए नियमित तकाजा किया जा रहा है। इन्हें प्रत्येक सप्ताह में एक पत्र लिख रहे हैं, लेकिन यह तीनों की राशि नहीं दे रहे। ऐसे में राज्य सरकार को राशि दिलाने के लिए आग्रह पत्र भेजा गया है।
पी.के. गुप्ता, अधिशासी अभियंता, परवन वृह्द सिंचाई परियोजना खंड झालावाड़

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