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झालावाड़

बजट के अभाव में तीन हजार बच्चे शिक्षा से वंचित

शिक्षा निदेशालय नहीं दे रहा ध्यान

झालावाड़Jul 08, 2024 / 10:46 am

harisingh gurjar



हरिसिंह गुर्जर

झालावाड़। वर्ष 2019 में शुरू हुए महात्मा गांधी अंग्रेजी स्कूल के तीन हजार से अधिक बच्चे शिक्षा से वंचित हो रहे है। इन स्कूलों को बजट नहीं देने से यहां पूर्व प्राथमिक कक्षाएं एक सप्ताह से बंद है। ऐसे में अभिभावक भी चिंता में है। प्रदेश के ऐसे सभी 33 महात्मा गंाधी स्कूलों के यही हाल है, जबकि सरकार ने बाद में खोले गए ब्लॉक स्तर के महात्मा गांधी स्कूलों को बजट आवंटित कर दिया है।

जानकारों के अनुसार शिक्षा सत्र चालू हुए एक सप्ताह हो गया है। अंग्रेजी माध्यम में पूर्व प्राथमिक कक्षाओं के संचालन के लिए सहायक सेवाओं का बजट अभी तक जारी नहीं किया गया है। ऐसे में प्रदेश के 33 महात्मा गांधी स्कूलों में अध्ययनरत करीब 3 हजार बच्चे अभी स्कूल जाने के इंतजार में घर बैठे हैं।

 इसलिए बंद की कक्षाएं.

महात्मा गांधी अंग्रेजी स्कूलों में पूर्व प्राथमिक कक्षाओं में बच्चे बहुत ही छोटे होते है। इनकी देखभाल के लिए केयर टेकर, गार्ड, सफ ाई कर्मी, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी आदि संविदा पर लगाए जाते हैं, लेकिन इस बार इनको लगाने के लिए अब तक माध्यमिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर से कोई दिशा निर्देश जारी नहीं किए गए है। बड़ी कक्षाओं के शिक्षक उनकी कक्षाएं संभालते हैं, जबकि छोटे-छोटे बच्चे बार-बार स्कूल से बाहर निकल जाते हैं। बार-बार रोते भी है, उनको संभालने वाला कोई नहीं होता है। ऐसे में संस्थाप्रधान भी कोई खतरा मोल नहीं लेना चाहते है। ऐसे में स्टाफ के अभाव में पूर्व प्राथमिक कक्षाएं बंद कर दी गई है।
पांच साल पहले हुई थी शुरुआत .
वर्ष 2019 में प्रत्येक जिला मुख्यालय पर अंग्रेजी माध्यम विद्यालय खोलने की शुरुआत हुई। उसके बाद ब्लॉक स्तर पर भी अंग्रेजी माध्यम के स्कूल खोले गए। सरकार ने ब्लॉक स्तर के स्कूलों को बजट आवंटित कर दिया है, लेकिन प्रदेशभर में सफ ल चल रहे जिला मुख्यालयों के 33 स्कूलों के लिए प्राथमिक कक्षाओं के लिए कोई बजट जारी नहीं किया गया है।
इतना मिलता है बजट
 महात्मा गांधी अंग्रेजी स्कूलों को बजट माध्यमिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर जारी करता है। एक विद्यालय को सालभर के करीब 3.72 लाख रुपए का बजट दिया जाता है। इस राशि का उपयोग पूर्व प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों के सार संभाल के लिए कर्मचारियों को किया जाता है। बजट नहीं मिलने से बच्चों की सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
खाली बैठे है
सरकार ने कुछ समय पहले ब्लॉक मुख्यालयों के महात्मा गांधी अंग्रेजी स्कूलों में नर्सरी टीचर लगाए थे, जबकि वहां पूर्व प्राथमिक कक्षाओं में एक भी बच्चा नहीं है। ऐसे में वे खाली बैठे वेतन उठा रहे है, जबकि जिला मुख्यालय पर दो-दो पद नर्सरी टीचर के लिए स्वीकृत कर रखे है, लेकिन ये पद खाली है।
कई बार पत्राचार
प्रदेश भर के महात्मा गांधी अंग्रेजी स्कूलों के संस्थाप्रधानों ने जून से लेकर अब तक कई बार पत्राचार व व्यक्तिगत रूप से दूरभाष पर पूर्व प्राथमिक कक्षाओं के लिए बजट देने व कक्षाएं संचालित करने या नहीं करने के बारे में मार्गदर्शन मांगा, लेकिन शिक्षा निदेशालय ने अब तक कुछ स्पष्ट नहीं किया।
कोई दिशा निर्देश आएंगे, तभी कक्षाएं चालू हो पाएगी

” सरकार को पूर्व प्राथमिक कक्षाओं के बजट के लिए प्रस्ताव भिजवा रखे है। वहां से कोई दिशा निर्देश आएंगे, तभी कक्षाएं चालू हो पाएगी। वीसी में शिक्षा निदेशक ने बाल वाटिकाओं में प्रवेश के लिए बोला था, लेकिन अभी तक इस बारे में कोई निर्देश नहीं मिले हैं।
– प्रकाशचन्द सोनी, सीडीईओ झालावाड़

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