नगरपालिका में हंगामा, अमानत राशि जमा कराने आए ठेकेदार को पीटा

विकास कार्य के ऑनलाइन टेंडर का मामला, पांच जने गिरफ्तार

झालरापाटन. नगरपालिका में नगर में विकास कार्य के ऑनलाइन टेंडर के लिए अमानत राशि का डिमांड ड्राफ्ट जमा कराने के लिए आए ठेकेदार के साथ स्थानीय ठेकेदारों ने मारपीट की। शिकायत पर पुलिस ने पांच जनों को गिरफ्तार किया है।
नगरपालिका अध्यक्ष अनिल पोरवाल ने बताया कि नगर में विभिन्न विकास कार्यो के लिए करीब 4 करोड़ 25 लाख रुपए की ऑनलाइन निविदाएं आमंत्रित की थी। जिसकी अमानत राशि का डिमांड ड्राफ्ट 6 फरवरी तक जमा कराया जाना था। नगरपालिका के इन निविदाओं में कुछ कठोर नियम लागू कर देने से स्थानीय ठेकेदारों ने इसका बहिष्कार किया था, जिससे 6 फरवरी को किसी भी ठेकेदार ने डिमांड ड्राफ्ट जमा नहीं कराए जाने से यह तिथि बढ़ाकर 13 फरवरी दोपहर 2 बजे तक कर दी गई थी। शहर थाना प्रभारी जगदीश प्रसाद ने बताया कि कोटा के गंावड़ी निवासी ठेकेदार हंसराज गुर्जर ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि इस पर दोपहर को अधिशाषी अधिकारी कक्ष में अमानत राशि का ड्राफ्ट जमा कराने के लिए आया था वह अपना ड्राफ्ट दे रहा था इसी दौरान झालरापाटन निवासी ठेकेदार कौशल गौतम, कमल कोहली, महेन्द्र राठौड़, राजेन्द्र सिंह, पप्पू पुष्पद आए और इसका विरोध करते हुए उसके साथ मारपीट शुरू कर दी, जिसकी सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और सभी आरोपियों को शांतिभंग करने के मामले में गिरफ्तार किया।
इन कार्यों की होनी थी निविदाएं
नगरपालिका अध्यक्ष ने बताया कि नगर के विकास एवं सौंदर्यकरण के लिए 4.25 करोड़ ीु पए की निविदाएं आमंत्रित की थी जिसमें नगर के सभी पार्को का रखरखाव, सौंदर्यीकरण, लाइटिंग, गोमती सागर वॉकिंग टे्रक का सौंदर्यीकरण, तालाब में जीटी लगाने, फ्लोटिंग फाउंटेन लगाने, आर सीसी प्लेटफार्म बनाने, विभिन्न मार्गो पर सी सी रोड बनाने सीवरेज कनेक्शन, नीमबारी दरवाजा से लंका दरवाजा तक नाला निर्माण,सड़कों का पेचवर्क, नई सब्जीमंडी में इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाने, पुलिस चौकी में कमरा निर्माण, नगरपालिका में रिकार्ड रूम बनाने, वॉकिंग ट्रेक पर रंग रोगन, नगर के सभी शौचालयों की मरम्मत, नीमबारी दरवाजा व महुआबारी दरवाजा बाहर यात्री प्रतिक्षालय बनाने, मुक्तिधाम पर विसर्जन घाट बनाने सहित विभिन्न कार्य कराए जाने थे।

निर्माण कार्य को लेकर आपस में उलझे उपाध्यक्ष-अभियंता
झालरापाटन. नगरपालिका उपाध्यक्ष चंद्रप्रकाश लाला राठौर ने वॉकिंग टे्रक पर चल रहे निर्माण कार्यो में घटिया सामग्री का उपयोग किए जाने पर नगरपालिका सहायक अभियंता व कनिष्ठ अभियंता के समक्ष रोष जताया।
नगरपालिका उपाध्यक्ष गुरुवार दोपहर को सहायक अभियंता पुरुषोत्तम महावर, कनिष्ठ अभियंता पुष्पेन्द्र सिंह, पार्षद अंबेश मीणा, दिनेश पुष्पद के साथ वॉकिंग टे्रक पंहुचे जहां उन्होने वाकिंग ट्रेक पर पूर्व में लगाई गई इंटर लॉकिंग टाइल्स में से कई टाइल्स क्षतिग्रस्त हो जाने पर इनकी जगह लगाई जा रही टाइल्स के कार्य में घटिया सामग्री का उपयोग करने, ठेकेदार द्वारा गोमती सागर सागर तालाब से 480 चक्कर काली मिट्टी अवैध रूप से खनन करके लाने जिसकी माइनिंग रिपोर्ट नहीं आने के कारण इसका भुगतान नही करने की शिकायत करते हुए कहा कि विकास के साथ विकास कार्यो की गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाए और यह कार्र्य मापदंड के अनुसार करवाना उनकी जिम्मेदारी है। इस पर उपाध्यक्ष व अभियंता आपस मेें उलझ गए।
अभियंताओं ने बताया कि तालाब से मिटटी खोदने के लिए प्रशासन ने कोई आपत्ति नहीं की है, इस पर उन्हें ऐतराज नहीं होना चाहिए इस पर उपाध्यक्ष ने कहा कि माइनिंग रिपोर्ट नहीं मिलने तक ठेकेदार के बिल का भुगतान नहीं किया जाए। कनिष्ठ अभियंता ने उन्हे बताया कि यहां पर लगी इंटर लॉकिंग टाइल्स की यह डिजाइन अब बंद हो गई हंै और यह बाजार में उपलब्ध नहीं हैं, इसकी एक जैसी समानता को बनाए रखने के लिए शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर की गली में ऐसी टाइल्स लगाई थी।

जांच कमेटी कागठन, सौंपेगी रिपोर्ट
-मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी व प्रधानाचार्य के बीच हाथापाई का मामला
झालावाड़. जिले के खानपुर क्षेत्र बुधवार को मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी व प्रधानाचार्य के बीच हाथापाई हुई थी। इस मामले को जिला मुख्यालय पर बैठे शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने गंभीरता से लिया है। पूरे मामले की जांच को लेकर एक कमेटी गठित की गई है। जिसके अध्यक्ष जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) होंगे।
जानकारी के अनुसार खानपुर क्षेत्र के पीपलाज स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में बुधवार को वीसी में भाग लेने पहुंचे मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी मोहनलाल राठौर व प्रधानाचार्य राजेन्द्र शास्त्री के बीच शिक्षिका स्नेहलता के वेतन बनाने को लेकर मामला गर्मा गया था। देखते ही देखते दोनों में हाथापाई हो गई और मामला थाने में पहुंच गया। जहां सीबीईओ व पीईईओ ने एक-दूसरे के खिलाफ मारपीट की शिकायत दी। हालांकि बाद में दोनों को समझाने पर मामला शांत हो गया। लेकिन इसे गंभीर मानते हुए जिला मुख्यालय पर बैठे शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने पूरे प्रकरण की जांच को लेकर कमेटी गठित की है।
कार्यमुक्त करने का नहीं है आदेश
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शिक्षिका स्नेहलता गौतम रूपहेड़ा स्कूल में कार्यरत होने के बावजूद पिछले तीन साल से सेवाएं नहीं दे रही है। शिक्षिका के खिलाफ शिकायत मिलने पर पूर्व में पीईईओ पीपलाज क्षेत्र के मोहम्मदपुर में जांच पेंडिंग के तहत लगाया गया था। जांच बहाल होने के बाद वापस मूल पदस्थापन पर 24 जनवरी 2017 को रूपाहेड़ा में लगा दिया, लेकिन तत्कालीन अधिकारियों ने इन्हें कार्यमुक्त नहीं किया। इसके बाद पीपलाज पीईईओ ने 23 सितम्बर 2019 को मोहम्मदपुर शून्य नामांकन होने के कारण इसको सीबीईओ खानपुर के लिए कार्यमुक्त कर दिया। इन सबके बावजूद सीबीईओ खानपुर व डीईओ प्रारंभिक दोनों अधिकारी प्रधानाचार्य राजेन्द्र शास्त्री पर शिक्षिका का पूरा वेतन बनाने को लेकर दबाव बनाते रहते हैं। बार-बार नोटिस थमाने तथा अन्य प्रकार से प्रताडि़त करते रहते थे। इससे परेशान होकर पीईईओ शास्त्री ने 24 जनवरी 2017 की अनुपालना में 11 जनवरी 2020 को सीबीईओ खानपुर के लिए उक्त शिक्षिका को कार्यमुक्त कर दिया। जबकि शिक्षिका का कोई ऑनलाइन रेकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। शिक्षिका को खानपुर में कार्य व्यवस्था के तहत लगाया गया है।

पीईईओ व सीबीईओ के मामले में प्रारम्भिक जिला शिक्षा अधिकारी पुरूषोत्तम शर्मा की अध्यक्षता में समिति बनाईगईहै।
ओमप्रकाश शर्मा, मुख्य जिलाशिक्षा अधिकारी, झालावाड़

पोर्टल पर व मूल पदस्थापन आदेश पीईईओ पीपलाज का उपलब्ध करादेंगे तो मैं वेतन बना दूंगा, लेकिन पीईईओ पीपलाज क्षेत्र में अभी कोई पद खाली नहीं है।
राजेन्द्र शास्त्री, पीईईओ, पीपलाज

arun tripathi Desk
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