बहुत कठिन है डगर पनघट की....

बहुत कठिन है डगर पनघट की....

Jitendra Jaikey | Publish: Dec, 13 2018 10:25:37 AM (IST) | Updated: Dec, 13 2018 10:25:38 AM (IST) Jhalawar, Jhalawar, Rajasthan, India

-दुर्गम रास्ता पार कर पानी लाती है महिलाएं
-जिला मुख्यालय से मात्र चार किमी वृंदावन की पीड़ा

बहुत कठिन है डगर पनघट की....
-दुर्गम रास्ता पार कर पानी लाती है महिलाएं
-जिला मुख्यालय से मात्र चार किमी वृंदावन की पीड़ा
-जितेंद्र जैकी-
झालावाड़. एक चर्चित पुराने फिल्मी गीत की पंक्तियां 'बहुत कठिन है डगर पनघट की, कैसे में भर लाऊ यमुना से मटकी, अब लाज राखों मोरे घूंघट पट की....इसमें तो नायिका की स्वछंदता नजर आती है लेकिन झालावाड़ जिले के गांव वृंदावन में रहने वाली बंजारिनें सरकार से गीत के माध्यम से रोष प्रकट नजर आती है। गांव से दूर अलसुबह रेलवे के अंडर पास में बहते नाले के ठंडे पानी में पथराते व पथरीली पगडंडी के नुकीले पत्थरों से जख्मी होते नाजुक पैर व सिर पर पानी से भरी चरी, घड़े व मटकी के बोझ को सम्भालती दर्जनों महिलाएं रोज करीब दो किलोमीटर का जोखिम भरा सफर करती है। बीच में कटिली झांडियां, सुनसान इलाका फिर इसके बाद सिटी फोर लेन पर यमदूत बन कर दौड़ते वाहनों के बीच जान हथेली पर रखकर सड़क पार कर घर पहुंचती है। यह क्रम सुबह रोज करीब दो घंटे तक चलता है। झालावाड़ जिला मुख्यालय से कोटा रोड़ पर मात्र चार किलोमीटर स्थित गांव वृंदावन में महिलाओं की इस पीड़ा से जब पत्रिका संवाददाता जितेंद्र जैकी रुबरु हुआ तो सिर पर घड़ो का बोझ उठाए रानी की अगुवाई में महिलाओं का दर्द फूट पड़ा उन्होने सरकार व प्रशासन की व्यवस्थागत खामियों को रोषपूर्वक गिनाना शुरु कर दिया। उन्होने कहा कि अधिकारी व नेता यहां आकर हमारी पीड़ा देखे व सुने तब उसे पता चलेगा। चुनाव के समय सब आ जाते है लेकिन बाद में कोई सुध लेने वाला नही आता है।
-गांव की स्थिति
गांव वृंदावन में करीब 3 हजार की जनसंख्या है और करीब 350 मकानों में करीब 700 मतदाता रहते है। पूरे गांव में मात्र दो हेण्डपम्प है, जिसमें से एक खराब है और दूसरे का पानी पीने योग्य नही है। हालाकि जलदाय विभाग की ओर से गांव में लाइन डाली गई बताई लेकिन आपूर्ति नही होती है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में शमशानघाट की भी समस्या है किसी की मृत्यु होने पर दुर्गम रास्ता पार करके जाना पड़ता है वहीं हेण्डपम्प भी नही होने से पानी की समस्या आती है। बारिश के दौरान तो लोगों को दाह संस्कार के दौरान बड़ी ही मशक्कत करनी पड़ती है। गांव में नालियों के अभाव में पानी की उचित निकासी नही हो पाती है जिससे घरों के बाहर कीचड़ व गंदा पानी भरा रहता है।
-युवाओं ने बताई कई समस्याएं
गांव के मंदिर चौक पर एकत्र युवा मुकेश, गिरराज, मांगीलाल, दीदार सिंह, श्योदान व भारत की अगुवाई में ग्रामीणों ने कहा कि उन्होने सरकार के हर छोटे-बड़े नुमाइंदे व जनप्रतिनिधियों से गांव की समस्या दूर करने के लिए कई बार गुहार लगाई। गत वर्ष राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया था। लेकिन प्रशासन ने पुलिस कार्रवाई कर गा्रमीणों की आवाज को चुप कर दिया।
-हेण्डपम्प ठीक करवा देगे
इस सम्बंध में ग्राम पंचायत सलोतिया के सचिव दुष्यंत सिंह ने बताया कि गांव वृंदावन में खराब पडे हेण्डपम्प को ठीक करवा दिया जाएगा। शमशान के लिए गांव वालों द्वारा बनाई जगह वन क्षेत्र में आती है इसलिए वहां ग्राम पंचायत की ओर से कुछ भी कार्य नही किया जा सकता है।
-गर्मी से पहले सुचारु हो जाएगी व्यवस्था
इस सम्बंध में जलदाय विभाग झालावाड़. के सहायक अभियंता मंगलङ्क्षसह परमार ने बताया कि गांव वृंदावन में नई बड़ी पाइप लाइन डाल दी गई है। गांव में बड़ी टंकी का भी निर्माण कार्य चल रहा है। गर्मी से पहले गांव में पेयजल व्यवस्था पूरी तरह सुचारु कर दी जाएगी।

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