झांसी के उत्तर मध्य रेलवे में इस पद पर कार्यरत थे आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी

झांसी के उत्तर मध्य रेलवे में इस पद पर कार्यरत थे आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी

Brij Kishore Gupta | Publish: Nov, 02 2018 10:46:50 PM (IST) | Updated: Nov, 02 2018 10:46:51 PM (IST) Jhansi, Jhansi, Uttar Pradesh, India

झांसी के उत्तर मध्य रेलवे में इस पद पर कार्यरत थे आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी

झांसी। बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.सुरेन्द्र दुबे ने हिन्दी के मूर्धन्य विद्वान आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी के नाम पर बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय परिसर में संचालित हिन्दी विभाग के ग्रंथालय का उद्घाटन किया। इस अवसर पर बताया गया कि आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी झांसी के उत्तर मध्य रेलवे में तार बाबू के पद पर कार्यरत रहे।
युग प्रवर्तक साहित्यकार थे
कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे ने कहा कि राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त ने भी आचार्य द्विवेदी के संरक्षण और निर्देशन में खड़ी बोली हिन्दी में अपना लेखन कार्य प्रारम्भ किया। उन्होंने बताया कि द्विवेदी का झांसी के प्रति विशेष अनुराग रहा है। द्विवेदी जी ने झांसी शहर में उत्तर मध्य रेलवे में तार बाबू के पद पर भी कार्य किया था।
यहां उपलब्ध है पुस्तकों का बड़ा संग्रह
बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय परिसर में हिन्दी विभाग के विभागाध्यक्ष डा.मुन्ना तिवारी ने इस अवसर पर कहा कि आचार्य द्विवेदी ने हिन्दी साहित्य की जो सेवा और श्रीवृद्धि की है हिन्दी विभाग ने अपने ग्रन्थालय का नाम उनके नाम पर रखकर उनके प्रति अपनी कृतज्ञता ज्ञापित करने का प्रयास किया है। डा.तिवारी ने बताया कि ग्रन्थालय में हिन्दी साहित्य की विभिन्न विधाओं की पुस्तकों का एक बड़ा संग्रह उपलब्ध है, जिसका लाभ विद्यार्थी, शोध छात्र तथा शिक्षक उठा सकते हैं।
इन पुस्तकों का हुआ विमोचन
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दुबे ने बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय परिसर एवं सम्बद्ध महाविद्यालयों में हिन्दी के पाठ्यक्रम हेतु हिन्दी विभाग के षिक्षकों के द्वारा लिखित एवं संम्पादित पुस्तकों को लोकार्पण भी किया। इस अवसर पर डा.मुन्ना तिवारी एवं डा.पुनीत बिसारिया द्वारा रचित काव्य वैभव, डा नवेन्दु सिंह एवं नवीन चन्द पटेल के द्वारा रचित निबन्ध नवीन, डा.राजेश पाण्डेय एवं डा.अचला पाण्डेय द्वारा रचित कहानी विविधा, डा.मुन्ना तिवारी एवं डा.विनम्रसेन सिंह द्वारा रचित रंग वीथिका, डा पुनीत बिसारिया एवं डा.श्रीहरि त्रिपाठी द्वारा रचित प्रकीर्ण विविधा तथा डा.मुन्ना तिवारी द्वारा रचित काव्य मंजरी का विमोचन किया गया।

 

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