फसल काटने के बाद किसान खेत में न करें ये काम, हो सकती है जेल

फसल काटने के बाद किसान खेत में न करें ये काम, हो सकती है जेल

यह हिदायत उपनिदेशक (कृषि) डा. यू पी सिंह ने उप संभागीय कृषि सभागार में आयोजित कृषक-वैज्ञानिक संवाद के दौरान दी।

झांसी. फसल काटने के बाद किसान खेत में खड़े फसल के ठूंठों में आग हरगिज न लगाएं, यदि ऐसा करते हैं तो आर्थिक दंड के साथ जेल भी  हो सकती है। खेत में आग लगाने से मिट्टी में जीवाश्म की कमी होती है। इसके साथ ही दुर्घटना की भी संभावना बनी रहती है। यह हिदायत उपनिदेशक (कृषि) डा. यू पी सिंह ने उप संभागीय कृषि सभागार में आयोजित कृषक-वैज्ञानिक संवाद के दौरान दी।




2500 एकड़ भूमि पर हो रही है जैविक खेती

उप निदेशक (कृषि) डा.यूपी सिंह ने भारत की सहभागिता जैविक प्रतिभूति प्रणाली (पीजीएस) की जानकारी देते हुए बताया कि वेबसाइट पर पंजीयन किया जा चुका है। आनलाइन प्रमाणन की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बताया कि इस योजना में 2500 किसानों का चयन किया गया है। इसके अंतर्गत 2500 एकड़ भूमि पर जैविक खेती हो रही है। उन्होंने बताया कि कलस्टर से 8 किसानों के उत्पाद के नमूने लिए गए। इन्हें एनएपीएल लैब से परीक्षण कराया जा रहा है। यदि उत्पाद में किसी भी प्रकार का रसायन उर्वरक का प्रयोग पाया जाता है, तो सर्टिफिकेशन नहीं होगा। ऐसे कलस्टर में रसायन खाद और कीटनाशक का प्रयोग न करें। कलस्टर में पारंपरिक खाद की प्रयोग करें।




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फसल कटाई के बाद खेतों में गहरी करें जुताई

कृषक-वैज्ञानिक संवाद कार्यक्रम में फसल शोध केंद्र मऊरानीपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा.पी के सोनी ने बताया कि फसल कटाई के बाद खेत की गहरी  जुताई करें, ताकि फसल के अवशेष खेत में ही मिल जाएं और सड़कर खाद बन जाएं।




खरीफ की बुआई की योजना करें तैयार

इस मौके पर उन्होंने कहा कि खरीफ की बुवाई के लिए फसलों की योजना बनाएं। तिल, उर्द, मूंगफली और मूंग की बुवाई की तैयारी करें। उन्होंने किसानों को लाभदायक किस्मों की जानकारी देते हुए कहा कि उर्द-35, पंत उर्द, मूंग में सम्राट शेखर-1, शेखर-2 की बुवाई करें, ताकि बीज की शुद्धता बनी रहे। उन्होंने तिल की प्रजातियों में प्रगति, आरटी 351 का प्रयोग करने की सलाह दी। वहीं नारायण बाग के अधीक्षक डा.डीएस यादव ने भी किसानों को आय बढ़ोत्तरी के लिए अनेक योजनाओं की जानकारी दी।




ये लोग रहे उपस्थित

इस अवसर पर जिला कृषि अधिकारी डा.बी आर मौर्य, महेश कुमार पांडेय, प्रियंका वर्मा, हीरालाल रावत, अरविंद पिपरैया, आलोक यादव और शोभाराम आदि उपस्थित रहे।


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