शिक्षकों और स्नातकों की तरह ही इन्होंने भी मांगा विधान परिषद में प्रतिनिधित्व

शिक्षकों और स्नातकों की तरह ही इन्होंने भी मांगा विधान परिषद में प्रतिनिधित्व

BK Gupta | Publish: Mar, 14 2018 01:39:46 PM (IST) | Updated: Mar, 14 2018 01:39:47 PM (IST) Jhansi, Uttar Pradesh, India

शिक्षकों और स्नातकों की तरह ही इन्होंने भी मांगा विधान परिषद में प्रतिनिधित्व

झांसी। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश महामंत्री दिलीप सेठ ने कहा कि जिस तरह से विधान परिषद में स्नातक और शिक्षक के लिए सीट सुरक्षित है, उसी तरह व्यापारी वर्ग के लिए भी सीट सुरक्षित की जानी चाहिए। इस आशय का एक ज्ञापन मुख्यमंत्री को देते हुए व्यापारियों के प्रतिनिधि मंडल ने यह मांग उठाई है। व्यापारी नेता ने यहां पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि केंद्र सरकार द्वारा एक देश एक टैक्स की नीति पर काम किया जा रहा है। इसके बावजूद देश में कई स्थानों पर व्यापारियों से जीएसटी के साथ ही मंडी शुल्क की तरह कुछ और टैक्स लिए जा रहे हैं। हमारी सरकार से मांग है कि मंडी शुल्क खत्म किया जाना चाहिए।

केंद्रीय मंत्री ने मानी अधिकांश मांगें

उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश महामंत्री दिलीप सेठ ने दावा किया कि संगठन के सुझाव के बाद ही केंद्र सरकार ने जीएसटी में सरलीकरण किया था। उन्होंने बताया कि जीएसटी को लेकर संगठन के प्रदेश अध्यक्ष श्याम बिहारी मिश्रा ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को 15 सूत्रीय ज्ञापन दिया था। इसमें से अधिकांश मांगों को केंद्रीय मंत्री द्वारा मान लिया गया है।

व्यापारियों को मिलें लोकसभा के टिकट

इस मौके पर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के बुंदेलखंड प्रभारी राजीव राय ने आगामी लोकसभा चुनाव में व्यापारी वर्ग के लिए अधिक से अधिक टिकट देने की मांग उठाई। इससे पहले उन्होंने व्यापारियों से चर्चा करते हुए व्यापारिक समस्याओं को सुना। इसके साथ ही उन्होंने उन समस्याओं के निराकरण के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों से बातचीत करने का भरोसा दिलाया।

ये लोग रहे उपस्थित

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष अशोक जैन, जिला कोषाध्यक्ष अनिल कुमार गुप्ता, जिला महामंत्री राघव वर्मा, महेश राय, रमेश जौरी, अर्जुन गोयल, मुकेश मिश्रा, कंचन आहूजा, बीना तलवार, अरुण राय और प्रदीप तिवारी समेत अनेक व्यापारी नेता मौजूद रहे।

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