20 जून के बाद कभी भी आ सकते हैं सीएम योगी, कहां-कहां करेंगे औचक निरीक्षण, इसको लेकर सस्पेंस

20 जून के बाद कभी भी आ सकते हैं सीएम योगी, कहां-कहां करेंगे औचक निरीक्षण, इसको लेकर सस्पेंस

Neeraj Patel | Updated: 14 Jun 2019, 08:44:35 PM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

कमिश्नर ने अफसरों को बताईं सीएम की प्राथमिकताएं, कमियों के लिए लगाई फटकार, दुरुस्त करने के निर्देश

 

झांसी. प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 20 जून के बाद कभी भी मंडल स्तरीय समीक्षा के लिए झांसी मंडल के दौरे पर आ सकते हैं। इस दौरान वह कहां-कहां औचक निरीक्षण करने जाएंगे, इसको लेकर सस्पेंस बना हुआ है और इसी वजह से अफसरों में हड़कंप की स्थिति है। हालांकि, यहां पर सीएम के दौरे की तैयारियों के संबंध में मंडलायुक्त श्रीमती कुमुदलता श्रीवास्तव ने मंडल भर के अधिकारियों की एक बैठक ली। बैठक में उन्होंने मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं के संबंध में बताया। साथ ही विभिन्न बिंदुओं पर कमियां उजागर होने पर उन्होंने अफसरों को फटकार भी लगाई और कमियों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

ये है सीएम की प्राथमिकताएं

मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में शामिल पशु आश्रय स्थल सहित अन्य बिंदुओं की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त श्रीमती कुमुद लता श्रीवास्तव ने अधिशासी अभियंता आरईएस जालौन के अनुपस्थित होने व प्रगति खराब होने पर स्पष्टीकरण लेने के आदेश दिए। वहीं उन्होंने झांसी गौवंश विहार के लिए आरईएस द्वारा अब तक इस्टीमेट नहीं बनाए जाने पर फटकार लगाई। गेहूं खरीद समीक्षा में झांसी गेहूं खरीद में हुए गोलमाल पर रीजनल मैनेजर यूपीएसएस बीबी कुशवाहा को कड़ी फटकार लगाते हुए शीघ्र ही किसानों के लंबित भुगतान कराने के निर्देश दिए। साथ ही स्कूलों में शिक्षा स्तर सुधारे जाने के लिए औचक निरीक्षण के निर्देश व कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों के निरीक्षण करने तथा व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए जाने के निर्देश बैठक में कमिश्नर ने दिए।

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इन बिंदुओं पर जताई नाराजगी

इसके अलावा कमिश्नर ने गौआश्रय स्थल, कांजी हाउस, निराश्रित गौवंश संरक्षण की समीक्षा में जिला जालौन की प्रगति बेहद असंतोषजनक पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की और स्थिति में सुधार लाने के निर्देश दिए। गौशाला सुदृढ़ में जालौन द्वारा गलत सूचना देने पर सीवीओ को फटकार लगाई। कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं समीक्षा कर रहे हैं और आप गलत जानकारी दे रहे। भरण पोषण हेतु तीनों जिलों को 3.50 करोड़ प्राप्त हुआ। इसमें जालौन ने 99 लाख, झांसी 194.59 लाख और ललितपुर जिले में 64.525 लाख व्यय कर लिया है। यहां भी जालौन पीछे है। इसके अलावा भूसा खरीद में भी जालौन पीछे है।

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