डीएम ने अफसरों को चेताया- कहा-ये है सीएम (CM YOGI)की प्राथमिकता वाला कार्यक्रम, पूरा करने को दस दिन की मोहलत

डीएम ने अफसरों को चेताया- कहा-ये है सीएम (CM YOGI)की प्राथमिकता वाला कार्यक्रम, पूरा करने को दस दिन की मोहलत

Brij Kishore Gupta | Updated: 11 Jul 2019, 03:37:34 PM (IST) Jhansi, Jhansi, Uttar Pradesh, India

जिलाधिकारी शिवसहाय अवस्थी ने कहा कि निराश्रित गौवंश संरक्षण तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ(CM YOGI) की प्राथमिकता वाला कार्यक्रम है। इसको संवेदनशील होकर क्रियांवित किया जाए।

डीएम ने अफसरों को चेताया- कहा-ये है सीएम (CM YOGI)की प्राथमिकता वाला कार्यक्रम, पूरा करने को दस दिन की मोहलत

झांसी। जिलाधिकारी शिवसहाय अवस्थी ने कहा कि निराश्रित गौवंश संरक्षण तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ(CM YOGI) की प्राथमिकता वाला कार्यक्रम है। इसको संवेदनशील होकर क्रियांवित किया जाए। वह यहां विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय गौसंरक्षण हेतु अनुश्रवण एवं मूल्यांकन समीक्षा समिति की बैठक में अध्यक्षता करते हुए दिशा-निर्देश दे रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि नगर निगम दस दिन में अभियान चलाते हुए सभी छुट्टा गौवंश को गौ आश्रय स्थल पर संरक्षित करे, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी। सभी अस्थाई गौआश्रय स्थल पर संकलित गौवंश का सत्यापन कराया जाए, ताकि जो सूचना दी गई है, उससे मिलान हो सके। जिले के पांच गौवंश विहार एक सप्ताह में पूर्ण क्षमता के साथ संचालित किए जाएं। साथ ही गौवंश की जो क्षमता है, उसे भी शतप्रतिशत पूर्ण किया जाए। जिले में दो सौ अस्थाई गौआश्रय स्थलों पर भूमि पूजन कर कार्यक्रम प्रारंभ करने के भी निर्देश उन्होंने दिए। इसके साथ ही कहा कि जिले के सभी चरागाह स्थलों को कब्जा मुक्त कराते हुए बीडीओ चारा उगाए जाने की कार्रवाई सुनिश्चित करें।

जिला पंचायत ने पूरा नहीं किया टारगेट

बैठक में बताया गया कि सीएम योगी (CM YOGI) का ध्यान इसी योजना पर है। जिला पंचायत को 21 कांजी हाउस का निर्माण कराते हुए उन्हें पूर्ण क्षमता के साथ संचालित कराने का लक्ष्य था, लेकिन जिला पंचायत 15 ही पूर्ण करा सकी। उन्होंने इन्हें एक सप्ताह के अंदर पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पूर्ण क्षमता के साथ गौवंश संरक्षित किया जाए। नगर निगम द्वारा निर्मित कान्हा उपवन में एक सौ दस गौवंश संरक्षित होने पर उन्होंने नाराजगी जताई। कहा कि पूर्ण क्षमता के साथ गौवंश रखा जाए। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि दस दिन में नगर निगम में कोई भी छुट्टा गौवंश नहीं रहना चाहिए। यदि भ्रमण के दौरान दिखाई देगा, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नगर निगम के अस्थाई पशुआश्रय स्थलों के पशुओं की गणना व सत्यापन के निर्देश दिए।

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