सीबीसीआईडी का फर्जी इंस्पेक्टर अरेस्ट, दो-दो परिचय पत्र बरामद

BK Gupta

Publish: Feb, 15 2018 04:08:22 PM (IST)

Jhansi, Uttar Pradesh, India
सीबीसीआईडी का फर्जी इंस्पेक्टर अरेस्ट, दो-दो परिचय पत्र बरामद

लोगों से पैसा कर रहा था वसूल

झांसी। राजकीय रेलवे पुलिस ने फर्जी सीबीसीआईडी इंस्पेक्टर बनकर लोगों से पैसा वसूल करते समय एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से दो फर्जी आईकार्ड भी बरामद किए गए हैं। रेलवे पुलिस ने पकड़े गए फर्जी इंस्पेक्टर के रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है। इस मामले में रेलवे पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
प्लेटफार्म से हुई अरेस्टिंग
अपर पुलिस महानिदेशक वी के मौर्या, पुलिस अधीक्षक रेलवे डा ओ पी सिंह, सीओ रेलवे धर्मेन्द्र कुमार सिंह के निर्देश पर उपनिरीक्षक हरिविलास, आरक्षी सतेन्द्र सिंह, जगवीर सिंह, रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश में लगे हुए थे। यह टीम प्लेटफार्म नंबर एक पर चेकिंग कर रही थी। तभी मुखबिर ने टीम को सूचना दी कि एक व्यक्ति जो अपने को सीबीसीआईडी का बताकर ट्रेनों में सफर करता है। वह प्लेटफार्म नंबर चार व पांच पर ओवर ब्रिज के पास बेंच में बैठा हुआ है। इस सूचना पर टीम मौके पर पहुंचे और वहां बैठे व्यक्ति ने अपना नाम नरेश चंद्र वर्मा निवासी 250 महावीर नगर बरथना थाना जनपद इटावा बताते हुए अपने को सीबीसीआईडी इंस्पेक्टर बताया। इसी बीच दाहिने हाथ से बायीं जेब में रखा हुआ पहचान पत्र दिखाया। इसके ऊपरी भाग पर लाल कलर से उत्तर प्रदेश पुलिस प्रिन्ट है तथा काले स्केच पेन से 839740124 व नरेश सिंह पद इंस्पेक्टर सीबीसीआईडी व जारी करने का तारीख 24 फरवरी 2014 तथा वैधता की तिथि 23 फरवरी 2019 है। इसमें फोटो लगा हुआ है। इस पर दो जगहों पर सुप्रिन्टेन्डेंट आफ पुलिस सीबीसीआईडी की मुहर व वर्दी में फोटो चस्पा है। इसको पलटकर देखा गया तो पिता का नाम स्व. टीकाराम स्थायी पता 167 फ्रेन्ड्स कालोनी इटावा व जन्मतिथि 5 अक्तूबर 1972 व पहचान का प्रत्यक्ष निशान व धारक के हस्ताक्षर बने हुए हैं। शक होने पर पोस्टिंग स्थल के विषय में पूछा तो वह माफी मांगने लगा।
ऐसा है उसका दूसरा आईकार्ड
रेलवे पुलिस के मुताबिक दूसरा पहचान पत्र देते हुए बताया कि वह एसएबी इंटर कालेज में कामर्स का प्रवक्ता है। दूसरे कार्ड को देखा गया तो उस पर नरेश चंद्र वर्मा प्रवक्ता वाणिज्य अंकित है। उसने बताया कि एसएबी इंटर कॉलेज भरथना इटावा में प्रवक्ता के पद पर कार्यरत था। फंड की रकम के घोटाले में उसे वर्ष 2017 में बर्खास्त कर दिया गया। इसके बाद उसने अपना सीबीसीआईडी के दारोगा का फर्जी आईकार्ड बनाया और उसके माध्यम से लोगों को डरा-धमका कर रुपए वसूल करता था। इस मामले में आरोपी के खिलाफ 419,468, 471 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया। उक्त आरोपी को अदालत में पेश किया गया। वहां से उसे जेल भेजा गया।

डाउनलोड करें पत्रिका मोबाइल Android App: https://goo.gl/jVBuzO | iOS App : https://goo.gl/Fh6jyB

Ad Block is Banned