झांसी। श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाए जाने वाले श्रावणी तीज या हरियाली तीज का रंग इन दिनों जगह-जगह पर नजर आने लगा है। यूं तो हरियाली तीज 13 अगस्त दिन सोमवार को मनाई जाएगी, लेकिन उससे पहले ही इससे पूर्व के कार्यक्रम शुरू हो गए हैं। इसमें मेंहदी से लेकर रंगोली तक की तमाम प्रतियोगिताएं हो रही हैं। इसमें भी सबसे खास नजारा होता है कि प्रतिभागी सारी महिलाएं हरे-हरे लिबास में ही नजर आती हैं।

शुरू हुई कार्यक्रमों की धूम

जिझौतिया ब्राह्मण महिला मंडल के तत्वावधान में राजकीय संग्रहालय में हरियाली तीज कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें महिलाओं ने सावन के गीतों को गुनगुनाते हुए कई मनोरंजक गेम खेले। इस अवसर पर आयोजित रंगोली प्रतियोगिता में रिद्दी रावत प्रथम, गौरी गोस्वामी द्वितीय और रिया तिवारी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा मेंहदी प्रतियोगिता में शिवांगी रावत ने प्रथम, अमृता शर्मा ने द्वितीय और यशवी दुबे ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। उधर, गहोई गौरव महिला विंग के त्तवावधान में नीतू सिंह के मुख्य आतिथ्य और प्रीति मिलन गुप्ता की अध्यक्षता में हरियाली तीज कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इसके अलावा जेसीआई की महिलाओं ने हरियाली तीज कार्यक्रम मनाया।

ये है व्रत का महत्व

हरियाली तीज का यह त्यौहार व्रत के रूप में लगभग पूरे उत्तर भारत में मनाया जाता है। इसमें विवाहित महिलाएं भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करती हैं।

ये हैं हरियाली तीज व्रत से जुड़ी कुछ खास बातें-

1- हरियाली तीज व्रत करने के पीछे कथा है कि मां पार्वती ने भगवान शिव से विवाह करने के लिए बहुत ही कठिन तपस्या की थी। इस तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव आज ही के दिन यानी श्रावण मास शुक्ल पक्ष की तीज को मां पार्वती के सामने प्रकट हुए और उन्हें शादी करने का वरदान दिया था। इस दिन महिलाएं मिट्टी या बालू से मां पार्वती और शिवलिंग बनाकर उनकी पूजा करती हैं। पूजा के बाद मिट्टियों की इन मूर्तियों को नदी या किसी पवित्र जलाशय में प्रवाहित करने की प्रथा है।

 

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