जालौन संसदीय सीटः सभी दलों ने घोषित किए प्रत्याशी, मुकाबला त्रिकोणीय

भाजपा ने मौजूदा सांसद पर जताया भरोसा, बसपा ने उतारा नया चेहरा और कांग्रेस ने कभी बसपाई सांसद रहे खाबरी पर लगाया दांव...

झांसी. लोकसभा चुनाव 2019 के चुनाव में यूपी की जालौन सुरक्षित सीट पर सभी प्रमुख दलों ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दिए हैं। इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी ने अपने मौजूदा सांसद भानु प्रताप वर्मा पर फिर से भरोसा जताया है। इसके अलावा कांग्रेस ने किसी जमाने में बसपा से इसी सीट से सांसद और बाद में राज्यसभा सदस्य रहे बृजलाल खाबरी को चुनाव मैदान में उतारा है। वहीं, सपा-बसपा गठबंधन में यह सीट बीएसपी के खाते में आने पर पार्टी सुप्रीमो मायावती ने पंकज सिंह अहिरवार को चुनाव मैदान में उतारा है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों को उनके राजनीतिक तजुर्बे और क्षेत्र में पकड़ का लाभ मिलेगा, तो बसपाई प्रत्याशी को गठबंधन के तहत सपा-बसपा के वोट बैंक का सहारा है। इस तरह से इस सीट पर अब दिलचस्प त्रिकोणीय मुकाबले के आसार नजर आने लगे हैं।

 

ऐसा है जालौन का राजनीतिक इतिहास

जालौन में 1984 तक तो कांग्रेस का इतिहास बेतहरीन रहा। सन् 1952 से 1984 तक हुए लोकसभा चुनाव में इस सीट से केवल 1977 में छोड़कर बाकी सभी चुनावों में कांग्रेस के ही सांसद चुने गए। 1977 में यहां से भारतीय लोकदल के रामचरन सांसद चुने गए। इसके अलावा कांग्रेस से जीतने वाले सांसदों में लोटन राम, होती लाल, चौधरी रामसेवक, नाथूराम शाक्यवार व चौधरी लच्छीराम शामिल रहे।

 

1989 के बाद से बदली तस्वीर

जालौन सीट पर 1989 के चुनाव के बाद तस्वीर बदलने लगी। 1989 के चुनाव में जनता दल के रामसेवक भाटिया सांसद चुने गए। वहीं, बसपा ने इस चुनाव में धमाकेदार एंट्री मारी। बसपा के बाबू रामाधीन दूसरे नंबर पर रहे। इसके बाद 1991 के चुनाव में भाजपा ने इस सीट पर पहली बार जीत का स्वाद चखा। भाजपा के गयाप्रसाद कोरी सांसद चुने गए और दूसरे नंबर पर रहे बसपा के बाबू रामाधीन। 1996 के चुनाव में यहां से भाजपा के भानु प्रताप सिंह वर्मा सांसद चुने गए। बसपा के चैनसुख भारती दूसरे नंबर पर रहे। 1998 में फिर एक बार भाजपा के भानु वर्मा सांसद चुने गए और दूसरे नंबर पर फिर बसपा रही। बसपा के प्रत्याशी थे मानसिंह। फिर 1999 में हुए चुनाव में पहली बार बसपा ने इस सीट पर जीत का परचम फहराने में कामयाबी पाई। बसपा के टिकट पर बृजलाल खाबरी सांसद चुने गए और दूसरे नंबर पर रहे भाजपा के भानु वर्मा। 2004 के चुनाव में भाजपा के भानु वर्मा ने फिर बाजी मारी और दूसरे नंबर पर समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी घनश्याम कोरी ने जगह बनाई। इसके बाद 2009 के अगले ही चुनाव में इस सीट पर घनश्याम ने जीत दर्ज करके समाजवादी पार्टी का झंडा ऊंचा कर दिया। दूसरे नंबर पर बसपा के तिलक अहिरवार रहे। 2014 के चुनाव में फिर भाजपा ने यह सीट वापस हासिल कर ली। भाजपा के भानु वर्मा यहां से एक बार फिर सांसद चुने गए। दूसरे नंबर पर रहे बसपा के बृजलाल खाबरी।

 

प्रत्याशियों के सामने है बड़ी चुनौती

इस चुनाव में तीनों प्रत्याशियों के सामने बड़ी चुनौती है। भाजपा के भानु वर्मा के सामने अपना प्रदर्शन दोहराने की चुनौती है। वहीं, सन् 1999 के चुनाव में बसपा के टिकट पर चुनाव जीतने वाले बृजलाल खाबरी इस बार कांग्रेस का हाथ थामकर चुनाव मैदान में हैं। उनके सामने पिछले 30 साल से मुख्य लड़ाई से बाहर चल रही कांग्रेस की इस चुनाव में वापसी कराने की सबसे बड़ी चुनौती है। इसके अलावा गठबंधन के तहत चुनाव मैदान में उतरे बसपा प्रत्याशी पंकज सिंह अहिरवार के सामने सपा-बसपा गठबंधन की सार्थकता को सिद्ध करने की चुनौती है। ऐसे में तीनों ही प्रत्याशी इस चुनाव में एड़ी-चोटी का जोर लगाने में जुट गए हैं।

 

जालौन संसदीय क्षेत्र में मतदाता

कुल मतदाता- 1887189
पुरुष मतदाता- 1037570
महिला मतदाता- 849595
थर्ड जेंडर- 24

 

2014 के चुनाव में प्रत्याशियों की स्थिति

भाजपा- भानु प्रताप सिंह वर्मा- 548631
बीएसपी- बृजलाल खाबरी- 261429
सपा- घनश्याम अनुरागी- 180921
कांग्रेस- विजय चौधरी- 82903

 

BJP Congress
Show More
नितिन श्रीवास्तव
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned